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ऑप्टिक्स
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ऑप्टिक्स Opticks.jpg सर आइज़ैक न्यूटन अंग्रेजी ग्रेट ब्रिटेन प्रकाशिकी, भौतिक विज्ञान, वर्णक्रम सैम स्मिथ और बेंजामिन वालफोर्ड (रॉयल सोसाइटी के मुद्रक)
ऑप्टिक्स (en Opticks no), जिसका पूरा शीर्षक ऑप्टिक्स: या, प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन, आनमन और रंगों का एक ग्रंथ है, 1704 में महान अंग्रेजी भौतिक विज्ञानी सर आइज़ैक न्यूटन द्वारा प्रकाशित एक ऐतिहासिक और कालजयी पुस्तक है। न्यूटन की पिछली उत्कृष्ट कृति, 'प्रिंसिपिया' के विपरीत, जिसे लैटिन में लिखा गया था और जो गुरुत्वाकर्षण एवं यांत्रिकी पर केंद्रित थी, 'ऑप्टिक्स' को आम अंग्रेजी भाषा में लिखा गया था। यह पुस्तक पूरी तरह से प्रकाश की प्रकृति, लेंस, प्रिज्म और रंग सिद्धांत के प्रयोगों पर आधारित है।"स्टीफन हेल्स का "स्टैटिकल वे"
मुख्य खोजें और प्रयोग
1. प्रकाश का वर्णविक्षेपण और स्पेक्ट्रम
इस पुस्तक की सबसे युगांतरकारी खोज 'सफेद प्रकाश' की प्रकृति से संबंधित है। उस समय तक यह माना जाता था कि सफेद प्रकाश अपनी शुद्धतम अवस्था में होता है और प्रिज्म उस प्रकाश में रंग "मिलाता" है।
न्यूटन ने एक अंधेरे कमरे में एक छोटे से छेद से सूर्य की किरण को गुज़ारा और उसे एक कांच के प्रिज्म पर डाला। प्रिज्म ने प्रकाश को सात रंगों (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल) की एक पट्टी में विभाजित कर दिया, जिसे न्यूटन ने स्पेक्ट्रम नाम दिया। उन्होंने इसे एक और उल्टे प्रिज्म से गुज़ारकर वापस सफेद प्रकाश में बदल दिया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि सफेद प्रकाश स्वयं सभी रंगों का मिश्रण है, और प्रिज्म केवल प्रकाश का वर्णविक्षेपण करता है।
2. प्रकाश का कणिका सिद्धांत
न्यूटन ने तर्क दिया कि प्रकाश तरंगों से नहीं, बल्कि अत्यधिक सूक्ष्म और गतिमान कणों से बना है। उन्होंने इसे कणिका सिद्धांत कहा। उनका मानना था कि चूँकि प्रकाश सीधी रेखाओं में चलता है और किसी बाधा के चारों ओर नहीं मुड़ता (जैसे कि ध्वनि तरंगें मुड़ती हैं), इसलिए यह छोटे-छोटे द्रव्यमान रहित कणों की एक धारा होनी चाहिए जो एक चमकदार स्रोत से उत्सर्जित होती है।
3. न्यूटन के वलय और विवर्तन
यद्यपि न्यूटन ने प्रकाश के तरंग सिद्धांत का विरोध किया था, लेकिन उन्होंने 'ऑप्टिक्स' में कई ऐसे प्रयोगों का वर्णन किया जो आधुनिक भौतिकी में 'व्यतिकरण' और 'विवर्तन' के प्रमाण माने जाते हैं। उन्होंने एक समतल कांच के ऊपर एक उत्तल लेंस रखा और देखा कि उनके बीच हवा की पतली परत के कारण संकेंद्रित रंगीन छल्ले बन रहे हैं। इसे आज न्यूटन के वलय के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने प्रकाश के तीखे किनारों से मुड़ने का भी अध्ययन किया, जिसे उन्होंने 'आनमन' कहा (जिसे आज विवर्तन कहा जाता है)।Sabra A. I. Theories of Light, from Descartes to Newton https://archive.org/details/theoriesoflightf0000sabr Cambridge University Press 1981 978-0521284363 231-236न्यूटन - नवाचार और विवाद
'क्वेरीज़'
'ऑप्टिक्स' के तीसरे भाग के अंत में न्यूटन ने कई अनसुलझे प्रश्न या क्वेरीज़ सूचीबद्ध किए। मूल संस्करण में 16 क्वेरीज़ थीं, जिन्हें बाद के संस्करणों में बढ़ाकर 31 कर दिया गया।
ये क्वेरीज़ केवल प्रकाश तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इनमें ब्रह्मांड की प्रकृति, गुरुत्वाकर्षण, रासायनिक बलों, और परमाणुओं के अस्तित्व के बारे में न्यूटन की गहरी दार्शनिक और सैद्धांतिक अटकलें शामिल थीं। 'क्वेरी 31' में उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि पदार्थ छोटे, ठोस, अविनाशी कणों से बने हैं, जो भविष्य के परमाणु सिद्धांत की नींव थी।Cohen I. Bernard Newton's Copy of Leibniz's Theodicy: With Some Remarks on the Turned-down Pages of Books, the Queries of the Opticks, and Newton's Later Thought Isis 73 3 1982 410-414
'ऑप्टिक्स' के प्रकाशन ने 18वीं शताब्दी के विज्ञान पर गहरा प्रभाव डाला। चूँकि न्यूटन का वैज्ञानिक दबदबा बहुत अधिक था, इसलिए उनका 'कणिका सिद्धांत' लगभग एक सदी तक निर्विवाद रूप से भौतिकी पर हावी रहा।
डच भौतिक विज्ञानी क्रिश्चियन हाइगेंस ने उसी दौरान प्रकाश का 'तरंग सिद्धांत' दिया था, लेकिन न्यूटन के प्रभाव के कारण इसे नजरअंदाज कर दिया गया। 19वीं सदी की शुरुआत में जब थॉमस यंग और ओगुस्तें-जाँ फ़्रेनेल ने व्यतिकरण सिद्ध किया, तब जाकर तरंग सिद्धांत को मान्यता मिली। हालाँकि, 20वीं सदी में अल्बर्ट आइंस्टीन के 'फोटॉन' और 'तरंग-कण द्वैत' के सिद्धांत ने सिद्ध कर दिया कि न्यूटन का प्रकाश को कण मानने का विचार पूरी तरह गलत नहीं था।Buchwald Jed Z. The Rise of the Wave Theory of Light: Optical Theory and Experiment in the Early Nineteenth Century https://archive.org/details/riseofwavetheory0000buch University of Chicago Press 1989 978-0226078861 12-18"हाइड्रोस्टैटिक्स, ऑप्टिक्स, साउंड एंड हीट"।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग पर ऑप्टिक्स (मुफ़्त ई-बुक)
श्रेणी:प्रकाशिकी
श्रेणी:भौतिकी का इतिहास