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सेतरावा
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सेतरावा Setrawa en तहसील India Rajasthan#India right Location in Rajasthan, India 26 37 0 N 72 20 0 E inline,title देश भारत राज्य राजस्थान जिला फलोदी Metric 1 273 5000 2011 auto भाषाएँ आधिकारिक मारवाड़ी भा॰मा॰स॰ +5:30 पिन कोड 342025 RJ19 Coastline RJ-IN
सेतरावा राजस्थान के जोधपुर जिले में शेरगढ़ तहसील में स्थित एक कस्बा है तथा उपतहसील है। Village Panchayat Names of SHERGARH,JODHPUR,RAJASTHAN शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान की ग्राम पंचायत http://panchayatdirectory.gov.in/adminreps/viewpansumSQL.asp?selstate=729&parenttype=B&ptype=V अंग्रेज़ी 18 अक्तूबर 2014 https://web.archive.org/web/20130513211933/http://panchayatdirectory.gov.in/adminreps/viewpansumSQL.asp?selstate=729&parenttype=B&ptype=V 13 मई 2013 dead
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कहा जाता है कि कन्नौज के शासक जयचंद से नाराज होकर उनके भतीजों राव सीहाजी एवं सेतरामजी ने कन्नौज से मारवाड़ की ओर प्रस्थान किया। बीच रास्ते में हुए युद्ध में सेतरामजी वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। जिस स्थान पर सेतरामजी ने वीरगति प्राप्त की, उस स्थान का नाम सेतरावा रखा गया। राव सीहाजी ने पाली को अपनी कर्म स्थली बनाया। उनके वंशज राव जोधाजी ने जोधपुर की स्थापना की थी। स्पष्ट है कि सेतरावा कस्बे की स्थापना जोधपुर से भी बहुत पहले हो गई थी।
भौगोलिक स्थिति
सेतरावा कस्बा जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर जोधपुर से 105 किलोमीटर एवं जैसलमेर से 183 किमी की दूरी पर स्थित है। फलोदी-रामजी की गोल मेगा हाइवे भी कस्बे से होकर गुजरता है। इसकी समुन्द्र तल से औसत ऊंचाई 273 मीटर है। यहां चारों ओर रेत के टीले (जिन्हें स्थानीय बोली में धोरा बोला जाता है) हैं।
विशेष
सेतरावा में पत्थर की सैंकड़ों खानें है। जिससे निकलने वाली पत्थर की पट्टियां (जिसे स्थानीय बोली में छीण कहा जाता है) प्रसिद्ध है। यहां की छीण सवा से डेढ़ फीट चौड़ी होती हैं।
यहां पर नागाणाराय माता, माता राणी भटियाणी, चामुंडा माता और जैन मंदिर है जो तकरिबन 650 साल पुराना है एवं अन्य कई भव्य मंदिर है। कस्बे में महादेव जी का प्राचीन मठ भी है। इसके अलावा कई छोटी बड़ी भव्य छतरियां भी स्थित है। मुख्य बाजार से 3 किमी दूर जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर एक प्राचीन तालाब (जिसे बावकान तालाब के नाम से जाना जाता है) स्थित है। इसी के पास सेतरावा का प्रसिद्ध पशु मेला भरता था। जिसमें दूर-दूर से पशुपालक एवं व्यापारी पशुओं की खरीद-फरोख्त करने आते थे। विगत कुछ वर्षों से यह मेला आयोजित नहीं किया जा रहा है।
सन्दर्भ
श्रेणी:फलोदी ज़िला
श्रेणी:फलोदी ज़िले की तहसीलें