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सूर्य

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सूर्य 300px|frameless|alt=काले धब्बों के साथ श्वेत वर्ण की चमकती गेंद सूर्य, सौर फिल्टर से देखी गया स्पष्ट चित्र background: inherit; नाम सूर्य, सूरज, रवि, आदित्य विशेषण सौर प्रतीक 24px|alt=केन्द्र पर एक बिन्दु के साथ वृत्त|class=skin-invert प्रेक्षण आँकड़े पृथ्वी से औसत दूरी 1 AU149,600,000 किमी8 मिनट 19 सैकण्ड, प्रकाश गतिपितजेवा ईवी स्टैण्डिश ईएम 2009 Proposals for the masses of the three largest asteroids, the Moon–Earth mass ratio and the Astronomical Unit https://zenodo.org/record/1000691 live सेलेस्ट्रियल मेकैनिक्स एंड डायनामिकल एस्ट्रॉनॉमी 103 4 365–372 2009CeMDA.103..365P 10.1007/s10569-009-9203-8 1572-9478 121374703 https://web.archive.org/web/20190709062657/https://zenodo.org/record/1000691 9 जुलाई 2019 13 जुलाई 2019 प्रत्यक्ष चमक −26.74 (V)विलियम डीआर 1 जुलाई 2013 Sun Fact Sheet http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/factsheet/sunfact.html live https://web.archive.org/web/20100715200549/http://nssdc.gsfc.nasa.gov/planetary/factsheet/sunfact.html 15 जुलाई 2010 12 अगस्त 2013 नासा गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर निरपेक्ष चमक 4.83 वर्णक्रमीय वर्गीकरण G2Vज़ोम्बेक मार्टिन वी॰ http://ads.harvard.edu/books/hsaa/ Handbook of Space Astronomy and Astrophysics 2nd edition 1990 कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 13 जनवरी 2016 https://web.archive.org/web/20210203012304/http://ads.harvard.edu/books/hsaa/ 3 फ़रवरी 2021 live धातुता Z = 0.0122एस्पलंड एम ग्रेवेस एन सौवल एजे 2006 The new solar abundances – Part I: the observations कम्यूनिकेशन्स इन ऐस्टरोसाइज़्मोलॉजी 147 76–79 2006CoAst.147...76A 10.1553/cia147s76 123824232 free 1021-2043 कोणीय आकार 0.527–0.545°Eclipse 99: Frequently Asked Questions http://education.gsfc.nasa.gov/eclipse/pages/faq.html dead https://web.archive.org/web/20100527142627/http://education.gsfc.nasa.gov/eclipse/pages/faq.html 27 मई 2010 24 अक्टूबर 2010 नासा कक्षीय विशेषतायें आकाशगंगा के कोर से औसद दूरी 24,000 to 28,000 प्रकाश-वर्षsफ्रांसीस चार्ल्स एंडर्सन एरिक जून 2014 Two estimates of the distance to the Galactic Centre मन्थली नोटिसेज़ ऑफ़ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी 441 2 1105–1114 1309.2629 2014MNRAS.441.1105F 10.1093/mnras/stu631 free 119235554 गांगेय काल 22.5–25 करोड़ वर्ष वेग *251 किमी प्रति सैकण्ड(गांगेय केंद्र के चारों और परिक्रमा) *20 किमी प्रति सैकण्ड(तारकीय परिवेश से) *370 किमी प्रति सैकण्डखगोलीय पार्श्व सूक्ष्मतरंगी विकिरण से)5 हिंशॉ जी वीलैण्ड जेएल हिल आरएस ओडेगार्ड एन लार्सन डी बेन्नेट सीएल डुंकली जे गोल्ड बी ग्रीयसन एमआर जारोसिक एन कोमात्सु ई नोल्टा एमआर पेज एल स्पेर्गल डीएन वॉलैक ई हाल्पर्न एम कोगट ए लिमोन एम मेयेर एसएस टुकेर जीएस व्रिग्ट ईएल 2009 Five-year Wilkinson Microwave Anisotropy Probe observations: data processing, sky maps, and basic results द ऐस्ट्रोफिज़िकल जर्नल सप्लीमेंट सीरीज़ 180 2 225–245 0803.0732 2009ApJS..180..225H 10.1088/0067-0049/180/2/225 3629998 तिर्यकता 7.25° (सूर्यपथ) 67.23° (गांगेय समतल) दायाँ आरोहण उत्तरी ध्रुव 286.13° (286° 7′ 48″) उत्तरी ध्रुव से दिक्पात +63.87° (63° 52′ 12"N) तारकीय घूर्णन अवधि 25.05 दिन (विषुवत रेखा) 34.4 दिन (ध्रुव) विषुवतरेखीय घूर्णन वेग 1.997 km/sSolar System Exploration: Planets: Sun: Facts & Figures http://solarsystem.nasa.gov/planets/profile.cfm?Object=Sun&Display=Facts&System=Metric dead https://web.archive.org/web/20080102034758/http://solarsystem.nasa.gov/planets/profile.cfm?Object=Sun&Display=Facts&System=Metric 2 जनवरी 2008 नासा भौतिक गुणधर्म विषुवतरेखीय त्रिज्या 695700 km commasप्रसा आंद्रेज हरमानेक पीटर टोरेस गुइलेर्मो ममाजेक एरिक असप्लंड मार्टिन कैपिटाइन निकोल क्रिस्टेंसेन-डाल्सगार्ड जोर्गेन डेपग्ने एरिक हैबररेइटर मार्गिट हेक्कर सास्किया हिल्टन जेम्स कोप्प ग्रेग कोस्तोव वेसेलिन कर्ट्ज़ डोनाल्ड डब्ल्यू लस्कर जैक्स 3 1 अगस्त 2016 NOMINAL VALUES FOR SELECTED SOLAR AND PLANETARY QUANTITIES: IAU 2015 RESOLUTION B3 * † द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल 152 2 41 10.3847/0004-6256/152/2/41 0004-6256 1510.07674 लास्कर जे मेसन बीडी मिलोन ईएफ मोंटगोमेरी एमएम रिचर्ड्स एमटी शॉ जे स्टीवर्ट एसजी free 2016AJ....152...41P109 × पृथ्वी त्रिज्या ध्रुवीय चपटीकरण 0.00005 पृष्ठीय क्षेत्रफल 6.09 12 km2commas 12000 × पृथ्वी आयतन 1.412 18 km3 commas 1300000 × Earth द्रव्यमान 1.9885 30 kg commas 332950 पृथ्वी औसत घनत्व 1.408 g/cm30.255 × Earth आयु 4.6 अरब वर्षकोनेली जेएन बिज़ारो एम क्रोट एएन नॉर्डलंड ए वीलैण्ड डी इवानोवा एमए 2 नवम्बर 2012 The Absolute Chronology and Thermal Processing of Solids in the Solar Protoplanetary Disk https://archive.org/details/sim_science_2012-11-02_338_6107/page/651 साइंस 338 6107 651–655 2012Sci...338..651C 10.1126/science.1226919 23118187 21965292(पंजीकरण आवश्यक) विषुवतरेखीय पृष्ठ गुरुत्व 274 m/s2274 m/s2 g0 out out जड़त्व आघूर्ण गुणक ≈0.070 पृष्ठ पलायन वेग 617.7 km/s55 × पृथ्वी तापमान 15,700,000 K (centre) 5,772 K (प्रकाशमंडल) 5,000,000 K (कोरोना) प्रदीपन तिव्रता 3.828 26 W 3.75 28 lm 98 lm/W प्रभावकारिता रंग (नी-बैं) 0.656डेविड एफ ग्रे The Inferred Color Index of the Sun https://archive.org/details/sim_astronomical-society-of-the-pacific-publications_1992-11_104_681/page/1035 पब्लिकेशन्स ऑफ़ द एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ़ द पैसिफ़िक 104 681 1035–1038 नवम्बर 1992 10.1086/133086 1992PASP..104.1035G औसत विकिरणता 2.009 7 W·m−2·sr−1 द्रव्यमान के आधार पर प्रकाशमंडल रासायनिक घटक 73.46% हाइड्रोजन 24.85% हिलियम 0.77% ऑक्सीजन 0.29% कार्बन 0.16% लोहा 0.12% नियोन 0.09% नाइट्रोजन 0.07% सिलिकॉन 0.05% मैग्नीसियम 0.04% गंधकThe Sun's Vital Statistics http://solar-center.stanford.edu/vitalstats.html live https://www.webcitation.org/6BOkQXma3?url=http://solar-center.stanford.edu/vitalstats.html 14 अक्टूबर 2012 29 जुलाई 2008 स्टैन्फोर्ड सोलर सेंटर Citing एड्डी जे 1979 A New Sun: The Solar Results From Skylab https://history.nasa.gov/SP-402/contents.htm 37 नासा NASA SP-402 12 जुलाई 2017 30 जुलाई 2021 https://web.archive.org/web/20210730024856/https://history.nasa.gov/SP-402/contents.htm live सूर्य अथवा सूरज (प्रतीक: 16px|☉) सौरमंडल के केन्द्र में स्थित एक तारा जिसके चारों तरफ पृथ्वी और सौरमंडल के अन्य अवयव घूमते हैं। सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है और उसका व्यास लगभग १३ लाख ९० हज़ार किलोमीटर है 113 गुना अधिक है जो पृथ्वी से 113 गुना तकhttp://www.bbc.co.uk/hindi/news/story/2006/10/061007_askus_sun_earth.shtml सूर्य और पृथ्वी के बीच फ़ासला? बीबीसी हिंदी https://web.archive.org/web/20061128063752/http://www.bbc.co.uk/hindi/news/story/2006/10/061007_askus_sun_earth.shtml 28 नवंबर 2006 ९ फ़रवरी २००९ live ऊर्जा का यह शक्तिशाली भंडार मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है। परमाणु विलय की प्रक्रिया द्वारा सूर्य अपने केंद्र में ऊर्जा पैदा करता है। सूर्य से निकली ऊर्जा का छोटा सा भाग ही पृथ्वी पर पहुँचता है जिसमें से १५ प्रतिशत अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाता है, ३० प्रतिशत पानी को भाप बनाने में काम आता है और बहुत सी ऊर्जा पेड़-पौधे समुद्र सोख लेते हैं।http://www.bbc.co.uk/hindi/news/story/2007/04/070425_askus_sun_energy.shtml सूर्य इतनी गर्मी कहाँ से पाता है? बीबीसी हिंदी https://web.archive.org/web/20080207170833/http://www.bbc.co.uk/hindi/news/story/2007/04/070425_askus_sun_energy.shtml 7 फ़रवरी 2008 ९ फ़रवरी २००९ live इसकी मजबूत गुरुत्वाकर्षण शक्ति विभिन्न कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी और अन्य ग्रहों को इसकी तरफ खींच कर रखती है। सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग १४,९६,००,००० किलोमीटर या ९,२९,६०,००० मील है तथा सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश को आने में ८.३ मिनट का समय लगता है। इसी प्रकाशीय ऊर्जा से प्रकाश-संश्लेषण नामक एक महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक अभिक्रिया होती है जो पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यह पृथ्वी के जलवायु और मौसम को प्रभावित करता है। सूर्य की सतह का निर्माण हाइड्रोजन, हिलियम, लोहा, निकेल, ऑक्सीजन, सिलिकन, सल्फर, मैग्निसियम, कार्बन, नियोन, कैल्सियम, क्रोमियम तत्वों से हुआ है।http://www.abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/sitaronkiduniya/sooraj.htm सूरज अभिव्यक्ति https://web.archive.org/web/20090321075734/http://www.abhivyakti-hindi.org/phulwari/jaankari/sitaronkiduniya/sooraj.htm 21 मार्च 2009 ९ फ़रवरी २००९ dead इनमें से हाइड्रोजन सूर्य के सतह की मात्रा का ७४ % तथा हिलियम २४ % है। इस जलते हुए गैसीय पिंड को दूरदर्शी यंत्र से देखने पर इसकी सतह पर छोटे-बड़े धब्बे दिखलाई पड़ते हैं। इन्हें सौर कलंक कहा जाता है। ये कलंक अपने स्थान से सरकते हुए दिखाई पड़ते हैं। इससे वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि सूर्य पूरब से पश्चिम की ओर २७ दिनों में अपने अक्ष पर एक परिक्रमा करता है। जिस प्रकार पृथ्वी और अन्य ग्रह सूरज की परिक्रमा करते हैं उसी प्रकार सूरज भी आकाश गंगा के केन्द्र की परिक्रमा करता है। इसको परिक्रमा करनें में २२ से २५ करोड़ वर्ष लगते हैं, इसे एक निहारिका वर्ष भी कहते हैं। विशेषताएँ thumb|left|300px| यह वीडियो सौर गतिशीलता वेधशालाEn की छवियां लेता है और ढांचे की दृश्यमानता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रक्रियाएं लागू करता है। इस वीडियो में यह प्रसंग 25 सितम्बर 2011 की 24 घंटो की गतिविधि प्रस्तुत करता हैं। सूर्य एक G-टाइप मुख्य अनुक्रम तारा है जो सौरमंडल के कुल द्रव्यमान का लगभग 99.86% समाविष्ट करता है। करीब नब्बे लाखवें भाग के अनुमानित चपटेपन के साथ, यह करीब-करीब गोलाकार है,Godier S. Rozelot J.-P. 2000 The solar oblateness and its relationship with the structure of the tachocline and of the Sun's subsurface http://aa.springer.de/papers/0355001/2300365.pdf PDF एस्ट्रोनोमी & एस्ट्रोफिजिक्स 355 365–374 2000A&A...355..365G https://web.archive.org/web/20110510022519/http://aa.springer.de/papers/0355001/2300365.pdf 10 मई 2011 6 जून 2013 harv dead इसका मतलब है कि इसका ध्रुवीय व्यास इसके भूमध्यरेखीय व्यास से केवल 10 किमी से अलग है।http://www.guardian.co.uk/science/2012/aug/16/sun-perfect-sphere-nature Sun is the most perfect sphere ever observed in nature the Guardian 16 अगस्त 2012 अगस्त 19, 2012 Jones, Geraint https://web.archive.org/web/20120819021023/http://www.guardian.co.uk/science/2012/aug/16/sun-perfect-sphere-nature 19 अगस्त 2012 live जैसा कि सूर्य प्लाज्मा का बना हैं और ठोस नहीं है, यह अपने ध्रुवों पर की अपेक्षा अपनी भूमध्य रेखा पर ज्यादा तेजी से घूमता है। यह व्यवहार अंतरीय घूर्णन के रूप में जाना जाता है और सूर्य के संवहन एवं कोर से बाहर की ओर अत्यधिक तापमान ढलान के कारण पदार्थ की आवाजाही की वजह से हुआ है। यह सूर्य के वामावर्त कोणीय संवेग के एक बड़े हिस्से का वहन करती है, जैसा क्रांतिवृत्त के उत्तरी ध्रुव से देखा गया और इस प्रकार कोणीय वेग पुनर्वितरित होता है। इस वास्तविक घूर्णन की अवधि भूमध्य रेखा पर लगभग 25.6 दिन और ध्रुवों में 33.5 दिन की होती है। हालांकि, सूर्य की परिक्रमा के साथ ही पृथ्वी के सापेक्ष हमारी लगातार बदलती स्थिति के कारण इस तारे का अपनी भूमध्य रेखा पर स्पष्ट घूर्णन करीबन 28 दिनों का है।Guide to the Sun Phillips Kenneth J. H. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 1995 978-0-521-39788-9 78–79 इस धीमी गति के घूर्णन का केन्द्रापसारक प्रभाव सूर्य की भूमध्य रेखा पर के सतही गुरुत्वाकर्षण से 1.8 करोड़ गुना कमजोर है। ग्रहों के ज्वारीय प्रभाव भी कमजोर है और सूर्य के आकार को खास प्रभावित नहीं करते है।https://archive.org/details/gravityfromgroun00schu_469 Gravity from the ground up Schutz Bernard F. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 2003 978-0-521-45506-0 98–99 सूर्य एक पॉपुलेशन प्रथम या भारी तत्व युक्त सितारा है।https://archive.org/details/introductoryastr0000zeil Introductory Astronomy & Astrophysics Zeilik M.A. Gregory S.A. सॉन्डर्स कॉलेज पब्लिशिंग 1998 0-03-006228-4 4th 322 सूर्य का यह गठन एक या एक से अधिक नजदीकी सुपरनोवाओं से निकली धनुषाकार तरंगों द्वारा शुरू किया गया हो सकता है।Falk S. W. Lattmer J.M. Margolis S. H. 1977 Are supernovae sources of presolar grains? https://archive.org/details/sim_nature-uk_december-22-29-1977_270_5639/page/700 नेचर 270 5639 700–701 1977Natur.270..700F 10.1038/270700a0 0028-0836 harv ऐसा तथाकथित पॉपुलेशन द्वितीय (भारी तत्व-अभाव) सितारों में इन तत्वों की बहुतायत की अपेक्षा, सौरमंडल में भारी तत्वों की उच्च बहुतायत ने सुझाया है, जैसे कि सोना और यूरेनियम। ये तत्व, किसी सुपरनोवा के दौरान ऊष्माशोषी नाभकीय अभिक्रियाओं द्वारा अथवा किसी दूसरी-पीढ़ी के विराट तारे के भीतर न्यूट्रॉन अवशोषण के माध्यम से रूपांतरण द्वारा, उत्पादित किए गए हो सकने की सर्वाधिक संभावना है। सूर्य की चट्टानी ग्रहों के माफिक कोई निश्चित सीमा नहीं है। सूर्य के बाहरी हिस्सों में गैसों का घनत्व उसके केंद्र से बढ़ती दूरी के साथ तेजी से गिरता है।https://archive.org/details/journeyfromcente0000zirk Journey from the Center of the Sun Zirker Jack B. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस 2002 978-0-691-05781-1 11 बहरहाल, इसकी एक सुपारिभाषित आंतरिक संरचना है जो नीचे वर्णित है। सूर्य की त्रिज्या को इसके केंद्र से लेकर प्रभामंडल के किनारे तक मापा गया है। सूर्य का बाह्य प्रभामंडल दृश्यमान अंतिम परत है। इसके उपर की परते नग्न आंखों को दिखने लायक पर्याप्त प्रकाश उत्सर्जित करने के लिहाज से काफी ठंडी या काफी पतली है।Guide to the Sun Phillips Kenneth J. H. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 1995 978-0-521-39788-9 73 एक पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान, तथापि, जब प्रभामंडल को चंद्रमा द्वारा छिपा लिया गया, इसके चारों ओर सूर्य के कोरोना का आसानी से देखना हो सकता है। सूर्य का आंतरिक भाग प्रत्यक्ष प्रेक्षणीय नहीं है। सूर्य स्वयं ही विद्युत चुम्बकीय विकिरण के लिए अपारदर्शी है। हालांकि, जिस प्रकार भूकम्प विज्ञान पृथ्वी के आंतरिक गठन को प्रकट करने के लिए भूकंप से उत्पन्न तरंगों का उपयोग करता है, सौर भूकम्प विज्ञान En का नियम इस तारे की आंतरिक संरचना को मापने और दृष्टिगोचर बनाने के लिए दाब तरंगों ( पराध्वनी) का इस्तेमाल करता है।Guide to the Sun Phillips Kenneth J. H. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 1995 978-0-521-39788-9 58–67 इसकी गहरी परतों की खोजबीन के लिए कंप्यूटर मॉडलिंग भी सैद्धांतिक औजार के रूप में प्रयुक्त हुए है। कोर सौर कोर thumb|x250px|सूर्य का गठन सूर्य का कोर इसके केन्द्र से लेकर सौर त्रिज्या के लगभग 20-25% तक विस्तारित माना गया है।García R. 2007 Tracking solar gravity modes: the dynamics of the solar core https://archive.org/details/sim_science_2007-06-15_316_5831/page/1591 साइंस 316 5831 1591–1593 2007Sci...316.1591G 10.1126/science.1140598 17478682 harv इसका घनत्व 150 ग्राम/सेमी3 तकBasu Fresh insights on the structure of the solar core 2009ApJ...699.1403B 699 2009 10.1088/0004-637X/699/2/1403 The Astrophysical Journal 699 1403 Chaplin William J. Elsworth Yvonne New Roger Serenelli Aldo M. harv Basu et al. 1 0905.0651 http://solarscience.msfc.nasa.gov/interior.shtml NASA/Marshall Solar Physics Solarscience.msfc.nasa.gov 18 जनवरी 2007 11 जुलाई 2009 https://web.archive.org/web/20190329081742/https://solarscience.msfc.nasa.gov/interior.shtml 29 मार्च 2019 dead (पानी के घनत्व का लगभग 150 गुना) और तापमान 15.7 करोड़ केल्विन के करीब का है। इसके विपरीत, सूर्य की सतह का तापमान लगभग 5,800 केल्विन है। सोहो मिशन डेटा के हाल के विश्लेषण विकिरण क्षेत्र के बाकी हिस्सों की तुलना में कोर के तेज घूर्णन दर का पक्ष लेते है। सूर्य के अधिकांश जीवन में, ऊर्जा प्रोटॉन–प्रोटॉन शृंखलाEn कहलाने वाली एक चरणबद्ध श्रृंखला के माध्यम से नाभिकीय संलयन द्वारा उत्पादित हुई है; यह प्रक्रिया हाइड्रोजन को हीलियम में रुपांतरित करती है।Broggini Carlo 26–28 जून 2003 21 Physics in Collision Nuclear Processes at Solar Energy 2003phco.conf...21B astro-ph/0308537 harv सूर्य की उत्पादित ऊर्जा का मात्र 0.8% सीएनओ चक्र En से आता है।Goupil M J Lebreton Y Marques J P Samadi R Baudin F 2011-01-01 Open issues in probing interiors of solar-like oscillating main sequence stars 1. From the Sun to nearly suns https://iopscience.iop.org/article/10.1088/1742-6596/271/1/012031 Journal of Physics: Conference Series 271 012031 10.1088/1742-6596/271/1/012031 1742-6596 सूर्य में कोर अकेला ऐसा क्षेत्र है जो संलयन के माध्यम से तापीय ऊर्जा की एक बड़ी राशि का उत्पादन करता है; 99% शक्ति सूर्य की त्रिज्या के 24% के भीतर उत्पन्न हुई है, तथा त्रिज्या के 30% द्वारा संलयन लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस तारे का शेष उस उर्जा द्वारा तप्त हुआ है जो कोर से लेकर संवहनी परतों के ठीक बाहर तक विकिरण द्वारा बाहर की ओर स्थानांतरित हुई है। कोर में संलयन द्वारा उत्पादित ऊर्जा को फिर उत्तरोत्तर कई परतों से होकर सौर प्रभामंडल तक यात्रा करनी होती है इसके पहले कि वह सूर्य प्रकाश अथवा कणों की गतिज ऊर्जा के रूप में अंतरिक्ष में पलायन करती है।Zirker Jack B. Journey from the Center of the Sun https://archive.org/details/journeyfromcente0000zirk 2002 प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस 978-0-691-05781-1 15–34Phillips Kenneth J. H. Guide to the Sun 1995 कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 978-0-521-39788-9 47–53 कोर में प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला दरेक सेकंड 9.2×1037 बार पाई जाती है। यह अभिक्रिया चार मुक्त प्रोटॉनों (हाइड्रोजन नाभिक) का प्रयोग करती है, यह हर सेकंड करीब 3.7×1038 प्रोटॉनों को अल्फा कणों (हीलियम नाभिक) में तब्दील करती है (सूर्य के कुल ~8.9×1056 मुक्त प्रोटॉनों में से), या लगभग 6.2× 1011 किलो प्रति सेकंड। हाइड्रोजन से हीलियम संलयन के बाद हीलियम ऊर्जा के रूप में संलयित द्रव्यमान का लगभग 0.7% छोड़ती है,p. 102, The physical universe: an introduction to astronomy, Frank H. Shu, University Science Books, 1982, ISBN 0-935702-05-9. सूर्य 42.6 करोड़ मीट्रिक टन प्रति सेकंड की द्रव्यमान-ऊर्जा रूपांतरण दर पर ऊर्जा छोड़ता है, 384.6 योटा वाट (3.846 × 1026 वाट), या 9.192× 1010 टीएनटी मेगाटनEn प्रति सेकंड। राशि ऊर्जा पैदा करने में नष्ट नहीं हुई है, बल्कि यह राशि बराबर की इतनी ही ऊर्जा में तब्दील हुई है तथा ढोकर उत्सर्जित होने के लिए दूर ले जाई गई, जैसा द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता अवधारणा का वर्णन हुआ है। कोर में संलयन से शक्ति का उत्पादन सौर केंद्र से दूरी के साथ बदलता रहता है। सूर्य के केंद्र पर, सैद्धांतिक मॉडलों के आकलन में यह तकरीबन 276.5 वाट/मीटर3 होना है,Table of temperatures, power densities, luminosities by radius in the Sun http://webarchive.loc.gov/all/20011129122524/http%3A//fusedweb%2Ellnl%2Egov/cpep/chart_pages/5%2Eplasmas/sunlayers%2Ehtml 29 नवंबर 2001 . Fusedweb.llnl.gov (9 नवंबर 1998). Retrieved on 30 अगस्त 2011. जीवन चक्र सौर मंडल का गठन और विकास तारों का विकास सूर्य आज सबसे अधिक स्थिर अवस्था में अपने जीवन के करीबन आधे रास्ते पर है। इसमें कई अरब वर्षों से नाटकीय रूप से कोई बदलाव नहीं हुआ है,  और आगामी कई वर्षों तक यूँ ही अपरिवर्तित बना रहेगा। हालांकि, एक स्थिर हाइड्रोजन-दहन काल के पहले का और बाद का तारा बिलकुल अलग होता है। June 2013 thumb|center|600px|left|सूर्य का जीवन चक्र निर्माण सूर्य एक विशाल आणविक बादल के हिस्से के ढहने से करीब 4.57 अरब वर्ष पूर्व गठित हुआ है जो अधिकांशतः हाइड्रोजन और हीलियम का बना है और शायद इन्ही ने कई अन्य तारों को बनाया है।Zirker Jack B. Journey from the Center of the Sun https://archive.org/details/journeyfromcente0000zirk 2002 प्रिंसटन यूनिवर्सिटी प्रेस 978-0-691-05781-1 7–8 यह आयु तारकीय विकास के कंप्यूटर मॉडलो के प्रयोग और न्यूक्लियोकोस्मोक्रोनोलोजीEn के माध्यम से आकलित हुई है।Bonanno A. Schlattl H. Paternò L. The age of the Sun and the relativistic corrections in the EOS एस्ट्रोनोमी & एस्ट्रोफिजिक्स 390 3 1115–1118 2008 10.1051/0004-6361:20020749 astro-ph/0204331 harv 2002A&A...390.1115B परिणाम प्राचीनतम सौरमंडल सामग्री की रेडियोमीट्रिक तिथि के अनुरूप है, 4.567 अरब वर्ष।Amelin Y. Krot A. Hutcheon I. Ulyanov A. Lead isotopic ages of chondrules and calcium-aluminum-rich inclusions साइंस 297 5587 1678–1683 2002 10.1126/science.1073950 12215641 harv 2002Sci...297.1678A Baker J. Bizzarro M. Wittig N. Connelly J. Haack H. Early planetesimal melting from an age of 4.5662 Gyr for differentiated meteorites https://archive.org/details/sim_nature-uk_2005-08-25_436_7054/page/n79 नेचर 436 7054 1127–1131 2005 16121173 10.1038/nature03882 harv 2005Natur.436.1127B प्राचीन उल्कापातों के अध्ययन अल्पजीवी आइसोटोपो के स्थिर नाभिक के निशान दिखाते है, जैसे कि लौह-60, जो केवल विस्फोटित, अल्पजीवी तारों में निर्मित होता है। यह इंगित करता है कि वह स्थान जहां पर सूर्य बना के नजदीक एक या एक से ज्यादा सुपरनोवा अवश्य पाए जाने चाहिए। किसी नजदीकी सुपरनोवा से निकली आघात तरंग ने आणविक बादल के भीतर की गैसों को संपीडित कर सूर्य के निर्माण को शुरू किया होगा तथा कुछ क्षेत्र अपने स्वयं के गुरुत्वाकर्षण के अधीन ढहने से बने होंगे।Williams Jonathan P. 2010-08-17 The astrophysical environment of the solar birthplace http://www.tandfonline.com/doi/abs/10.1080/00107511003764725 Contemporary Physics en 51 5 381–396 10.1080/00107511003764725 0010-7514 जैसे ही बादल का कोई टुकड़ा ढहा कोणीय गति के संरक्षण के कारण यह भी घुमना शुरू हुआ और बढ़ते दबाव के साथ गर्म होने लगा। बहुत बड़ी द्रव्य राशि केंद्र में केंद्रित हुई, जबकि शेष बाहर की ओर चपटकर एक डिस्क में तब्दील हुई जिनसे ग्रह व अन्य सौरमंडलीय निकाय बने। बादल के कोर के भीतर के गुरुत्व व दाब ने अत्यधिक उष्मा उत्पन्न की वैसे ही डिस्क के आसपास से और अधिक गैस जुड़ती गई, अंततः नाभिकीय संलयन को सक्रिय किया। इस प्रकार, सूर्य का जन्म हुआ। मुख्य अनुक्रम right|thumb|320px|सूर्य की चमक, त्रिज्या और प्रभावी तापमान के विकास वर्तमान सूर्य की तुलना मेंRibas Ignasi 2010-02-26 The Sun and stars as the primary energy input in planetary atmospheres https://www.cambridge.org/core/product/identifier/S1743921309992298/type/journal_article Proceedings of the International Astronomical Union en 5 S264 3–18 10.1017/S1743921309992298 1743-9213 सूर्य अपनी मुख्य अनुक्रम अवस्था से होता हुआ करीब आधी राह पर है, जिसके दरम्यान नाभिकीय संलयन अभिक्रियाओ ने हाइड्रोजन को हीलियम में बदला। हर सेकंड, सूर्य की कोर के भीतर चालीस लाख टन से अधिक पदार्थ ऊर्जा में परिवर्तित हुआ है और न्यूट्रिनो व सौर विकिरण का निर्माण किया है। इस दर पर, सूर्य अब तक करीब 100 पृथ्वी-द्रव्यमान जितना पदार्थ ऊर्जा में परिवर्तित कर चुका है। सूर्य एक मुख्य अनुक्रम तारे के रूप में लगभग 10 अरब साल जितना खर्च करेगा।http://books.google.com/?id=Q17NmHY6wloC&pg=PA96 The search for life in the universe Goldsmith D. Owen T. यूनिवर्सिटी साइंस बुक्स 2001 978-1-891389-16-0 96 कोर हाइड्रोजन समापन के बाद सूर्य के पास एक सुपरनोवा के रूप में विस्फोट के लिए पर्याप्त द्रव्यमान नहीं है। बावजुद यह एक लाल दानव चरण में प्रवेश करेगा। सूर्य का तकरीबन 5.4 अरब साल में एक लाल दानव बनने का पूर्वानुमान है।Boothroyd Arnold I. Sackmann I.‐Juliana 1999-01-01 The CNO Isotopes: Deep Circulation in Red Giants and First and Second Dredge‐up https://iopscience.iop.org/article/10.1086/306546 The Astrophysical Journal en 510 1 232–250 10.1086/306546 0004-637X यह आकलन हुआ है कि सूर्य संभवतः पृथ्वी समेत सौरमंडल के आंतरिक ग्रहों की वर्तमान कक्षाओं को निगल जाने जितना बड़ा हो जाएगा।Schröder K.-P. Connon Smith Robert 2008-05-01 Distant future of the Sun and Earth revisited https://academic.oup.com/mnras/article-lookup/doi/10.1111/j.1365-2966.2008.13022.x Monthly Notices of the Royal Astronomical Society en 386 1 155–163 10.1111/j.1365-2966.2008.13022.x thumb|301px|left|वर्तमान सूर्य का आकार (फिलहाल मुख्य अनुक्रम में है) भविष्य में अपने लाल दानव चरण के दौरान अपने अनुमानित आकार की तुलना में इससे पहले कि यह एक लाल दानव बनता है, सूर्य की चमक लगभग दोगुनी हो जाएगी और पृथ्वी शुक्र जितना आज है उससे भी अधिक गर्म हो जाएगी। एक बार कोर हाइड्रोजन समाप्त हुई, सूर्य का उपदानव चरण में विस्तार होगा और करीब आधे अरब वर्षों उपरांत आकार में धीरे धीरे दोगुना जाएगा। उसके बाद यह, आज की तुलना में दो सौ गुना बड़ा तथा दसियों हजार गुना और अधिक चमकदार होने तक, आगामी करीब आधे अरब वर्षों से ज्यादा तक और अधिक तेजी से फैलेगा। यह लाल दानव शाखा का वह चरण है, जहां पर सूर्य करीब एक अरब वर्ष बिता चुका होगा और अपने द्रव्यमान का एक तिहाई के आसपास गंवा चुका होगा। सूर्य के पास अब केवल कुछ लाख साल बचे है, पर वें बेहद प्रसंगपूर्ण है। प्रथम, कोर हीलियम चौंध में प्रचंडतापूर्वक सुलगता है और सूर्य चमक के 50 गुने के साथ, आज की तुलना में थोड़े कम तापमान के साथ, अपने हाल के आकार से 10 गुने के आसपास तक वापस सिकुड़ जाता है। सौर अंतरिक्ष मिशन सौर वेधशाला thumb|13 मार्च 2012 13:29, ईएसटी को सूर्य से बाहर एक बड़ा भूचुंबकीय तूफान thumb|left|स्टीरियो बी के अल्ट्रावायलेट इमेजिंग कैमरे की जांच के दौरान कैद हुआ सूर्य का एक चंद्र पारगमनPhillips T. Stereo Eclipse http://science.nasa.gov/headlines/y2007/12mar_stereoeclipse.htm Science@NASA NASA 2007 19 जून 2008 https://web.archive.org/web/20080610082213/http://science.nasa.gov/headlines/y2007/12mar_stereoeclipse.htm 10 जून 2008 dead सूर्य के निरीक्षण के लिए रचे गए प्रथम उपग्रह नासा के पायनियर 5, 6, 7, 8 और 9 थे। यह 1959 और 1968 के बीच प्रक्षेपित हुए थे। इन यानों ने पृथ्वी और सूर्य से समान दूरी की कक्षा में सूर्य परिक्रमा करते हुए सौर वायु और सौर चुंबकीय क्षेत्र का पहला विस्तृत मापन किया। पायनियर 9 विशेष रूप से लंबे अरसे के लिए संचालित हुआ और मई 1983 तक डेटा संचारण करता रहा।http://www.astronautix.com/craft/pio6789e.htm Pioneer 6-7-8-9-E Wade M. 2008 एन्साइक्लोपीडिया एस्ट्रोनॉटिका https://web.archive.org/web/20060422075141/http://www.astronautix.com/craft/pio6789e.htm 22 अप्रैल 2006 22 मार्च 2006 deadSolar System Exploration: Missions: By Target: Our Solar System: Past: Pioneer 9 http://solarsystem.nasa.gov/missions/profile.cfm?MCode=Pioneer_09 NASA 30 अक्टूबर 2010 NASA maintained contact with Pioneer 9 until May 1983 https://web.archive.org/web/20120402205810/http://solarsystem.nasa.gov/missions/profile.cfm?MCode=Pioneer_09 2 अप्रैल 2012 dead 1970 के दशक में, दो अंतरिक्ष यान हेलिओस और स्काईलैब अपोलो टेलीस्कोप माउंट En ने सौर वायु व सौर कोरोना के महत्वपूर्ण नए डेटा वैज्ञानिकों को प्रदान किए। हेलिओस 1 और 2 यान अमेरिकी-जर्मनी सहकार्य थे। इसने अंतरिक्ष यान को बुध की कक्षा के भीतर की ओर ले जा रही कक्षा से सौर वायु का अध्ययन किया। 1973 में स्कायलैब अंतरिक्ष स्टेशन नासा द्वारा प्रक्षेपित हुआ। इसने अपोलो टेलीस्कोप माउंट कहे जाने वाला एक सौर वेधशाला मॉड्यूल शामिल किया जो कि स्टेशन पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा संचालित हुआ था। स्काईलैब ने पहली बार सौर संक्रमण क्षेत्र का तथा सौर कोरोना से निकली पराबैंगनी उत्सर्जन का समाधित निरीक्षण किया। खोजों ने कोरोनल मास एजेक्सन के प्रथम प्रेक्षण शामिल किए, जो फिर "कोरोनल ट्रांजीएंस्ट" और फिर कोरोनल होल्स कहलाये, अब घनिष्ठ रूप से सौर वायु के साथ जुड़े होने के लिए जाना जाता है।Burlaga L.F. Magnetic Fields and plasmas in the inner heliosphere: Helios results https://archive.org/details/sim_planetary-and-space-science_2001-12_49_14-15/page/1619 2001 Planetary and Space Science 49 14–15 1619–27 10.1016/S0032-0633(01)00098-8 harv 2001P&SS...49.1619B 1980 का सोलर मैक्सीमम मिशन नासा द्वारा शुरू किया गया था। यह अंतरिक्ष यान उच्च सौर गतिविधि और सौर चमक के समय के दरम्यान गामा किरणों, एक्स किरणों और सौर ज्वालाओं से निकली पराबैंगनी विकिरण के निरीक्षण के लिए रचा गया था। प्रक्षेपण के बस कुछ ही महीने बाद, हालांकि, किसी इलेक्ट्रॉनिक्स खराबी की वजह से यान जस की तस हालत में चलता रहा और उसने अगले तीन साल इसी निष्क्रिय अवस्था में बिताए। 1984 में स्पेस शटल चैलेंजर मिशन STS-41C ने उपग्रह को सुधार दिया और कक्षा में फिर से छोड़ने से पहले इसकी इलेक्ट्रॉनिक्स की मरम्मत की। जून 1989 में पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश से पहले सोलर मैक्सीमम मिशन ने मरम्मत पश्चात सौर कोरोना की हजारों छवियों का अधिग्रहण किया।http://web.hao.ucar.edu/public/research/svosa/smm/smm_mission.html Solar Maximum Mission Overview Burkepile C. 1998 https://web.archive.org/web/20060405183758/http://web.hao.ucar.edu/public/research/svosa/smm/smm_mission.html 5 अप्रैल 2006 22 मार्च 2006 dead 1991 में प्रक्षेपित, जापान के योनकोह (सौर पुंज) उपग्रह ने एक्स-रे तरंग दैर्घ्य पर सौर ज्वालाओ का अवलोकन किया। मिशन डेटा ने वैज्ञानिकों को अनेकों भिन्न प्रकार की लपटों की पहचान करने की अनुमति दी, साथ ही दिखाया कि चरम गतिविधि वाले क्षेत्रों से दूर स्थित कोरोना और अधिक गतिशील व सक्रिय थी जैसा कि पूर्व में माना हुआ था। योनकोह ने एक पूरे सौर चक्र का प्रेक्षण किया लेकिन 2001 में जब एक वलयाकार सूर्यग्रहण हुआ यह आपातोपयोगी दशा में चला गया जिसकी वजह से इसका सूर्य के साथ जुडाव का नुकसान हो गया। यह 2005 में वायुमंडलीय पुनः प्रवेश दौरान नष्ट हुआ था।Result of Re-entry of the Solar X-ray Observatory "Yohkoh" (SOLAR-A) to the Earth's Atmosphere http://www.jaxa.jp/press/2005/09/20050913_yohkoh_e.html जापान एयेरोस्पस ऐक्स्प्लोराशन एजेंसी 13 सितम्बर 2005 22 मार्च 2006 10 अगस्त 2013 https://web.archive.org/web/20130810150641/http://www.jaxa.jp/press/2005/09/20050913_yohkoh_e.html dead 10 अगस्त 2013 https://web.archive.org/web/20130810150641/http://www.jaxa.jp/press/2005/09/20050913_yohkoh_e.html आज दिन तक का सबसे महत्वपूर्ण सौर मिशन सोलर एंड हेलिओस्फेरिक ओब्सर्वेटरी रहा है। 2 दिसंबर1995 को शुरू हुआ यह मिशन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और नासा द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया था। मूल रूप से यह दो-वर्षीय मिशन के लिए नियत हुआ था। मिशन की 2012 तक की विस्तारण मंजूरी अक्टूबर 2009 में हुई थी। अक्टूबर 7, 2009 http://sci.esa.int/science-e/www/object/index.cfm?fobjectid=45685 Mission extensions approved for science missions ESA Science and Technology फ़रवरी 16, 2010 https://web.archive.org/web/20130502023453/http://sci.esa.int/science-e/www/object/index.cfm?fobjectid=45685 2 मई 2013 live यह इतना उपयोगी साबित हुआ कि इसका अनुवर्ती मिशन सोलर डायनमिक्स ओब्सर्वेटरी (एसडीओ) फरवरी, 2010 में शुरू किया गया था। फ़रवरी 11, 2010 http://www.nasa.gov/home/hqnews/2010/feb/HQ_10-040_SDO_launch.html NASA Successfully Launches a New Eye on the Sun NASA Press Release Archives फ़रवरी 16, 2010 https://web.archive.org/web/20130810082825/http://www.nasa.gov/home/hqnews/2010/feb/HQ_10-040_SDO_launch.html 10 अगस्त 2013 live यह पृथ्वी और सूर्य के बीच लाग्रंगियन बिंदु (जिस पर दोनों ओर का गुरुत्वीय खींचाव बराबर होता है) पर स्थापित हुआ। सोहो ने अपने प्रक्षेपण के बाद से अनेक तरंगदैर्ध्यों पर सूर्य की निरंतर छवि प्रदान की है। प्रत्यक्ष सौर प्रेक्षण के अलावा, सोहो को बड़ी संख्या में धूमकेतुओं की खोज के लिए समर्थ किया गया है, इनमे से अधिकांश सूर्य के निवाले छोटे धूमकेतुEn है जो सूर्य के पास से गुजरते ही भस्म हो जाते है।http://sungrazer.nrl.navy.mil/ Sungrazing Comets लासको (यूएस नेवल रिसर्च लैबोरेट्री) https://web.archive.org/web/20171223021345/https://sungrazer.nrl.navy.mil/ 23 दिसंबर 2017 19 मार्च 2009 live thumb|300px|left| अगस्त 2012 में उफनता एक सौर उदगार, नासा की सौर गतिविधि वेधशाला द्वारा लिया गया चित्र इन सभी उपग्रहों ने सूर्य का प्रेक्षण क्रांतिवृत्त के तल से किया है, इसलिए उसके भूमध्यरेखीय क्षेत्रों मात्र के विस्तार में प्रेक्षण किए गए है। यूलिसिस यान सूर्य के ध्रुवीय क्षेत्रों के अध्ययन के लिए 1990 में प्रक्षेपित हुआ था। इसने सर्वप्रथम बृहस्पति की यात्रा की, इससे पहले इसे क्रांतिवृत्त तल के ऊपर की दूर की किसी कक्षा में बृहस्पति के गुरुत्वीय बल के सहारे ले जाया गया था। संयोगवश, यह 1994 की बृहस्पति के साथ धूमकेतु शूमेकर-लेवी 9 की टक्कर के निरीक्षण के लिए अच्छी जगह स्थापित हुआ था। एक बार यूलिसिस अपनी निर्धारित कक्षा में स्थापित हो गया, इसने उच्च सौर अक्षांशों की सौर वायु और चुंबकीय क्षेत्र शक्ति का निरीक्षण करना शुरू कर दिया और पाया कि उच्च अक्षांशों पर करीब 750 किमी/सेकंड से आगे बढ़ रही सौर वायु उम्मीद की तुलना में धीमी थी, साथ ही पाया गया कि वहां उच्च अक्षांशों से आई हुई बड़ी चुंबकीय तरंगे थी जो कि बिखरी हुई गांगेय कॉस्मिक किरणे थी।http://ulysses.jpl.nasa.gov/science/mission_primary.html Ulysses: Primary Mission Results जेपीएल/कैलटेक 2005 NASA https://web.archive.org/web/20060106150819/http://ulysses.jpl.nasa.gov/science/mission_primary.html 6 जनवरी 2006 22 मार्च 2006 dead वर्णमंडल की तात्विक बहुतायतता को स्पेक्ट्रोस्कोपी अध्ययनों से अच्छी तरह जाना गया है, पर सूर्य के अंदरूनी ढांचे की समझ उतनी ही बुरी है। सौर वायु नमूना वापसी मिशन, जेनेसिस, खगोलविदों द्वारा सीधे सौर सामग्री की संरचना को मापने के लिए रचा गया था। जेनेसिस 2004 में पृथ्वी पर लौटा, पर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश पर तैनात करते वक्त पैराशूट के विफल होने से यह अकस्मात् अवतरण से क्षतिग्रस्त हो गया था। गंभीर क्षति के बावजूद, कुछ उपयोगी नमूने अंतरिक्ष यान के नमूना वापसी मॉड्यूल से बरामद किए गए हैं और विश्लेषण के दौर से गुजर रहे हैं।Calaway M.J. Stansbery Eileen K. Keller Lindsay P. 2009 Genesis capturing the Sun: Solar wind irradiation at Lagrange 1 न्यूक्लियर इंस्ट्रूमेंट्स एंड मेथड़्स इन फिजिक्स रिसर्च बी 267 7 1101 2009NIMPB.267.1101C 10.1016/j.nimb.2009.01.132 harv सोलर टेरेस्ट्रियल रिलेशंस ओब्सर्वेटरी (स्टीरियो) मिशन अक्टूबर 2006 में शुरू हुआ था। दो एक सामान अंतरिक्ष यान कक्षाओं में इस तरीके से प्रक्षेपित किए गए जो उनको (बारी बारी से) कहीं दूर आगे की ओर खींचते और धीरे धीरे पृथ्वी के पीछे गिराते। यह सूर्य और सौर घटना के त्रिविम प्रतिचित्रण करने में समर्थ है, जैसे कि कोरोनल मास एजेक्सनEn। March 8, 2006 http://www.nasa.gov/mission_pages/stereo/spacecraft/index.html STEREO Spacecraft & Instruments NASA Missions May 30, 2006 https://web.archive.org/web/20130523040216/http://www.nasa.gov/mission_pages/stereo/spacecraft/index.html 23 मई 2013 live Sun Earth Connection Coronal and Heliospheric Investigation (SECCHI) Howard R. A., Moses J. D., Socker D. G., Dere K. P., Cook J. W. Solar Variability and Solar Physics Missions Advances in Space Research 29 12 2017–2026 2002 harv भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 2015-16 तक आदित्य नामक एक 100 किलो के उपग्रह का प्रक्षेपण निर्धारित किया है। सोलर कोरोना की गतिशीलता के अध्ययन के लिए इसका मुख्य साधन एक कोरोनाग्राफEn होगा।http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-09-09/india/33712860_1_parameters-of-space-weather-three-year-mission-polar-satellite-launch-vehicle Aditya 1 launch delayed to 2015-16 Srinivas Laxman & Rhik Kundu, TNN 9 सितंबर 2012 द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया बेन्नेट, कोलेमन & कोर्पोरेशन लिमिटेड https://web.archive.org/web/20130510225707/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-09-09/india/33712860_1_parameters-of-space-weather-three-year-mission-polar-satellite-launch-vehicle 10 मई 2013 14 जून 2013 live सन्दर्भ इन्हें भी देखें सूर्य देव yes श्रेणी:सौर मंडल श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना * श्रेणी:जी-प्रकार मुख्य अनुक्रम तारे