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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अल-अस्र

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जून 2015 अंगूठाकार|दाएँ|अल-अस्र सूरा अल-अस्र (इंग्लिश: Al-Asr) इस्लाम के पवित्र ग्रन्थ कुरआन का 103 वां सूरा (अध्याय) है। इसमें 3 आयतें हैं। नाम इस सूरा के अरबी भाषा के नाम को क़ुरआन के प्रमुख हिंदी अनुवाद में सूरा अल-अ़स्र सूरा अल-अ़स्र,(अनुवादक: मौलाना फारूक़ खाँ) भाष्य: मौलाना मौदूदी अनुदित क़ुरआन - संक्षिप्त टीका सहित 1016 से https://archive.org/details/TranslationOfTheMeaningsOfTheNobleQuranInTheHindipdfऔर प्रसिद्ध किंग फ़हद प्रेस के अनुवाद में सूरा अल्-अ़स्र सूरा अल्-अ़स्र का अनुवाद (किंग फ़हद प्रेस) https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/103 https://quranenc.com 16 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20200622083734/https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/103 22 जून 2020 dead नाम दिया गया है। नाम पहली ही आयत के शब्द “अल-अ़स्र" (ज़माना) को इसका नाम दिया गया है। अवतरणकाल सूरा मक्की सूरा अर्थात् पैग़म्बर मुहम्मद के मदीना के निवास के समय हिजरत से पहले अवतरित हुई। यद्यपि मुजाहिद (रह.), क़तादा और मुक़ातिल ने इसे मदनी कहा है, लेकिन बहुसंख्यक टीकाकारों ने इसे मक्की घोषित किया है। और इसकी वार्ता यह गवाही देती है कि यह मक्का के भी आरम्भिक काल में अवतरित हुई होगी जब इस्लाम की शिक्षा को संक्षिप्त और अत्यन्त हृदयग्राही वाक्यों में बयान किया जाता था, ताकि वे आप -से- आप लोगों की ज़बानों पर चढ़ जाएँ। विषय और वार्ता इस्लाम के विद्वान मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी लिखते हैं कि यह सूरा व्यापक , अर्थगर्भित और संक्षिप्त सूक्ति का अद्वितीय नमूना है । इसमें बिलकुल दो-टूक तरीके से बता दिया गया है कि इनसान के कल्याण का मार्ग कौन-सा है और उसके विनाश का मार्ग कौन-सा। इमाम शाफ़ई (रह.) ने बहुत ठीक कहा है कि यदि लोग इस सूरा पर विचार करें तो यही उनके मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त है। आदरणीय सहाबा (नबी सल्ल. के साथियों) की दृष्टि में इसका महत्त्व क्या था, इसका अनुमान इस बात किया जा सकता है कि हज़रत अब्दुल्लाह बिन हिस्सनिद दारमी अबू मदीना के उल्लेख के अनुसार अल्लाह के रसूल (सल्ल.) के सहाबा में से दो व्यक्ति एक-दूसरे से मिलते तो उस समय तक अलग न होते जब तक एक-दूसरे को सूरा 'अस्र' न सुना लेते। (हदीस : तबरानी) सुरह "अल-अस्र'' का अनुवाद बिस्मिल्ला हिर्रह्मा निर्रहीम अल्लाह के नाम से जो दयालु और कृपाशील है। बिस्मिल्लाह क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद इस सूरा का प्रमुख अनुवाद: क़ुरआन की मूल भाषा अरबी से उर्दू अनुवाद "मौलाना मुहम्मद फ़ारूक़ खान", उर्दू से हिंदी Al-Asr सूरा का अनुवाद http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/103:1 http://tanzil.net 15 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20180425183153/http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/103:1 25 अप्रैल 2018 dead "मुहम्मद अहमद" ने किया: بسم الله الرحمن الرحيم गवाह है गुज़रता समय, (103:1) कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,(103:2) सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की (103:3) बाहरी कडियाँ इस सूरह का प्रसिद्ध अनुवादकों द्वारा किया अनुवाद क़ुरआन प्रोजेक्ट पर देखें Al-Asr 103:1 क़ुरआन के अनुवाद 92 भाषाओं में https://web.archive.org/web/20200730204334/https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html 30 जुलाई 2020 Quran Text/ Translation - (92 Languages) https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html www.australianislamiclibrary.org 15 March 2016 https://web.archive.org/web/20200730204334/https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html 30 जुलाई 2020 dead 103 अल-अस्र अत-तकाथुर अल-हुमज़ह सन्दर्भ इन्हें भी देखें क़ुरआन मुहम्मद वही आयत (क़ुरआन) सूरा क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद इस्लामी शब्दावली अल-अस्र