Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

अल-मुतवक्किल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

अल-मुतवक्किल المتوكل على الله Al-Mutawakkil.png अल-मुतवक्किल का एक काल्पनिक चित्रण 10वें अब्बासी खलीफा 10 अगस्त 847 – 11 दिसंबर 861 अल-वाथिक अल-मुंतसिर अबू अल-फज़ल जाफर इब्न मुहम्मद अल-मुतसिम बिल्लाह मार्च 822 समर्रा, अब्बासी खिलाफत 11 दिसंबर 861 (आयु 39) समर्रा, अब्बासी खिलाफत समर्रा अब्बासी खिलाफत इस्लाम (सुन्नी) अल-मुतसिम शुजा (ख्वारिज़्म की दासी) क़बीहा, फरीदा अल-मुंतसिरअल-मुतज़अल-मुतामिदअल-मुअय्यदअल-मुवफ्फक Q220789 अबू अल-फज़ल जाफर इब्न मुहम्मद अल-मुतसिम बिल्लाह (أبو الفضل جعفر بن محمد المعتصم بالله; मार्च 822 – 11 दिसंबर 861), जिन्हें उनकी शाही उपाधि अल-मुतवक्किल अलल्लाह (المتوكل على الله, "जो ईश्वर पर भरोसा रखता है") से अधिक जाना जाता है, 10वें अब्बासी खलीफा थे। उन्होंने 847 ईसवी में अपने भाई अल-वाथिक के निधन के बाद सत्ता संभाली और 861 ईसवी में अपनी हत्या तक शासन किया।Kennedy, Hugh (1993). "al-Mutawakkil ʿAlā 'llāh". In Bosworth, C. E.; van Donzel, E.; Heinrichs, W. P. & Pellat, Ch. (eds.). The Encyclopaedia of Islam, Second Edition. Volume VII: Mif–Naz. Leiden: E. J. Brill. pp. 777–778. ISBN 978-90-04-09419-2. अल-मुतवक्किल का शासनकाल अब्बासी साम्राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण विभाजक रेखा माना जाता है, क्योंकि उन्होंने कई पूर्ववर्ती नीतियों को पलट दिया और सुन्नी रूढ़िवाद को राज्य के मुख्य धार्मिक दृष्टिकोण के रूप में स्थापित किया।Taagepera Rein September 1997 Expansion and Contraction Patterns of Large Polities: Context for Russia https://academic.oup.com/isq/article-lookup/doi/10.1111/0020-8833.00053 International Studies Quarterly en 41 3 475–504 10.1111/0020-8833.00053 0020-8833 2600793 प्रारंभिक जीवन और राज्यारोहण अल-मुतवक्किल का जन्म 822 ईसवी में अब्बासी खलीफा अल-मुतसिम और ख्वारिज़्म मूल की एक दासी, शुजा के यहाँ हुआ था।Bosworth C.E. 1987 The History of al-Ṭabarī, Volume XXXII: The Reunification of the ʿAbbāsid Caliphate: The Caliphate of al-Maʾmūn, A.D. 813–33/A.H. 198–213 State University of New York Press Albany, New York 978-0-88706-058-8 222–223 https://books.google.co.in/books?id=4J3PJZDYBMoC&redir_esc=y उनका प्रारंभिक जीवन नव-स्थापित राजधानी समर्रा में बीता, जिसे उनके पिता ने तुर्की सैनिकों के लिए बसाया था। 847 ईसवी में उनके भाई, खलीफा अल-वाथिक का निधन हो गया। अल-वाथिक ने अपना कोई उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था, जिसके कारण साम्राज्य के प्रमुख अधिकारियों—वज़ीर इब्न अल-ज़य्यात, मुख्य काज़ी (न्यायाधीश) अहमद इब्न अबी दुआद और प्रमुख तुर्की सैन्य कमांडरों इताख तथा वसीफ—ने एक प्रशासनिक परिषद का गठन किया।Kraemer Joel L. 1989 The History of al-Ṭabarī, Volume XXXIV: Incipient Decline: The Caliphates of al-Wāthiq, al-Mutawakkil and al-Muntaṣir, A.D. 841–863/A.H. 227–248 State University of New York Press Albany, New York 978-0-88706-874-4 4 https://books.google.co.in/books?id=MNQFS2jzwFcC&redir_esc=y शुरुआत में वज़ीर इब्न अल-ज़य्यात अल-वाथिक के युवा पुत्र को खलीफा बनाना चाहते थे, लेकिन तुर्की कमांडरों ने एक वयस्क शासक को प्राथमिकता दी। अंततः, अल-मुतवक्किल को नया खलीफा चुना गया। सत्ता में आते ही अल-मुतवक्किल ने अपने राजनीतिक विरोधियों को दरकिनार कर अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत की। उन्होंने कुछ ही महीनों के भीतर इब्न अल-ज़य्यात को पदच्युत कर मृत्युदंड दे दिया और बाद में तुर्की कमांडर इताख को भी बंदी बनाकर दंडित किया।Kennedy Hugh 2006 When Baghdad Ruled the Muslim World: The Rise and Fall of Islam's Greatest Dynasty Da Capo Press Cambridge, MA 978-0-306814808 234 https://books.google.co.in/books?id=67fZB5YGkOQC&redir_esc=y धार्मिक नीतियाँ और 'मिहना' का अंत अल-मुतवक्किल के शासनकाल का सबसे प्रमुख नीतिगत बदलाव उनकी धार्मिक नीतियाँ थीं। उनके पूर्ववर्तियों (अल-मामुन, अल-मुतसिम और अल-वाथिक) ने 'मुताज़िला' (Mu'tazila) विचारधारा का दृढ़ता से समर्थन किया था और इसके विरोधियों को दंडित करने के लिए 'मिहना' (धार्मिक परीक्षण) की संस्थागत व्यवस्था की थी। अल-मुतवक्किल ने इस नीति को पूरी तरह से उलट दिया, जिससे उन्हें पारंपरिक सुन्नी उलेमा और बगदाद की आम जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।Turner J.P. 2010-01-01 The End of the Mina https://brill.com/abstract/journals/orie/38/1-2/article-p89_5.xml Oriens en 38 1 89–106 10.1163/187783710X536671 0078-6527 उन्होंने मुताज़िला सिद्धांत को आधिकारिक रूप से खारिज कर दिया और पारंपरिक सुन्नी इस्लाम को राज्य का संरक्षण प्रदान किया। इसी क्रम में उन्होंने प्रमुख इस्लामी विद्वान अहमद इब्न हनबल को नज़रबंदी से रिहा किया और उन्हें शाही दरबार में ससम्मान आमंत्रित किया।Kraemer Joel L. 1989 The History of al-Ṭabarī, Volume XXXIV: Incipient Decline: The Caliphates of al-Wāthiq, al-Mutawakkil and al-Muntaṣir, A.D. 841–863/A.H. 227–248 State University of New York Press Albany, New York 978-0-88706-874-4 171 https://books.google.co.in/books?id=MNQFS2jzwFcC&redir_esc=y गैर-मुस्लिमों और शियाओं पर प्रतिबंध धार्मिक एकरूपता स्थापित करने के प्रयास में, अल-मुतवक्किल की नीतियां अन्य समुदायों के प्रति सख्त रहीं। 850 ईसवी में उन्होंने गैर-मुस्लिमों (ज़िम्मी—ईसाइयों और यहूदियों) के लिए कठोर नियम लागू किए। एक विशेष फरमान के अनुसार, उन्हें मुसलमानों से अलग दिखने के लिए विशिष्ट कपड़े (पीले रंग के बेल्ट या ज़ुन्नार) पहनने का आदेश दिया गया। उन्हें प्रशासनिक पदों से हटा दिया गया और नए पूजा स्थलों (चर्चों और यहूदी मंदिरों) के निर्माण पर रोक लगा दी गई; इसके तहत कई नवनिर्मित संरचनाओं को ढहा भी दिया गया।https://books.google.co.in/books?id=YUB0EAAAQBAJ&redir_esc=y Arab Dress, A Short History: From the Dawn of Islam to Modern Times Stillman Norman 2022-06-08 BRILL 978-90-04-49162-5 104 en शिया मुसलमानों के प्रति भी राज्य का रुख कड़ा रहा। अल-मुतवक्किल ने कर्बला में इमाम हुसैन के मकबरे को नष्ट करने का आदेश दिया और उस स्थान पर खेती करने का निर्देश दिया ताकि वहां कोई प्रतीकात्मक निशान न बचे। कर्बला की तीर्थयात्रा (ज़ियारत) पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।Kennedy Hugh 2004 The Prophet and the Age of the Caliphates: The Islamic Near East from the 6th to the 11th Century Longman Second Harlow 978-0-582-40525-7 169 https://archive.org/details/isbn_2900582405256/ स्थापत्य कला और समर्रा का विस्तार अल-मुतवक्किल की स्थापत्य कला में गहरी रुचि थी, और उनके शासनकाल में समर्रा तत्कालीन विश्व के सबसे विशाल और सुसज्जित शहरों में से एक बन गया। उन्होंने 'समर्रा की महान मस्जिद' (Great Mosque of Samarra) का निर्माण करवाया, जो उस समय दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद थी। इस मस्जिद की अद्वितीय सर्पिल मीनार (मालविया) आज भी अब्बासी वास्तुकला का एक प्रमुख प्रतीक मानी जाती है।https://openlibrary.org/books/OL11365942M/The_Historical_Topography_of_Samarra_(Samarra_Studies) The Historical Topography of Samarra (Samarra Studies) Northedge Alastair 2006-03-31 British School of Archaeology in Iraq 978-0-903472-17-3 107 इसके अतिरिक्त, उन्होंने समर्रा के उत्तर में 'अल-जाफरिया' नामक एक पूरी तरह से नए शाही शहर का निर्माण शुरू किया, जिसमें अबू दुलाफ़ नामक एक और विशाल मस्जिद बनाई गई। साम्राज्य के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा महलों (जैसे बलकुवारा महल) के निर्माण और कृषि व सिंचाई व्यवस्था के विस्तार में निवेश किया गया।Kennedy Hugh 2006 When Baghdad Ruled the Muslim World: The Rise and Fall of Islam's Greatest Dynasty Da Capo Press Cambridge, MA 978-0-306814808 265 https://books.google.co.in/books?id=67fZB5YGkOQC&redir_esc=y उत्तराधिकार का संकट और हत्या अल-मुतवक्किल ने तुर्की सैन्य कमांडरों के बढ़ते प्रशासनिक और सैन्य प्रभाव को महसूस किया और उसे सीमित करने का प्रयास किया।Gordon Matthew S. 2001 The Breaking of a Thousand Swords: A History of the Turkish Military of Samarra (A.H. 200–275/815–889 C.E.) State University of New York Press Albany, New York 0-7914-4795-2 82 https://openlibrary.org/books/OL7802406M/The_Breaking_of_a_Thousand_Swords उन्होंने अपनी रक्षा के लिए गैर-तुर्की सैनिकों (जैसे अरबों और अर्मेनियाई लोगों) की एक नई सैन्य टुकड़ी तैयार करने की कोशिश की, जिससे तुर्की सैन्य अधिकारी आशंकित हो गए। उत्तराधिकार का मुद्दा उनके पतन का मुख्य कारण बना। अल-मुतवक्किल ने अपने तीन बेटों—अल-मुंतसिर, अल-मुतज़ और अल-मुअय्यद—को उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। लेकिन समय के साथ, उन्होंने अपने सबसे बड़े बेटे अल-मुंतसिर को हाशिए पर रखना शुरू कर दिया और अपने दूसरे बेटे अल-मुतज़ को प्राथमिकता देने लगे। अपनी स्थिति को असुरक्षित देखकर, अल-मुंतसिर ने तुर्की सैन्य कमांडरों के साथ मिलकर अपने ही पिता की हत्या का षड्यंत्र रचा। 11 दिसंबर 861 की रात को, जब अल-मुतवक्किल अपने महल में थे, तुर्की सैनिकों के एक दल ने उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।Kennedy Hugh 2006 When Baghdad Ruled the Muslim World: The Rise and Fall of Islam's Greatest Dynasty Da Capo Press Cambridge, MA 978-0-306814808 264 https://openlibrary.org/books/OL7802406M/The_Breaking_of_a_Thousand_Swords इस घटना ने अब्बासी साम्राज्य में गहरी राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर दी और 'समर्रा में अराजकता' (Anarchy at Samarra) नामक दौर की शुरुआत की, जहाँ अगले एक दशक तक तुर्की सेना ने खलीफाओं को नियंत्रित करना शुरू कर दिया।https://openlibrary.org/books/OL22361168M/The_encyclopaedia_of_Islam The encyclopaedia of Islam Gibb Hamilton Alexander Rosskeen 1993 Brill 978-90-04-09419-2 New ed / prepared by a number of leading orientalists. Leiden सन्दर्भ श्रेणी:अब्बासी खलीफा श्रेणी:822 में जन्मे लोग श्रेणी:861 में निधन श्रेणी:समर्रा का इतिहास