411 REFERENCE · Wikipedia
ब्रह्माण्ड कालक्रमिकी
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
ब्रह्माण्ड कालक्रमिकी ब्रह्मांड के इतिहास का वर्तमान स्वीकृत मॉडल बिग बैंग सिद्धांत पर आधारित है। इसके अनुसार ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति एक गर्म और सघन अवस्था से हुई, जो समय के साथ विस्तारित और ठंडी होती गई। विस्तार के प्रत्येक चरण में विभिन्न कणों की परस्पर क्रियाएँ होती रहीं, परंतु घनत्व घटने से कुछ क्रियाएँ समाप्त हो गईं और ब्रह्माण्ड का स्वरूप बदलता गया कोल्ब एडवर्ड प्रारंभिक ब्रह्मांड टर्नर माइकल एस॰ 2018 चैपमैन और हॉल/सी॰आर॰सी॰ 978-0-201-62674-2 बोल्डर
कालक्रमिकी
thumb|left|उनके ब्रह्माण्ड संबंधी रेडशिफ्ट द्वारा एक्सट्रागैलेक्टिक अवलोकनों का ब्रह्मांडीय समय z=20 तक.S.V. Pilipenko (2013–2021) "कागज़-और-पेंसिल ब्रह्माण्ड संबंधी कालक्रमिकी" arxiv:1303.5961, including Fortran-90 code जिस पर उद्धरण चार्ट और सूत्र आधारित हैं।
अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार समय और स्थान परस्पर जुड़े हुए हैं। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है, स्थान का विस्तार होता जाता है। अंतरिक्ष के प्रत्येक बिंदु, जैसे किसी आकाशगंगा पर समय को उस स्थान की काल्पनिक घड़ी द्वारा मापा जा सकता है। ये घड़ियाँ ब्रह्मांड के विस्तार के साथ चलती हैं और एक समान आरंभिक बिंदु से जुड़ी रहती हैं। दूर स्थित आकाशगंगाओं से आने वाला प्रकाश अतीत में उत्सर्जित हुआ होता है और प्रकाश की गति से धरती की ओर यात्रा करता है। इस कारण जितनी दूर की आकाशगंगा को देखा जाता हैं, तो उसका उतना पुराना स्वरूप देखते हैं, जिसे पश्चदृष्टि काल कहा जाता है। इस प्रकाश की यात्रा के दौरान ब्रह्मांड का विस्तार लगातार जारी रहता है, जिससे प्रकाश की तरंग लंबाई बढ़ती है और यह प्रक्रिया लाल विस्थापन कहलाती है।
ब्रह्मांड का अंधकार युग
पुनर्संयोजन और वियुग्मन के बाद ब्रह्मांड पारदर्शी हो गया और उस समय इतना ठंडा था कि प्रकाश स्वतंत्र रूप से यात्रा कर सकता था। परंतु उस समय कोई तारे या आकाशगंगाएँ नहीं थीं, क्योंकि ब्रह्मांड में पदार्थ समान रूप से वितरित था। गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से गैस पिंडों के घने क्षेत्र बनने में अत्यधिक समय लगा। इन क्षेत्रों में धीरे-धीरे गैस सघन होकर तारे और आकाशगंगाएँ बनीं। इस प्रक्रिया में करोड़ों वर्ष लग गए। इसलिए, पुनर्संयोजन के तुरंत बाद ब्रह्मांड अंधकारमय था,लोएव अव्राहम एवी लोएब नवम्बर 2006 ब्रह्मांड का अंधकार युग https://www.cfa.harvard.edu/~loeb/sciam.pdf live अमेरिकी वैज्ञानिक 10.1038/scientificamerican1106-46 295 5 46–53 https://web.archive.org/web/20190326231454/https://www.cfa.harvard.edu/~loeb/sciam.pdf 26 मार्च 2019 11 जनवरी 2020
संदर्भ
श्रेणी: अंतरिक्ष विज्ञान
श्रेणी:ब्रह्माण्ड