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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

पराग

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thumb|250px|कैमेलिया फूल के पराग पराग पौधे द्वारा संश्लेषित शर्करा युक्त तरल पदार्थ है। सामान्यतः इसका निर्माण फूल में होता है। ये हमिंगबर्ड, तितलियों तथा कई कीट पतंगो के खाद्य पदार्थ है। आर्थिक रूप से भी यह महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मधुमक्खियां इसी से मधु का निर्माण करती हैं। फूल के अलावा यह पौधे के अन्य भागों जैसे पत्तियों तथा फ्लोएम ऊतकों में भी निर्मित होते हैं। कुछ कीट भक्षी परजीवी पौधे इसका उपयोग कीट पतंगो को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए करते हैं। पराग का उपयोग परागण में होता है। पौधे द्वारा परागण की व्यवस्था इस बात पर निर्भर करती है कि किस तरह से परागण को इस्तेमाल किया जाता है। अधिकांश फूल अपने परागण के तरीके को लेकर मोटे तौर पर दो समूहों में विभाजित किए जा सकते हैं। कीटपरागित फूल फूल कीटों, चमगादडों, पक्षियों और जानवरों को आकर्षित करते हैं और एक फूल से दूसरे को पराग स्थानांतरित करने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। उनका रूपाकार विशिष्ट होता है और पुंकेसर की ऐसी व्यवस्था होती है कि पराग के दाने अपने आप पक्षियों या कीटपतंगों के साथ चिपककर स्थानान्तरित हो जायें और जब वह दूसरे पौधों पर बैठे तब वहाँ स्थानांतिरित हो जाएँ। कई फूलों की एक ही प्रजाति की किसी आकर्षक विशेषता को पाने के लिए, परागनकर्ता द्वारा उन सभी फूलों में पराग को स्टिग्मा में स्थान्तरित कर देती है जो बिल्कुल सटीक रूप से समान रूप में व्यवस्थित होते हैं। कई फूल परागण के लिए मात्र फूलों के हिस्सों के बीच निकटता पर निर्भर करते हैं, जैसे सारसेनिया या मादा स्लीपर ऑर्किड। वातपरागित फूल वायु के साथ पराग को एक फूल से अगले फूल तक ले जाते हैं उदाहरण के लिए संटी वृक्ष, एम्बोर्सिया जाति की रैग घास और एसर जाति के पेड़ और झाडियाँ। उन्हें परागण को आकर्षित करने की जरुरत नही पड़ती जिस कारण उनकी प्रवृति 'दिखावटी फूलों' की नही होती. जहाँ कीटप्रागीय फूलों के पराग बड़े और लसलसे दानों के रूप में होते हैं और प्रोटीन की अधिकतावाले होते हैं वहीं वातपरागित फूलों के पराग ज्यादातर छोटे दाने लिए हुए रहते हैं, बहुत हल्के और कीटों के लिए इतने पोषक भी नही होते। मधुमक्खी और बम्बल मक्खी सक्रिय रूप से वातपरागित पराग कणों को जमा करते हैं हालाँकि ये उनके ज्यादा महत्त्व के नही होते। कुछ फूल स्वपरागित होते हैं और उन फूलों का इस्तेमाल करते हैं जो कभी नही खिलते, या फूल खिलने से पहले स्वपरागित जो जाते हैं, इन फूलों को क्लीसटोगैमस कहा जाता है कई प्रकार के विओला और सालविया प्रजातियों में इस प्रकार के फूल होते हैं। इन्हें भी देखें परागण मधुरस मधु मधुमक्खी बाहरी कड़ियाँ thumb|250px|Clumps of yellow pollen on a flower head. Pollen and Spore Identification Literature Paleobotany and Palynology at the Florida Museum of Natural History Palynology at the University of Arizona Palynology at French Institute of Pondicherry Palynology at the University of Sheffield SEM coloured and confocal microscope images of pollen Bee Pollen Benefits Pollen Biology and Pollen Allergy (Radboud University Nijmegen) Palynology in Utrecht, the Netherlands The flight of the pollen cloud Biosafety research project: Outcrossing from transgenic maize and quantifying outcrossing rates The Evolutionary Theory of Sex: Mechanisms of Regulation of the Population Parameters PalDat (database comprising palynological data from a variety of plant families) Very large pollen accumulation in the sea Pollen movement dynamics Co-extra research project on coexistence and traceability of GM an non-GM supply chains Pollen SEM-image gallery श्रेणी:फूल श्रेणी:वनस्पति शारीरिकी श्रेणी:वनस्पति आकृति-विज्ञान श्रेणी:परागण