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411 समाचार
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सहस्रताल

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सहस्रताल सहस्त्र ताल सहस्रताल का एक सामान्य दृश्य Uttarakhand सहस्रताल का स्थान उत्तराखंड में सहस्रताल का स्थान 250 right टिहरी गढ़वाल जिला, उत्तराखंड, भारत 30 49 57 N 79 03 42 E type:waterbody inline,title हिमनदी झील खतलिंग हिमनद का पिघला पानी 4570 m ft 0 on सहस्रताल (अंग्रेज़ी: Sahastra Tal; अर्थ: 'हज़ार तालाब') भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित एक उच्च-ऊँचाई वाली हिमनदी झील है। यह गढ़वाल हिमालय के हृदय में बसी है और मुख्य रूप से टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी जिलों की सीमा पर फैली हुई है। खतलिंग हिमनद के पश्चिमी सिरे पर अवस्थित यह झील अपने नाम के अनुरूप आसपास सैकड़ों छोटी-बड़ी तालिकाओं से घिरी हुई है, जो इसे एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक महत्व प्रदान करती है। समुद्र तल से लगभग ४,५७० मीटर (१५,००० फीट) की ऊँचाई पर स्थित यह झील गढ़वाल क्षेत्र की सबसे ऊँची और सबसे बड़ी तालों में से एक मानी जाती है।https://www.euttaranchal.com/tourism/sahastra-tal.php Sahastra Tal Lake Uttarakhand - Location, Mythology, How to Reach eUttaranchal 13 अक्टूबर 2025 https://web.archive.org/web/20251207212936/https://www.euttaranchal.com/tourism/sahastra-tal.php 7 दिसंबर 2025 dead भौगोलिक विशेषताएँ सहस्रताल का निर्माण खतलिंग हिमनद से पिघलते बर्फ के पानी से होता है, जो क्षेत्र की प्रमुख जल स्रोत है। यह झील भिलंगना नदी के उद्गम स्थल के निकट बसी है, और पास ही बहने वाली बाल गंगा नदी – जो गंगा की एक सहायक नदी है – इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है। झील के आसपास का इलाका ऊबड़-खाबड़ है, जहाँ विशाल हिमनद जैसे जोगिन हिमनद समूह, कीर्ति स्तंभ और मेरु हिमनद का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। सर्दियों में यह झील पूरी तरह बर्फ से ढक जाती है, जबकि गर्मियों में इसके किनारों पर ब्रह्मकमल जैसे दुर्लभ अल्पाइन फूल खिलते हैं, जो उत्तराखंड का राजकीय पुष्प भी है। इस क्षेत्र की जैव-विविधता अद्भुत है – यहाँ घने जंगल, अल्पाइन घास के मैदान (बुग्याल) और विविध वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। हालांकि, ऊँचाई के कारण ऑक्सीजन की कमी और कठोर मौसम यहाँ के पर्यावरण को संरक्षित रखने में मदद करता है, जिससे यह पर्यटकों की भीड़ से बची हुई है। ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन सहस्रताल साहसिक प्रेमियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग स्थल है। यह ट्रेक मध्यम से कठिन स्तर का माना जाता है, जिसमें कुल दूरी लगभग ६०-६५ किलोमीटर है और अवधि ७-९ दिनों की।https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/sahastra-tal Sahastra Tal - Official Website of Uttarakhand Tourism Uttarakhand Tourism Development Board 13 अक्टूबर 2025 ट्रेक की शुरुआत आमतौर पर भटवाड़ी या सिला गाँव से होती है, जहाँ से रास्ता गैरि, कुश कल्याण, क्यारकी बुग्याल, लंब ताल होते हुए सहस्रताल तक पहुँचता है। एक सामान्य यात्रा कार्यक्रम इस प्रकार हो सकता है: दिन १: भटवाड़ी पहुँच। दिन २: मल्ला गाँव से गैरि तक ट्रेक। दिन ३: गैरि से कुश कल्याण। दिन ४: कुश कल्याण से क्यारकी बुग्याल। दिन ५: क्यारकी से लंब ताल। दिन ६: लंब ताल से सहस्रताल (और वापसी)। दिन ७-८: वापसी के पड़ाव। दिन ९: भटवाड़ी से प्रस्थान। ट्रेकर्स को अच्छी शारीरिक फिटनेस, ऊँचाई बीमारी से बचाव के उपाय और अनुभवी गाइड की आवश्यकता होती है। जून से सितंबर के बीच यहाँ फूलों की बहार छा जाती है, जो ट्रेक को और आकर्षक बनाती है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व स्थानीय मान्यताओं में सहस्रताल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसका नाम 'हज़ार तालों' से जुड़ा है, जो हिंदू पुराणों में वर्णित अनेक सरोवरों की याद दिलाता है। यह क्षेत्र पारंपरिक तीर्थयात्रा मार्गों का हिस्सा रहा है, और कई यात्री इसे ध्यान-मग्नता के लिए चुनते हैं। ब्रह्मकमल की उपस्थिति इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है। पहुँचने का मार्ग दिल्ली से हरिद्वार ट्रेन या बस से पहुँचा जा सकता है। हरिद्वार से उत्तरकाशी के लिए नियमित बसें चलती हैं, फिर भटवाड़ी तक २२० किलोमीटर की ड्राइव। लोकल टैक्सी या जीप भी उपलब्ध हैं। हवाई मार्ग से निकटतम हवाई अड्डा देहरादून है। सहस्रताल 30.83 79.06 उत्तराखंड में सहस्रताल का स्थान Lake blue dot.svg 6 इन्हें भी देखें खतलिंग हिमनद भिलंगना नदी गढ़वाल हिमालय उत्तराखंड की झीलें संदर्भ श्रेणी:उत्तराखंड की झीलें श्रेणी:गढ़वाल हिमालय श्रेणी:ट्रेकिंग स्थल