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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कृत्तिका तारागुच्छ

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कृत्तिका तारागुच्छ.png 280px कृत्तिका तारागुच्छ के मुख्य तारे दर्शाता चित्र प्लीयडीज़ Open Cluster J2000 03 47 24Cl Melotte 22 2007-04-20 +24 07 00 444 ly on average 136.2±1.2 pc 1.6Messier 45 110' (arcmin) वृष तारामंडल Seven Sisters, M45, Cr 42, Mel 22 कृत्तिका, जिसे प्लीयडीज़ भी कहते हैं, वृष तारामंडल में स्थित B श्रेणी के तारों का एक खुला तारागुच्छ है। यह पृथ्वी के सब से समीप वाले तारागुच्छों में से एक है और बिना दूरबीन के दिखने वाले तारागुच्छों में से सब से साफ़ नज़र आता है।NightWatch: a practical guide to viewing the universe Terence Dickinson Firefly Books, 1998 9781552093023 http://books.google.com/books?id=BaMBgoKPmjAC कृत्तिका तारागुच्छ का बहुत सी मानव सभ्यताओं में अलग-अलग महत्व रहा है। इसमें स्थित ज़्यादातर तारे पिछले १० करोड़ वर्षों के अन्दर जन्में हुए नीले रंग के गरम और बहुत ही रोशन तारे हैं। इसके सबसे रोशन तारों के इर्द-गिर्द धूल भी दमकती हुई नज़र आती है। पहले समझा जाता था कि यह यहाँ के तारों के निर्माण के बाद बची-कुची धूल है, लेकिन अब ज्ञात हुआ है कि यह अंतरतारकीय माध्यम (इन्टरस्टॅलर मीडयम) में स्थित एक अलग ही धूल और गैस का बादल है जिसमें से कृत्तिका के तारे गुज़र रहें हैं। खगोलशास्त्रियों का अनुमान है कि इस तारागुच्छ और २५ करोड़ वर्षों तक साथ हैं लेकिन उसके बाद आसपास गुरुत्वाकर्षण कि खींचातानी से एक-दूसरे से बिछड़कर तित्तर-बित्तर हो जाएँगे। कृत्तिका पृथ्वी से ४०० और ५०० प्रकाश वर्ष के बीच की दूरी पर स्थित है और इसकी ठीक दूरी पर वैज्ञानिकों में ४०० से लेकर ५०० प्रकाश वर्षों के बीच के आंकड़ों में अनबन रही है। thumb|240px|कृत्तिका तारागुच्छ thumb|240px|अवरक्त प्रकाश (इन्फ़्रारॅड) में कृत्तिका के एक हिस्से का दृश्य - धूल का ग़ुबार साफ़ दिख रहा है thumb|240px|कृत्तिका का एक नक़्शा अन्य भाषाओं में कृत्तिका को अंग्रेज़ी में "प्लीयडीज़" (Pleiades) कहते हैं। फ़ारसी में इसे "परवीन" (ur پروین) कहते हैं जो भारतीय उपमहाद्वीप में भी बहुत सी महिलाओं के नाम के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे कि परवीन बाबी। अरबी भाषा में इसे "सुराया" या "सोराया" (ur ثريا) बोलते हैं, जिसका आम भारतीय और पाकिस्तानी उच्चारण "सुर​ईय्या" है। यह नाम भी भारतीय उपमहाद्वीप, ईरान और अफ़्ग़ानिस्तान में स्त्रियों के लिए प्रचलित है और १९४०-१९५० के दशकों की एक मशहूर हिंदी फिल्म अभिनेत्री का नाम भी था। ध्यान दें की फ़ारसी-अरबी लिपि के "ur ث" की ध्वनि को भारतीय, पाकिस्तानी, अफ़्ग़ान और ईरानी लोग "स" का उच्चारण देते हैं जबकि अरब लोग "थ़" का उच्चारण देते हैं (जो "थ" से ज़रा भिन्न है), इसलिए अरबीभाषी इस नाम को "थ़ुराया" उच्चारित करते हैं। भारतीय संस्कृति में महत्व कृत्तिका को भारतीय सभ्यता में एक नक्षत्र का दर्जा मिला हुआ है, जिसका नाम कृत्तिका नक्षत्र ही है। यह युद्ध के देवता "स्कन्द" से सम्बंधित है, जिनकी छह माएँ थीं और हर माँ के लिए उनका एक भिन्न मुख था। स्कन्द को विशेष रूप से तमिल संस्कृति में "मुरुगन" और "सेन्तिल" के नाम से पूजा जाता है। वर्णन कृत्तिका हमसे ४००-५०० प्रकाश वर्षों की दूरी पर है। यदि इसका अपना आकार देखा जाए तो इसके केन्द्रीय भाग का अर्धव्यास (रेडियस) लगभग ८ प्रकाश वर्ष है। इसके गुरुत्वाकर्षण से उत्पन्न ज्वारभाटा बल लगभग ४३ प्रकाश वर्षों के अर्धव्यास वाले क्षेत्र में ज़ोर पर है। अध्ययन करने पर इसमें १,००० से भी ज़्यादा तारे और अन्य खगोलीय वस्तुएँ पाई गई है, हालांकि इसमें बहुत से एक दिखने वाले तारे वास्तव में द्वितारे होंगे इसलिए हकीकत में यह आंकड़ा और भी अधिक होना चाहिए। इसमें स्थित तारों में से १४ पृथ्वी से बिना दूरबीन के सहायता के देखे जा सकते हैं। अगर कृत्तिका में मौजूद सभी वस्तुओं को मिलाकर कुल द्रव्यमान (मास) देखा जाए तो यह लगभग हमारे सूरज के द्रव्यमान का ८०० गुना है। कृत्तिका में बहुत से भूरे बौने भी स्थित हैं, जो वैसे तो तारों की तरह गैस के बने होते हैं लेकिन इतने बड़े भी नहीं होते की इनमें हाइड्रोजन कुचलकर नाभिकीय संलयन (न्यूक्लीयर फ्यूज़न) शुरू हो सके। इस वजह से यह तारों की रोशनी नहीं रखते। पूरे कृत्तिका के लगभग २५% सदस्य ऐसे ही भूरे बौने हैं हालांकि द्रव्यमान कम होने से इनका कृत्तिका के कुल द्रव्यमान में हिस्सा केवल २% ही है। खगोलशास्त्रियों ने कृत्तिका जैसे नए तारागुच्छों के भूरे बौनों को परखने में बहुत ज़ोर लगाया है क्योंकि इनमें फिर-भी कुछ रोशनी है और यह ठीक से देखे जा सकते हैं। अधिक आयु वाले तारागुच्छों के भूरे बौने बूढ़े और धुंधले होते हैं। मुख्य तारे कृत्तिका के नौ सबसे रोशन तारों के अंग्रेज़ी नाम यूनानी मिथ्य-कथों के कुछ पात्रों पर रखे गए हैं और इस प्रकार हैं: "Goddessess in Ancient India," Prithvi Kumar Agrawala, Abhinav Publications, 1984, ISBN 9780391029606, ... They form a group of seven stars which are named in the Taittiriya Brahmana as Amba, Dula, Nitatni, Abhrayanti, Meghayanti, Varshayanti and Chupunika ..."बाबूराम आचार्य स्मृतिग्रन्थ," इतिहास शिरोमणी बाबूराम आचार्य शतवार्षिक समारोह समिति, नेपाल, १९८९, ... दुला 17 Tauri ... नितत्नी 19 Tauri ... अभ्रयन्ती 20 Tauri ... वर्षयन्ती 27 Tauri ... मेघयन्ती 23 Tauri ... मेरो विचारमा 28 Tauri नै चुपुणीका हो ... (नेपाली भाषा में) नाम अंग्रेज़ी नाम बायर नाम कान्तिमान (मैग्निट्यूड) श्रेणी टिप्पणी अम्बा ऐलसायनी (Alcyone) η Tauri २.८६ B7 IIIe वर्षयंती ऐटलस (Atlas) 27 Tauri ३.६२ B8 III दुला इलॅक्ट्रा (Electra) 17 Tauri ३.७० B6 IIIe अभ्रयंती माया (Maia) 20 Tauri ३.८६ B7 III मेघयंती मेरोपी (Merope) 23 Tauri ४.१७ B6 IVev नितत्नी टेयिजिटा (Taygeta) 19 Tauri ४.२९ B6 V चुपुणिका प्लायोनी (Pleione) 28 (BU) Tauri ५.०९ (परिवर्ती) B8 IVpe सलीनो (Celaeno) 16 Tauri ५.४४ B7 IV स्टॅरोपी (Sterope) या अस्टॅरोपी (Asterope) 21 Tauri और 22 Tauri ५.६४ और ६.४१ B8 Ve और B9 V यह एक दोहरा तारा है कोई पारम्परिक नाम नहीं 18 Tauri ५.६५ B8 V इन्हें भी देखें अम्बा तारा खुला तारागुच्छ वृष तारामंडल सन्दर्भ 2 श्रेणी:वृष तारामंडल श्रेणी:तारागुच्छ श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना *