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सरला ग्रेवाल
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सरला ग्रेवाल 4 अक्टूबर 1927 2002 1 29 1927 10 4 y चंडीगढ़ मध्य प्रदेश की राज्यपाल 1989 - 1990 के एम चांडी एम ए खान चंडीगढ़, पंजाब भारतीय भारतीय दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर पंजाब विश्वविद्यालय भारतीय प्रशासनिक सेवा
सरला ग्रेवाल (4 अक्टूबर 1927 - 29 जनवरी 2002) 1952 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी थी। वे 1989-1990 में मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। साथ ही वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रधान सचिव भी रही हैं।
प्रारंभिक जीवन
श्रीमती ग्रेवाल का जन्म 4 अक्टूबर 1927 को हुआ था। अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने आनर्स में स्नातक उपाधि ली। बाद में दर्शनशास्त्र में उन्होंने स्नातकोत्तर उपाधि पंजाब विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्नातकोत्तर उपाधि में पंजाब विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। 1952 में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और उस समय इस सेवा में आने वाली भारत की दूसरी महिला अधिकारी थी।sharma sanjeev Former Governers of Madhya Pradesh http://www.rajbhavanmp.in/grewal.asp rajbhavn 23 नवम्बर 2013 https://web.archive.org/web/20131111151607/http://www.rajbhavanmp.in/grewal.asp 11 नवंबर 2013 dead
प्रशासनिक जीवन
उन्होंने पंजाब प्रदेश के अन्तर्गत अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया 1956 में वे शिमला की डिप्टी कमिश्नर बनाई गई और देश में इस पद का दायित्व निभाने वाली वे पहली महिला अधिकारी थी। वे 1962 में शिक्षा संचालक बनने वाली पहली आई.ए.एस. अधिकारी थी। इस हैसियत में उन्होंने प्राथमिक से लेकर हाईस्कूल और विश्वविद्यालयीन स्तरतक शिक्षा प्रशासन के विभिन्न दायित्वों का निर्वाह किया। इसी दौरान राज्य में युवक कार्यक्रमों और प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रमों को उन्होंने शिक्षा प्रणाली को माध्यमिक स्तर पर व्यवसाय से जोड़ने की पहल की। वे बाद में रूप में माध्यमिक शिक्षा प्रणालीका अध्ययन करने गयीं। ब्रिटिश कौंसिल की छात्रवृतित पर दस महीने तक लन्दन स्कूल ऑफ इकनामिक्स में विकासशील देशों में सामाजिक सेवाओं के स्वरूप का भी उन्होंने गहन अध्ययन किया। इस शिक्षा पाठयक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा और समाज कल्याण सेवाओं की महत्ता पर बहुत जोर दिया गया था। 1963 में वे पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग की सचिव बनीं। इस कार्यकाल में पंजाब प्रदेश को राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत श्रेष्ठ उपलब्धियों के लिये चार सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। राज्य ने इस दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति और सफलतायें हासिल की। इस काल में राज्य में मातृ और शिशु-स्वास्थ्य-कल्याण सेवाओं के लिये एक द्रढ़ आधारभूत संरचना निर्मित की गयी जिससे परिवार-नियोजन कार्यक्रम के स्थायी रूप से अपनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य में समाज-कल्याण और महिला-कल्याण कार्यक्रम एवं स्थानीय प्रशासन विभाग के दायित्वों का भी कुशलतापूर्वक निर्वाह किया। वे सचिव, उद्योग, खाद्य और नागरिक आपूर्ति तथा आयुक्त, गृह भी रहीं जिसके अन्तर्गत पुलिस और परिवहन प्रशासन था। उन्होंने पंजाब के विकास आयुक्त के रूप में 1971 से 1974 तीन वर्षों तक इस पद की जिम्मेदारी का निर्वाह किया। इसके अन्तर्गत कृषि और उससे संबंधित विभागों का दायित्व शामिल था। इस दौरान पंजाब प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इसी कार्यक्रम में पंजाब में पशुपालन सेवा के क्षेत्र में विदेशी नस्ल के उत्तम पशु तैयार करने की दिशा में सराहनीय कार्य किया गया। इससे छोटे किसानों के सहकारी दुग्ध उत्पादन केन्द्रों के संगठन का निर्माण हुआ। उन्होंने तीन दुग्ध संयंत्रों की स्थापना की दिशा में भी बुनियादी भूमिका निभाई।
वे मार्च, 1974 से संयक्त सचिव और आयुक्त, परिवार कल्याण रहीं। उन्होंने 11 नवम्बर 1976 से भारत सरकार के परिवार-कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और आयुक्त का दायित्व निभाया। इस दौरान परिवार कल्याण कार्यक्रम को नया आयाम और नयी गति मिली। उनके कार्यकाल में समूचे देश में परिवार-कल्याण गतिविधियों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई जिसके अंतर्गत सभी पक्षों, परिवार नियोजन, मातृ कल्याण और शिशु स्वास्थ्य की दिशा में सराहनीय कार्य कियागया। बड़े पैमाने पर विस्तार सेवाओं का जाल बिछाया गया और जन-संचार के विभिन्न माध्यमों से शिक्षाप्रद कार्यक्रमों की सहायता से अशिक्षित जन-समाज के बीच छोटे परिवार के आदर्श को प्रभावी ढंग से अपनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ। इस दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ा गया। स्कूल तथा विश्वविद्यालयीन शिक्षा प्रणाली में जन-शिक्षा योजना के पाठयक्रम शामिल किये गये। उन्होने अनेक महत्वपूर्ण मंचों के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् और अन्य संगठन शामिल हैं। उन्होंने जन्म दर नियंत्रण की दिशा में हो रहे नये अनुसंधान और शोध कार्यों से संबंधित विभिन्न सेमीनारों और सभाओं की भी अध्यक्षता की। वे नवम्बर, 1982 में सचिव, शिक्षा और संस्कृति बनी। इस दौरान प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालयीन शिक्षा तक तथा तकनीकी शिक्षा पर विशेष महत्व दिया गया। महिला साक्षरता एवं प्रौढ़ शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। उनके निर्देशन में संस्.ति के क्षेत्र में पुरातत्व विभाग, संग्रहालयों थियेटरों और ललित कलाओं की विभिन्न उन्होंने रायल कॉलेज ऑफ आब्सट्रेकट्रिशियन और गायनोकालाजिस्ट्स लंदन में 1979 में अतिथि वक्ता के रूप में महत्वपूर्ण भाषण दिया था। 1980 में भारत में परिवार कल्याण कार्यक्रम के सन्दर्भ में दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में मातृ कल्याण और जन्मपूर्व मृत्यु दर, गर्भ समापन, जन्म निरोध आदि तकनीकी विषयों पर उन्होंने शोधपरक भाषण दिया था। उन्होने विभिन्न राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का कुशल प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1977, 1979 और जनवरी, 1981 में न्यूयार्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या आयोग के क्रमश: 19 वें, 20 वें और 21 वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधि की हैसियत से अपने दायित्व का कुशल निर्वाह किया। 10 अगस्त 1981 को वे समाज कल्याण मंत्रालय की सचिव बनीं। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने समाज कल्याण की विभिन्न नीतियों और योजनाओं को नयी दिशा दी और उनमें बेहतर समन्वय स्थापित किया। इसमें महिला-कल्याण, बाल कल्याण और विकलांगों के कल्याण कार्यक्रम शामिल थे। इस दौरान मंत्रालय के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की शुरूआत, स्वैच्छिक संगठनों की स्थापना और विकास, विकलांगों के कल्याण के लिये राष्ट्रीय संस्थन की स्थापना और सामाजिक कानून की दिशा में सराहनीय कार्य किया।
श्रीमती ग्रेवाल ने अक्टूबर 1981 में न्यूयार्क में आयोजित यूनीसेफ एक्जीक्यूटिव बोर्ड के विशेष सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वे 1982-83 सत्र में यूनीसेफ एक्जीक्यूटिव बोर्ड की कार्यक्रम समिति की सर्वानुमति से अध्यक्ष चुनी गयीं। उनके निर्देशन में महिलाओं के आर्थिक विकास की दिशा में विशेष कार्यक्रम संचालित किये गये। अकादमियों में उल्लेखनीय कार्य हुआ। इस सभी क्षेत्रों विकास संबंधी विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की गयीं तथा अनेक उपयोगी कार्यक्रम संचालित किये गये और उन्हें भरपूर प्रोत्साहन मिला। उन्होने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन का सूत्रपात किया। विशेष रूप से महिला साक्षरता कार्यक्रम में उनकी भूमिका सराहनीय रही और नयी शिक्षा नीति का प्रारूप तैयार करने में उन्होंने महत्वपूर्ण कार्य किया। वे यूनेस्को की शिक्षा सलाहकार समिति में व्यक्तिगत हैसियत से प्रतिनिधि चुनी गयीं। उन्होंने दो वर्ष तक यूनेस्को के तत्वाधान में आयोजित अनेक क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सभाओं में कुशल प्रतिनिधित्व किया। जिनेवा में इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ एजूकेशन द्वारा आयोजित सम्मेलन में वे भारतीय प्रतिनिधि के रूप में सम्मिलित हुई। 14 फ़रवरी 1985 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव बनीं। वे 25 सितम्बर 1985 को प्रधानमंत्री की सचिव नियुक्त हुई। इस पद का दायित्व उन्होंने कुशलतापूर्वक निर्वाह किया।http://news.oneindia.in/2006/10/31/madhya-pradesh-completes-50-years-of-existence-1162296786.html Madhya Pradesh 50 years 23 नवंबर 2013 https://web.archive.org/web/20131203000628/http://news.oneindia.in/2006/10/31/madhya-pradesh-completes-50-years-of-existence-1162296786.html 3 दिसंबर 2013 dead http://www.rediff.com/news/may/08flip.htm Rediff Sarala grewel 23 नवंबर 2013 https://web.archive.org/web/20131203014741/http://www.rediff.com/news/may/08flip.htm 3 दिसंबर 2013 live Bofors deal was signed in `haste' -- Sarla Grewal Indian Expresshttp://mppost.com/Sarla%20Grewal.php एम पी पोस्ट में सरला ग्रेवाल का परिचय 23 नवंबर 2013 https://web.archive.org/web/20131202235216/http://mppost.com/Sarla%20Grewal.php 2 दिसंबर 2013 dead
कूटनीतिक जीवन
श्रीमती ग्रेवाल 25 सितम्बर 1985 को प्रधानमंत्री की सचिव नियुक्त हुई। मध्यप्रदेश का राज्यपाल मनोनीत होने तक वे इसी पद पर कार्यरत् रहीं। श्रीमती ग्रेवाल ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद का कार्यभार 1 मार्च 1989 को ग्रहण किया और वे इस पद पर 5, फरवरी 1990 तक रहीं।Profile of Governor https://web.archive.org/web/20131111151607/http://www.rajbhavanmp.in/grewal.asp 11 नवंबर 2013 Raj Bhavan (Madhya Pradesh) Official website
निधन
ट्रिव्यून ट्रस्ट की अध्यक्ष रही श्रीमती सरला ग्रेवाल का 29 जनवरी 2002 को चंडीगढ़ में निधन हुआ।
इन्हें भी देखें
मध्य प्रदेश के राज्यपालों की सूची
सन्दर्भ
श्रेणी:1927 में जन्मे लोग
श्रेणी:२००२ में निधन
श्रेणी:मध्य प्रदेश के राज्यपाल
श्रेणी:भारतीय महिला राजनीतिज्ञ
श्रेणी:भारतीय सिविल सेवक
श्रेणी:भारत के कैबिनेट सचिव