411 REFERENCE · Wikipedia
प्राचीन मेसोपोटामिया के धर्म
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
right|thumb|भगवान मर्दुक और उसका ड्रैगन मुसुशु
प्राचीन मेसोपोटामिया धर्म के अनुयाई विशेष रूप से सुमेर, अक्कड़, असीरिया और बेबीलोनिया की सभ्यताओं में, विश्वास रखते थे। और देवताओं, सृष्टि, ब्रह्मांड और मानव उत्पत्ति से संबंधित संबंधित तथ्यों में विश्वास रखते थे। इसमें प्रमुख देवता जैसे एन्नलिल, मर्दुक और एशुर थे, इसमें 6000 ईसा पूर्व और 400 ईस्वी के बीच की प्रथाएँ भी प्राचीन मेसोपोटामिया धर्म के अन्तर्गत आते थे।https://www.britannica.com/topic/Mesopotamian-religion प्राचीन मेसोपोटामिया धर्म ब्रिटानिका 19 जुलाई 2016 21 जून 2018 https://web.archive.org/web/20180621173318/https://www.britannica.com/topic/Mesopotamian-religion live मेसोपोटामिया धर्म का विकास विशेष रूप से दक्षिण में और पूरे क्षेत्र में विभिन्न लोगों के आंदोलनों से प्रभावित नहीं था। यह एक सुसंगत परंपरा थी, जो सहस्राब्दियों में अपने अनुयायियों की आंतरिक आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित हुई। मेसोपोटामिया संस्कृति ने बाहरी प्रभावों से बचते हुए अपनी धार्मिक परंपराओं को बनाए रखा और समय के साथ इनका विकास स्थिर और संगठित रूप से हुआ।
पूर्वजन्म पर विश्वास
प्राचीन मेसोपोटामिया धर्म के अनुयाई मृत्यु के बाद के पूर्वजन्म जैसी अवधारणाओं पर विश्वास करते थे। उनका मानना था कि मरने के बाद व्यक्ति पाताललोक में जाता है, जिसे अराल्लू, गैंज़र और इरकल्लू' जैसे नामों से जाना जाता था। पाताललोक धरती की सतह के सबसे नीचे का भाग था, जहाँ मरणोपरांत हर व्यक्ति जाता था, चाहे उसकी सामाजिक स्थिति या जीवनकाल में किए गए कार्य कैसे भी हों। मेसोपोटामिया धर्म के अनुयाई इसे न तो सजा का स्थान मानते थे और न ही इनाम का। मृतकों को कमजोर और शक्तिहीन भूत माना जाता था, जिनका जीवन अंधेरे में था और वे कोई प्रकाश नहीं देखते थे। उनका भोजन धूल कण था और भरण पोषण मिट्टी से होता था।
मेसोपोटामिया के लोग पाताललोक को न तो सज़ा मानते थे और न ही इनाम।चोक्सी एम॰ प्राचीन मेसोपोटामिया धर्म के अनुयाइयों का परलोक संबंधी विश्वास। https://www.worldhistory.org/article/701/ विश्व इतिहास का ज्ञानकोश 25 जून 2014 13 जुलाई 2021 https://web.archive.org/web/20210713105044/https://www.worldhistory.org/article/701/ancient-mesopotamian-beliefs-in-the-afterlife/ live] फिर भी, मृतकों की स्थिति को शायद ही वैसा माना जाता था जैसा कि पहले धरती पर उसने भोग किये हो उन्हें केवल कमज़ोर और शक्तिहीन भूत माना जाता था।
संदर्भ
श्रेणी : धर्म
श्रेणी : दर्शन
श्रेणी : मेसोपोटामिया