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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

फ़िराक़ गोरखपुरी

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फ़िराक़ गोरखपुरी Firaq Gorakhpuri 1997 stamp of India bw.jpg #B0C4DE 28 अगस्त 1896 गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत 03 मार्च 1982 नई दिल्‍ली, भारत रघुपति सहाय कवि,लेखक, कवि, आलोचक, विद्‍वान भारतीय गुल–ए–नग़मा(1970 मे साहित्य अकादमी पुरस्कार) इलाहाबाद विश्वविद्यालय पद्म भूषण (1968)ज्ञानपीठ पुरस्कार (1969)साहित्य अकादमी पुरस्कार(1970) कविता, उर्दू शायरी, साहित्यिक आलोचक Firaq Autograph.jpg रघुपति सहाय "फ़िराक़" (२८ अगस्त १८९६ - ३ मार्च १९८२), जिन्हें उनके शायरी के उपनाम "फ़िराक़" गोरखपुरी से अधिक जाना जाता है, उर्दू भाषा के प्रसिद्ध रचनाकार है। उनका जन्म गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में कायस्थ परिवार में हुआ। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा अरबी, फ़ारसी और अंग्रेजी में हुई। बाद में फ़िराक़ साहब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के अध्यापक रहे और उर्दू भाषा में अपनी रचनायें कीं। जीवन २९ जून, १९१४ को उनका विवाह प्रसिद्ध जमींदार विन्देश्वरी प्रसाद की बेटी किशोरी देवी से हुआ। कला स्नातक में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान पाने के बाद आई.सी.एस. में चुने गये। १९२० में नौकरी छोड़ दी तथा स्वराज्य आंदोलन में कूद पड़े तथा डेढ़ वर्ष की जेल की सजा भी काटी।। जेल से छूटने के बाद जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस के दफ्तर में अवर सचिव की जगह दिला दी। बाद में नेहरू जी के यूरोप चले जाने के बाद अवर सचिव का पद छोड़ दिया। फिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में १९३० से लेकर १९५९ तक अंग्रेजी के अध्यापक रहे।http://hindini.com/fursatiya/archives/142 रघुपति सहाय फ़िराक़’ गोरखपुरी ४ दिसंबर २००९ संस्थान का आधिकारिक जालस्थल https://web.archive.org/web/20101124024517/http://hindini.com/fursatiya/archives/142 24 नवंबर 2010 dead १९७० में उनकी उर्दू काव्यकृति ‘गुले नग्‍़मा’ पर ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला।http://www.milansagar.com/kobi-firaqgorakhpuri.html फ़िराक़ गोरखपुरी ४ दिसंबर २००९ मिलन सागर https://web.archive.org/web/20100625162848/http://www.milansagar.com/kobi-firaqgorakhpuri.html 25 जून 2010 dead पुरस्कार उन्हें गुले-नग्मा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कारअवार्ड्स - १९५५-२००७ https://web.archive.org/web/20090527023926/http://www.iconofindia.com/sahitya-akademi/awa10322.htm#urdu 27 मई 2009 साहित्य अकादमी - आधिकारिक सूची, ज्ञानपीठ पुरस्कार और सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कारगंगा-जमुनी तहजीब के शायर फ़िराक़ गोरखपुरीजून 2020 InternetArchiveBot याहू जागरण। मोहम्मद कामिल खां से सम्मानित किया गया। बाद में १९७० में इन्हें साहित्य अकादमी का सदस्य भी मनोनीत कर लिया गया था।फ़ैलोज़ https://web.archive.org/web/20090106160431/http://www.iconofindia.com/sahitya-akademi/fello.htm#awa02 6 जनवरी 2009 साहित्य अकादमी सदस्य, आधिकारिक सूची फ़िराक़ गोरखपुरी को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन १९६८ में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। साहिती सफ़र और रचनायें फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी में गुल-ए-नगमा, मश्अल, रूह-ए-कायनात, नग्म-ए-साज, ग़ज़लिस्तान, शेरिस्तान, शबनमिस्तान, रूप, धरती की करवट, गुलबाग, रम्ज व कायनात, चिरागां, शोअला व साज, हजार दास्तान, बज्मे जिन्दगी रंगे शायरी के साथ हिंडोला, जुगनू, नकूश, आधीरात, परछाइयाँ और तरान-ए-इश्क जैसी खूबसूरत नज्में और सत्यम् शिवम् सुन्दरम् जैसी रुबाइयों की रचना फ़िराक़ साहब ने की है। उन्होंने एक उपन्यास साधु और कुटिया और कई कहानियाँ भी लिखी हैं। उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में दस गद्य कृतियां भी प्रकाशित हुई हैं। फ़िराक़ ने अपने साहित्यिक जीवन का श्रीगणेश ग़ज़ल से किया था। अपने साहित्यिक जीवन में आरंभिक समय में ६ दिसंबर, १९२६ को ब्रिटिश सरकार के राजनैतिक बंदी बनाए गए। उर्दू शायरी का बड़ा हिस्सा रूमानियत, रहस्य और शास्त्रीयता से बँधा रहा है जिसमें लोकजीवन और प्रकृति के पक्ष बहुत कम उभर पाए हैं। नजीर अकबराबादी, इल्ताफ हुसैन हाली जैसे जिन कुछ शायरों ने इस रिवायत को तोड़ा है, उनमें एक प्रमुख नाम फ़िराक़ गोरखपुरी का भी है। फ़िराक़ ने परंपरागत भावबोध और शब्द-भंडार का उपयोग करते हुए उसे नयी भाषा और नए विषयों से जोड़ा। उनके यहाँ सामाजिक दुख-दर्द व्यक्तिगत अनुभूति बनकर शायरी में ढला है। दैनिक जीवन के कड़वे सच और आने वाले कल के प्रति उम्मीद, दोनों को भारतीय संस्कृति और लोकभाषा के प्रतीकों से जोड़कर फ़िराक़ ने अपनी शायरी का अनूठा महल खड़ा किया। फारसी, हिंदी, ब्रजभाषा और भारतीय संस्कृति की गहरी समझ के कारण उनकी शायरी में भारत की मूल पहचान रच-बस गई है। सन्दर्भ श्रेणी:१९६८ पद्म भूषण श्रेणी:उर्दू शायर श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उर्दू भाषा के साहित्यकार श्रेणी:गोरखपुर के लोग श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत श्रेणी:ज्ञानपीठ सम्मानित श्रेणी:1896 में जन्मे लोग श्रेणी:१९८२ में निधन श्रेणी:साहित्य अकादमी फ़ैलोशिप से सम्मानित‎