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मध्यकर्णशोथ
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Otitis media
Otitis media incipient.jpg
A view of the tympanic membrane showing acute otitis media
29620
serous,9406 suppurative
H 65 h 65-H 67 h 65
381-382
000638
acute, 007010 with effusion, 000619 chronic
emerg
351
ent 426 complications, ent 209 with effusion, ent 212 Medical treat., ent 211 Surgical treat. ped 1689
D010033
मध्यकर्णशोथ (लैटिन), कान के मध्य में होने वाली सूजन या मध्य कान के संक्रमण को कहते हैं।
यह समस्या यूस्टेचियन ट्यूब नामक नलिका के साथ-साथ कर्णपटही झिल्ली और भीतरी कान के बीच के हिस्से में होती है। यह कान में होने वाली दो प्रकार की सूजनों में से एक है, जिसे आम भाषा में कान के दर्द के नाम से जाना जाता है; कान में होने वाली दूसरी सूजन बाह्यकर्णशोथ है। वैसे कान के संक्रमण के अलावा किसी दूसरी बीमारी की वजह से भी कान में दर्द हो सकता है, जैसे कोई भी कैंसर संरचना जिसका संबंध कान तक पहुंचने वाली किसी तंत्रिका से हो और एक ऐसी दाद जो कि हर्प्स जॉस्टर ओटिकस (herpes zoster oticus) में तब्दील हो सकती है। काफी दर्द होने के बावजूद मध्यकर्णशोथ ज्यादा खतरनाक नहीं है और आमतौर पर दो से छह सप्ताह में खुद ही ठीक हो जाता है।
वर्गीकरण
मध्यकर्णशोथ की गंभीरता के कई स्तर हैं, प्रत्येक का वर्णन करने के लिए विभिन्न नामों का इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभार ये शब्दावली काफी भ्रामक होती है क्योंकि एक ही अवस्था के वर्णन के लिए कई शब्दों का प्रयोग किया जाता है। कान के संक्रमण को लेकर एक जो सबसे बड़ी गलतफहमी है वह यह है कि मरीज को लगता है कि इसके लक्षण कान में हो रही खुजली की वजह से है। हालांकि मरीज को इससे परेशानी होती है, लेकिन कान में खुजली कान में संक्रमण का लक्षण नहीं है।
गंभीर
गंभीर मध्यकर्णशोथ (एओएम (AOM)) और इसके साथ होने वाला विषाणुजनित यूआरआई (ऊपरी श्वासनली संक्रमण) अक्सर मूलरूप से विषाणुजनित और स्व-सीमित होते हैं। कानों का संकुलन और शायद हल्की असुविधा तथा चटचटाहट भी होती है, लेकिन ये लक्षण अंतर्निहित यूआरआई के साथ समाप्त हो जाते हैं। आमतौर पर जीवाणुहीन रहने वाला मध्य कान अगर जीवाणु से संक्रमित हो जाए, तो इससे मध्य कान में पस और दबाव बनने लगता है और इसे ही गंभीर जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ कहा जाता है। विषाणुजनित गंभीर मध्यकर्णशोथ बहुत थोड़े से समय में ही जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ में तब्दील हो सकता है, खासकर बच्चों में, लेकिन आमतौर पर ऐसा होता नहीं है। जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ से पीड़ित व्यक्ति को पारंपरिक "कान का दर्द" होता है, यह ऐसा दर्द होता है जो काफी तीव्र और लगातार होता है और अक्सर इससे व्यक्ति को 102 °F (39 °C) [प्रशस्ति पत्र की जरूरत] या उससे अधिक का बुखार भी हो जाता है। जिवाण्विक मामलों की वजह से कान के परदे में छेद, मास्टॉयड स्पेस (मस्टॉयडिटिस (mastoiditis)) का संक्रमण और बहुत कम मामलों में ये इतना फैल सकता है जिससे कि मस्तिष्क ज्वर हो जाए.
पहला चरण – सूजन वाला स्राव जो 1-2 दिनों तक रहता है, बुखार, कठिनाई, मेनिंजिज्म (meningism) (कभी-कभार बच्चों में), तीव्र दर्द (रात में बहुत ज्यादा), कान में आवाजें, बहरापन, संवेदनशील मास्टॉयड प्रॉसेस, कान में घंटी बजना (टिन्निटस)
दूसरा चरण – प्रतिरोध और सीमांकन 3-8 दिन तक रहते हैं। पस और मध्य कान से स्राव खुद-ब-खुद लगातार होता रहता है और उसके बाद दर्द और बुखार का घटना शुरू हो जाता है। उचित उपचार द्वारा इस चरण को घटाया जा सकता है।
तीसरा चरण – इलाज से ठीक होने का चरण 2-4 सप्ताह का होता है। कान से बहाव सूखने लगता है और सुनने की क्षमता भी सामान्य हो जाती है।
सीरमी
बहाव के साथ मध्यकर्णशोथ (ओएमई (OME)) जिसे तरल या बहने वाले मध्यकर्णशोथ (एओएम (SOM)) भी कहा जाता है, यह सामान्य तौर पर स्राव का एक संग्रह है जो यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया (Eustachian tube function) में गड़बड़ी होने से बनने वाले नकारात्मक दबाव से मध्यकान में होता है। यह मुख्य तौर पर विषाणुजनित यूआरआई से होता है, जिसमें कोई दर्द या जीवाण्विक संक्रमण नहीं होता है, या फिर यह गंभीर जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ से पहले या बाद में हो सकता है। कभी-कभार मध्य कर्ण में तरल पदार्थ की वजह से धीरे-धीरे बहरेपन की समस्या हो सकती है, लेकिन यह तब होता है जब कान के परदे के सामान्य कंपन में आवाज की तरंगें बाधा डालती है। कुछ सप्ताहों या महीनों में मध्य कर्ण का यह तरल पदार्थ काफी घने और चिपचिपे पदार्थ की तरह हो जाता है (इसलिए इसे ग्लू ईयर का नाम दिया गया है), यह धीरे-धीरे बहरेपन की वजह भी बन सकता है। बचपन में ओएमई (OME) से पीड़ित होने की वजह लेट कर खाना खाने और बहुत कम उम्र में समूह में बच्चे की देखभाल किया जाना है, जबकि माता-पिता की धूम्रपान की लत, बच्चे को कम अवधि के लिए स्तनपान कराना और बचपन में देखभाल के लिए ज्यादातर समय समूह में बीतने पर जीवन के पहले दो साल में ओएमई (OME) से पीड़ित होने की आशंका बढ़ जाती है।Owen MJ, Baldwin CD, Swank PR, Pannu AK, Johnson DL, Howie VM Relation of infant feeding practices, cigarette smoke exposure, and group child care to the onset and duration of otitis media with effusion in the first two years of life https://archive.org/details/sim_journal-of-pediatrics_1993-11_123_5/page/702 J. Pediatr. 123 5 702–11 1993 8229477 10.1016/S0022-3476(05)80843-1
पुराना मवाद
पुराना मवाद मध्यकर्णशोथ की वजह से मध्य कर्ण क्षेत्र में कुछ सप्ताहों या उससे ज्यादा वक्त में कान की झिल्ली में एक छिद्र और सक्रिय जीवाण्विक संक्रमण हो जाता है। इसकी वजह से इतना ज्यादा पस हो सकता है कि वह कान के बाहर बहने लगता है (ओटोरेया), या फिर मवाद इतना कम हो सकता है कि जिसे जांच के दौरान सिर्फ दूरबीन माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जिनकी यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया (Eustachian tube function) कमजोर होती है। इस बीमारी की वजह से अक्सर बहरेपन की समस्या हो सकती है।
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चिन्ह और लक्षण
जब मध्य कान में गंभीर संक्रमण हो जाता है तो कान के परदे (टिमपैनिक झिल्ली) के पीछे दबाव बनने लगता है, जिससे अक्सर तीव्र दर्द होता है। इससे बुलॉस माइरिंगिटिस (bullous myringitis) हो सकता है जिसमें कान की झिल्ली में सूजन और फफोला हो जाता है।Roberts DB The etiology of bullous myringitis and the role of mycoplasmas in ear disease: a review Pediatrics 65 4 761–6 1980 April 7367083 https://archive.org/details/sim_pediatrics_1980-04_65_4/page/761 11 फरवरी 2010
गंभीर या बिना इलाज किए हुए मामलों में कान की झिल्ली फट भी सकती है, जिससे मध्य कान में मौजूद पस कान की नलिका में बहने लगता है। अगर पस बहुत ज्यादा हो तो बहाव दिखने भी लग सकता है। हालांकि कान की झिल्ली के फटने से काफी दर्द होता है, लेकिन अक्सर ऐसा होने से दबाव और दर्द से काफी राहत मिलती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में गंभीर मध्यकर्णशोथ होने पर इसकी संभावना ज्यादा रहती है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता खुद ही संक्रमण को ठीक कर ले और इससे कान के परदे का करीब-करीब उपचार हो जाता है। एंटीबायोटिक का इस्तेमाल कान के परदे के छिद्र को रोककर कान को जल्द ठीक कर सकता है।
हालांकि संक्रमण और कान के परदे के छिद्र के ठीक होने की बजाए, मध्य कान से बहाव गंभीर अवस्था में तब्दील हो सकता है। जब तक मध्य कान में संक्रमण रहेगा, तब तक कान के परदे का इलाज पूरा नहीं हो सकता. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पुरानी सुप्यूरेटिव (suppurative) मध्यकर्णशोथ (सीएसओएम (CSOM)) की जो परिभाषा दी है उसके मुताबिक "यह कान की बीमारी का एक ऐसा स्तर है जिसमें मध्य कान की दरार में गंभीर संक्रमण हो, जहां अस्थिर कान की झिल्ली (कान के परदे का छिद्र) और बहाव (ओटोरेया), ऐसी स्थिति जो कम से कम दो सप्ताह से बनी हुई हो" (डब्ल्यूएचओ 1998). (नोट डब्ल्यूएचओ (व्हो) ने सीरमी शब्द का इस्तेमाल जीवाण्विक प्रक्रिया को संबोधित करने के लिए किया है, जबकि इसी शब्द का इस्तेमाल अमेरिका में कान के विशेषज्ञ आमतौर पर सुरक्षित कान के परदे के पीछे मध्य कान में तरल पदार्थ के जमा होने की स्थिति को बताने के लिए करते हैं। दीर्घकालिक मध्यकर्णशोथ वो शब्द है जिसका दुनिया भर के ज्यादातर डॉक्टर कान के परदे में छिद्र के साथ मध्य कान में गंभीर संक्रमण के वर्णन के लिए करते हैं।)मई 2009
कारण
ज्यादातर मामलों में मध्यकर्णशोथ विषाणुजनित, जीवाण्विक, अथवा कवकीय रोगाणुओं से संक्रमण होने की वजह से होता है। सबसे सामान्य जीवाण्विक रोगाणु स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया (Streptococcus pneumoniae) है।Management of chronic suppurative otitis media Med J Aust 2004 180 2 91–3 http://www.mja.com.au/public/issues/180_02_190104/letters_190104_fm-1.html Letter 7 अप्रैल 2011 https://web.archive.org/web/20110413100122/http://www.mja.com.au/public/issues/180_02_190104/letters_190104_fm-1.html 13 अप्रैल 2011 dead अन्य रोगाणुओं में स्यूडोमोनस एरूगिनोसा (Pseudomonas aeruginosa), नॉनटाइपेबल हीमोफिलस इंफ्लूएंजा (Haemophilus influenzae) और मोराएक्सेला कैटारेलिस (Moraxella catarrhalis) शामिल हैं। किशोरों और युवा वयस्कों में कान में संक्रमण की सबसे सामान्य वजह हीमोफिलस इंफ्लूएंजा (Haemophilus influenzae) है। ऊपरी श्वसन ग्रंथि के एपिथेलियल कोशिकाओं की सुरक्षा को भेद कर रेस्पिरेटरी सिंसिशियल विषाणु (RSV) और आम सर्दी के लिए जिम्मेदार विषाणु भी मध्यकर्णशोथ की वजह हो सकते हैं।
मध्यकर्णशोथ होने पर सबसे बड़ा खतरा यूस्टेचियन ट्यूब में दोष का रहता है जिससे मध्य कान से जीवाणु का निकलना अप्रभावी हो जाता है।
बच्चों को नियमित रूप से दिया जाने वाला एंटी-एच इंफ्लूएंजा टीका का काम मस्तिष्क ज्वर और न्यूमोनिया जैसी बीमारियों से रक्षा करना है। यह टीका सिर्फ सेरोटाइप बी के नुकसान के प्रति ही सक्रिय होता है, जो पांच साल तक के बच्चों में मस्तिष्क ज्वर और न्यूमोनिया की वजह होते हैं, इससे 4 और 18 महीने के बीच के बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है।http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs294/en/ Haemophilus influenzae type B (HiB) World Health Organization दिसम्बर 2005 12 अक्टूबर 2010 https://web.archive.org/web/20100906105201/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs294/en/ 6 सितंबर 2010 live बहुत कम मामलों में ही सेरोटाइप बी के आयसोलेट्स की वजह से मध्यकर्णशोथ हो सकती है।
इस बीमारी की प्रवणता पैतृक है, हालांकि फिलहाल विशेष पैतृक पहचान की जांच चल रही है। कैसेलब्रांट एट आल (Casselbrant et al) ने 2009 में पाया कि सर्वश्रेष्ठ-समर्थित संबंधित क्षेत्रों में ऐसे जीन्स हो सकते हैं जो बारबार/लगातार ओएम के खतरे को प्रभावित करते हैं। 17q12 में विश्वसनीय उम्मीदवारों में AP2B1, CCL5 और CCL जीन्स के दूसरे समूह और 10q22.3, SFTPA2 शामिल हैं।"Casselbrant ML, Mandel EM, Jung J, Ferrell RE, Tekely K, Szatkiewicz JP, Ray A, Weeks DE BMC Medical Genetics Otitis media: a genome-wide linkage scan with evidence of susceptibility loci within the 17q12 and 10q22.3 regions 2009 सितंबर 3 85 10 19728873 2751750 10.1186/1471-85 अक्टूबर 2350
प्रगति
आमतौर पर सर्दी के बाद गंभीर मध्यकर्णशोथ की समस्या हो सकती है: नाक में कुछ दिनों की परेशानी के बाद कान भी उसमें शामिल हो जाता है और उससे बहुत दर्द हो सकता है। दर्द एक या दो दिन में कम हो सकता है, लेकिन ये एक सप्ताह तक भी बना रह सकता है। कई बार कान का परदा फट जाता है, जिससे पस कान के बाहर बहने लगता है, लेकिन फटा हुआ कान का परदा जल्दी ठीक भी हो सकता है।
एक शारीरिक संरचना के स्तर पर विशिष्ट गंभीर मध्यकर्णशोथ की प्रगति निम्न प्रकार से होती है: ऊपरी श्वसन संक्रमण, एलर्जी या नलिकाओं में दोष की वजह से यूस्टेचियन ट्यूब (Eustachian tube) के चारों ओर मौजूद ऊतक में सूजन आ जाती है। यूस्टेचियन ट्यूब ज्यादातर समय अवरुद्ध रहता है। मध्य कान में मौजूद हवा धीरे-धीरे चारों ओर मौजूद ऊतकों द्वारा समाहित कर लिया जाता है। एक ताकतवर नकारात्मक दबाव की वजह से मध्य कान में निर्वात या वैक्यूम पैदा होता है और जो आखिरकार एक ऐसे स्तर पर पहुंच जाता है जहां से चारों ओर के ऊतकों के तरल पदार्थ मध्य कान तक पहुंच जाता है। इसे टाइप ए टिंपैनोग्राम से टाइप सी या टाइप बी टिमपैनोग्राम की ओर प्रगति के तौर पर देखा जाता है। इस तरल पदार्थ में संक्रमण भी हो सकता है। ऐसा पाया गया है कि जब परिस्थितियां अनुकूल हों तो कान की झिल्ली (कान का परदा) के पीछे मौजूद निष्क्रिय जीवाणु की संख्या बढ़ने लगती है, जिससे मध्य कान में मौजूद तरल पदार्थ में संक्रमण हो जाता है।
बच्चे
छोटे यूस्टेचियन ट्यूब्स (eustachian tubes) जो कि वयस्कों के कान की तुलना में अधिक क्षैतिज होते हैं जिसकी वजह से सात साल से छोटे बच्चों में मध्यकर्णशोथ की आशंका ज्यादा रहती है। उनमें विषाणु और जीवाणु से मुकाबला करने की प्रतिरोधक क्षमता भी वयस्कों की तुलना में कम विकसित हो पाती है। बड़ी संख्या में अध्ययनों में बच्चों में होने वाली इस समस्या के लिए विभिन्न कारकों, जैसे शिशु अवस्था में देखभाल, सोए हुई अवस्था में बोतल से दूध पिलाना, माता-पिता का धूम्रपान करना, खान-पान, एलर्जी और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से जुड़ा बताया है; लेकिन इन अध्ययनों की सबसे ज्यादा दिखने वाली कमजोरी यह है कि इन अध्ययनों के दौरान विषाणुजनित कारकों के बदलते संपर्क पर नियंत्रण नहीं किया जा सका है।सितंबर 2008 शिशुओं को जन्म के बाद पहले 12 महीने तक स्तनपान कराना सभी प्रकार के ओएम संक्रमण की संख्या और अवधि में कमी से जुड़ा है।Dewey KG, Heinig MJ, Nommsen-Rivers LA Differences in morbidity between breast-fed and formula-fed infants https://archive.org/details/sim_journal-of-pediatrics_1995-05_126_5/page/696 J Pediatr 126 5 Pt 1 696–702 1995 7751991 10.1016/S0022-3476(95)70395-0
एओएम के बार-बार घटित होने के लिए बचपन में चुसनी का इस्तेमाल जिम्मेदार हो सकता है।Rovers MM, Numans ME, Langenbach E, Grobbee DE, Verheij TJ, Schilder AG Is pacifier use a risk factor for acute otitis media? A dynamic cohort study https://archive.org/details/sim_family-practice_2008-08_25_4/page/233 Fam Pract 25 4 233–6 2008 August 18562333 10.1093/fampra/cmn030
रोग-निदान
गंभीर मध्यकर्णशोथ का निदान आमतौर पर पर्याप्त रोग-विषयक इतिहास के साथ-साथ कान की झिल्ली को देखने से होता है। एक नेत्री कर्णदर्शी और शायद एक टिमपैनोमीटर के इस्तेमाल से भी जीवाण्विक और विषाणुजनित एटियोलॉजी (etiology) में अंतर का पता लगाना मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब नलिका छोटी हो और कान में मैल मौजूद हो जिससे कान के परदे को स्पष्ट तौर पर देखने में दिक्कत हो। बच्चे के रोने वजह से भी छोटी रक्त नलिकाएं फूल जाती हैं जिससे कान के परदे में सूजन हो सकती है, जो मध्यकर्णशोथ की तरह लाल दिखने लगता है।
बिना कान के परदे की जांच के बीमारी के होने, उसकी अवधि, अथवा लक्षणों की गंभीरता से कान के संक्रमण की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।Laine MK, Tähtinen PA, Ruuskanen O, Huovinen P, Ruohola A Symptoms or symptom-based scores cannot predict acute otitis media at otitis-prone age Pediatrics 125 5 e1154–61 2010 May 20368317 10.1542/peds.2009-2689
बचाव
न्यूमोकोकल संयुग्म टीका जब शिशुवास्था में दिया जाता है तो गंभीर मध्यकर्णशोथ से पीड़ित होने की संभावना को 6-7% तक कम कर देता है और अगर इसे व्यापक तौर पर लागू किया जाता है तो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण फायदा हो सकता है।Jansen AG, Hak E, Veenhoven RH, Damoiseaux RA, Schilder AG, Sanders EA Pneumococcal conjugate vaccines for preventing otitis media Cochrane Database Syst Rev 2 CD001480 2009 19370566 10.1002/14651858.CD001480.pub3 तथ्य बताते हैं कि ओटिटिस (otitis) की दर को कम करने के लिए जस्ता परिपूरक कारगर उपाय नहीं है, हां मैरसमस (marasmus) जैसी गंभीर कुपोषण की अवस्था से पीड़ितों में इससे कुछ फायदा हो सकता है।Abba K, Gulani A, Sachdev HS Zinc supplements for preventing otitis media Cochrane Database Syst Rev 2 CD006639 2010 20166086 10.1002/14651858.CD006639.pub2 लंबे समय तक एंटिबायोटिक्स से इलाज के दौरान संक्रमण दर तो कम हो जाता है, लेकिन लंबे समय में इसकी वजह से सुनने की क्षमता कम होने लगती है।Leach AJ, Morris PS Antibiotics for the prevention of acute and chronic suppurative otitis media in children Cochrane Database Syst Rev 4 CD004401 2006 17054203 10.1002/14651858.CD004401.pub2
इलाज
रोगसूचक/लक्षणात्मक राहत
मध्यकर्णशोथ की वजह से होने वाले दर्द के इलाज में मौखिक और सामयिक दर्दनिवारक दवाएं प्रभावी हैं। मौखिक कारकों में आईबूप्रोफेन (ibuprofen), एसेंटामिनोफेन (acetaminophen) और नार्कोटिक्स (narcotics) शामिल हैं। जो सामयिक कारक प्रभावी हुए हैं उनमें एंटीपाइरिन (antipyrine) और बेनेजोकाइन ईयर ड्रॉप्स (benzocaine ear drops) शामिल हैं। Best evidence topic reports. Bet 1. The role of topical analgesia in acute otitis media Emerg Med J 25 2 103–4 2008 February 18212148 10.1136/emj.2007.056648 Sattout A. Jenner R. चाहे नाक के माध्यम से हो या मौखिक, फायदा नहीं होने और पार्श्व प्रभावों की चिंता की वजह से डीकंजेस्टेंट्स और एंटीहिस्टेमाइन्स के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जाती है।Coleman C, Moore M Decongestants and antihistamines for acute otitis media in children Cochrane Database Syst Rev 3 CD001727 2008 18646076 10.1002/14651858.CD001727.pub4
एंटीबायोटिक्स
गंभीर मध्यकर्णशोथ में एंटीबायोटिक्स शुरू करने को एक से तीन दिन तक टाल सकते हैं अगर ऊपर बताए गए उपायों से दर्द बर्दाश्त करने की स्थिति में हो तो इस तरह की सिफारिश की जाती है: तीन में से दो बच्चों में गंभीर मध्यकर्णशोथ बिना एंटीबायोटिक इलाज के ही ठीक हो जाता है Damoiseaux R Antibiotic treatment for acute otitis media: time to think again https://archive.org/details/sim_canadian-medical-association-journal_2005-03-01_172_5/page/657 CMAJ 172 5 657–8 2005 15738492 10.1503/cmaj.050078 550637 Marchetti F, Ronfani L, Nibali S, Tamburlini G Delayed prescription may reduce the use of antibiotics for acute otitis media: a prospective observational study in primary care Arch Pediatr Adolesc Med 159 7 679–84 2005 15997003 10.1001/archpedi.159.7.679, इलाज रोक देने पर लंबे समय में कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पाया गया है Dr. Alan Greene The Antibiotic Hoax Arch American Academy of Pediatrics 2004 Little P, Moore M, Warner G, Dunleavy J, Williamson I Longer term outcomes from a randomised trial of prescribing strategies in otitis media Br J Gen Pract 56 524 176–82 2006 16536957 1828260, एंटीबायोटिक्स में पार्श्व प्रभावों की काफी संभावना रहती है और हाल ही में एक परीक्षण में पाया गया है कि कि जिन बच्चों का इलाज एमोक्सिसिलिन (amoxicillin) से किया गया है, उनमें दोबारा से कर्णशोथ से पीड़ित होने की दर बढ़ जाती है।Bezáková N Damoiseaux RA Hoes AW Schilder AG Rovers MM Recurrence up to 3.5 years after antibiotic treatment of acute otitis media in very young Dutch children: survey of trial participants. BMJ (Clinical research ed.) 338 b2525 2009 19567910 10.1136/bmj.b2525
अगर जरूरी हुआ तो एंटीबायोटिक इलाज का सबसे पहला तरीका एमोक्सिसिलिन ही है। अगर कोई प्रतिरोध है, तो दूसरी लाइन के तहत एमोक्सिसिलिन-क्लाव्यूलेनेट (amoxicillin-clavulanate) अथवा पेनिसिलिन से व्यूत्पादित और बीटा लैक्टामेज इनहिबिटर (beta lactamase inhibitor) दिया जा सकता है। सात दिन से कम एंटीबायोटिक्स के सेवन करने से जहां पार्श्व प्रभावों की कम संभावना रहती है, वहीं सात दिनों से ज्यादा का सेवन ज्यादा प्रभावी होता है।Kozyrskyj A, Klassen TP, Moffatt M, Harvey K Short-course antibiotics for acute otitis media Cochrane Database Syst Rev 9 9 CD001095 2010 20824827 10.1002/14651858.CD001095.pub2
टिमपैनोस्टॉमी नलिका (Tympanostomy tube)
बहाव वाले दीर्घकालिक मामलों में कान के परदे में टिमपैनोस्टोमी ट्यूब ("ग्रॉमेट" भी कहा जाता है) लगाने से छह महीने में इसकी पुनरावृत्ति की संभावना को कम कर देता हैMcDonald S, Langton Hewer CD, Nunez DA Grommets (ventilation tubes) for recurrent acute otitis media in children Cochrane Database Syst Rev 4 CD004741 2008 18843668 10.1002/14651858.CD004741.pub2 लेकिन लंबे समय तक सुनने की क्षमता पर इसका काफी कम प्रभाव होता है।Browning GG, Rovers MM, Williamson I, Lous J, Burton MJ Grommets (ventilation tubes) for hearing loss associated with otitis media with effusion in children Cochrane Database Syst Rev 10 CD001801 2010 20927726 10.1002/14651858.CD001801.pub3 यही वजह है कि नलिका लगाने के लिए उन्हीं को कहा जाता है जो छह महीने में बहाव के साथ गंभीर मध्यकर्णशोथ से तीन बार पीड़ित हो चुके हों या साल भर में चार बार इसे झेल चुके हों.Wilson SA, Mayo H, Fisher M Clinical inquiries. Are tympanostomy tubes indicated for recurrent acute otitis media? J Fam Pract 52 5 403–4, 406 2003 May 12737775 https://mospace.umsystem.edu/xmlui/bitstream/handle/10355/2911/AreTympanostomyTubesIndicatedOtitis.pdf?sequence=1 7 अप्रैल 2011 https://web.archive.org/web/20110720105843/https://mospace.umsystem.edu/xmlui/bitstream/handle/10355/2911/AreTympanostomyTubesIndicatedOtitis.pdf?sequence=1 20 जुलाई 2011 dead
वैकल्पिक चिकित्सा
बहाव के साथ अगर मध्यकर्णशोथ हो तो पूरक या वैकल्पिक दवा की सिफारिश नहीं की जाती है क्योंकि अब तक इस तरह के इलाज से फायदा होने का कोई सबूत नहीं मिला है।Rosenfeld RM, Culpepper L, Yawn B, Mahoney MC Otitis media with effusion clinical practice guideline Am Fam Physician 69 12 2776, 2778–9 2004 June 15222643 https://archive.org/details/sim_american-family-physician_2004-06-15_69_12/page/2776 कान में बहाव को घर में ही ठीक करने के लिए गैलब्रेथ (Galbreath) तकनीक भी कहे जाने वाली ओस्टेओपैथिक दक्ष प्रयोग तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है; इसका वर्णन 2000 के एक लेख में किया गया है।Pratt-Harrington D Galbreath technique: a manipulative treatment for otitis media revisited J Am Osteopath Assoc 100 10 635–9 2000 October 11105452 http://www.jaoa.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=11105452 अप्रैल 2021 InternetArchiveBot यह तकनीक एक चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान सामने आई थी; एक समीक्षक ने इसे कारगर भी बताया बताया था, लेकिन 2010 में एक रिपोर्ट में पाया गया कि यह अधूरी है।Bronfort G, Haas M, Evans R, Leininger B, Triano J Effectiveness of manual therapies: the UK evidence report Chiropr Osteopat 18 3 2010 20184717 2841070 10.1186/1746-1340-18-3 http://www.biomedcentral.com/content/pdf/1746-1340-18-3.pdf 7 अप्रैल 2011 https://web.archive.org/web/20111115105309/http://www.biomedcentral.com/content/pdf/1746-1340-18-3.pdf 15 नवंबर 2011 live
रोग का पूर्वानुमान
गंभीर जीवाण्विक मध्यकर्णशोथ में इस तरह का दर्द होता है कि बच्चे और माता-पिता सभी की रातों की नींद हराम हो सकती है, कान के परदे से बहाव शुरू हो सकता है, कई बार ये ठीक भी नहीं होता है और मास्टॉयडिटिस और/अथवा मस्तिष्क ज्वर, मस्तिष्क विद्रधि हो सकती है और अगर गंभीर संक्रमण का लंबे समय तक इलाज नहीं किया गया तो मौत भी हो सकती है। सही-सही एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से इस तरह की ज्यादातर जटिलताओं को रोका जा सकता है। इससे तेज बुखार हो सकता है और साथ ही बुखार के दौरे भी पड़ सकते हैं। जनवरी 2010
महामारी-विज्ञान
thumb|2004 में प्रति 100000 निवासियों पर मध्यकर्णशोथ के लिए विकलांगता-समायोजित जीवन वर्ष.[54][55][56][57][58][59][60][61][62][63][64][65][66]
बच्चों में मध्यकर्णशोथ बहुत आम बात है, जहां औसतन हर बच्चे को साल में दो से तीन बार इस समस्या का सामना करना पड़ता है। यह लगभग हमेशा विषाणुजनित ऊपर श्वसन संक्रमण (यूआरआई (URI)), अधिकतर सामान्यतः सर्दी के साथ होती है। आम सर्दी के लिए जिम्मेदार राइनोवायरस (नाक का वायरस) नाक के पीछे से मध्य कान तक जाने वाले यूस्टेचियन ट्यूब को संक्रमित कर देता है, जिसके कारण सूजन और दबाव प्रभावित होते हैं; जो कि ट्यूब की सामान्य क्रियाओं में से एक है। इसका अन्य मुख्य कार्य खोपड़ी के दोनों ओर के ऊतकों के पीछे से तरल पदार्थ के बहाव को ले जाना है। यहां यह बात याद रखने की है कि यूस्टेचियन ट्यूब की चौड़ाई इसकी पूरी लंबाई तक सिर्फ तीन से चार बाल के बराबर है। बच्चों में विकास की शुरुआती अवधि में इसके संरचनात्मक और शारीरिक बनावट में बदलाव होते रहते हैं। नवजात शिशु में यह नलिका क्षैतिज होती है जिससे इसके स्वाभाविक निकास में कठिनाई होती है, ट्यूब की सतह सौ फीसदी उपास्थि (कार्टिलेज) होती है, जो लसिका ऊतक की परत के साथ है और जो नाक के पीछे एडेनॉयडल ऊतक का एक विस्तार है। जैसे-जैसे शुरुआती साल निकलते जाते हैं, नलिका का ऊपरी हिस्सा हड्डी में तब्दील होता जाता है, लेकिन नीचे का हिस्सा जस का तस रहता है। नलिका का कोण बदलता रहता है और ये तकरीबन 45 डिग्री तक झुक जाता है जिससे तरल पदार्थ का बहाव नीचे की ओर हो जाता है। यहां ये बात ध्यान देने की है कि जिन लोगों में डाउंस सिंड्रोम (Downs Syndrome) है, शारीरिक संरचना में उनकी नलिका में ज्यादा गंभीर मोड़ होते हैं, यही वजह है कि डाउंस सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों में दूसरे बच्चों के मुकाबले ग्रॉमेट (grommet) ऑपरेशन ज्यादा होते हैं। आमतौर पर, यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया से जितना ज्यादा गंभीर और लंबा समझौता करेंगे, मध्य कान और उसकी नाजुक संरचना को उतने ही गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. अगर कोई इंसान कमजोर यूस्टेचियन ट्यूब क्रिया के साथ पैदा हुआ हो तो उसके मध्यकर्णशोथ के गंभीर दौरों से पीड़ित होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। अक्सर मध्य कान की बीमारी के पारिवारिक इतिहास वाले इस समूह के लोगों में दीर्घकालिक मध्यकर्णशोथ का होना काफी आम है।मई 2009
सन्दर्भ
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बाहरी कड़ियाँ
स्पेशलिस्ट लाइब्रेरी फॉर ईएनटी एंड ऑडियोलॉजी उच्च गुणवत्ता अनुसंधान और मध्यकर्णशोथ पर रोगी की जानकारी
एएएफपी गाइडलाइंस
डीफनेस रिसर्च यूके - इन्फोर्मेशन ऑन ग्ल्यू ईयर इन चिल्ड्रेन, इन्क्लूडिंग हेल्पफुल कम्युनिकेशन टिप्स फॉर पेरेंट्स एंड चिल्ड्रेन
श्रेणी:सूजन
श्रेणी:मध्य कान और मास्टॉयड का रोग
श्रेणी:बालचिकित्सा
श्रेणी:ऑडियोलॉजी