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उस्मान तृतीय
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उस्मान तृतीयعثمان ثالث इस्लाम के ख़लीफ़ाअमीरुल मुमिनीनउस्मानी साम्राज्य के सुल्तानक़ैसर-ए-रूम (रोम के सम्राट)ख़ादिम उल हरमैन अश्शरीफ़ैन OsmanIII.jpg 25वें उस्मानी सुल्तान (बादशाह) 13 दिसम्बर 1754 – 30 अक्टोबर 1757 महमूद प्रथम मुस्तफ़ा तृतीय लैला क़ादनTarih ve toplum: aylık ansiklopedik dergi - Volume 24 İletişim Yayınları/Perka A. Ş. 59ज़ौकी क़ादनMustafa Çağatay Uluçay Padişahların kadınları ve kızları Ankara, Ötüken 2011नफ़ीसा क़ादनAhmet Kal'a Ahmet Tabakoğlu İstanbul su külliyâtı: İstanbul şer'iyye sicilleri : Mâ-i Lezı̂z defterleri 3 (1794-1797) İstanbul Araştırmaları Merkezi 1999 64 978-9-758-21504-1फ़रख़ंदा क़ादनएक और पत्नी पत्नियाँ उस्मान बिन मुस्तफ़ा उस्मानी शाही ख़ानदान मुस्तफ़ा द्वितीय शहसवार सुल्तान 2/3 जनवरी 1699 अदरना महल, अदरना, उस्मानी साम्राज्य 1757 10 30 1699 01 02 y तोपकापी महल, क़ुस्तुंतुनिया, उस्मानी साम्राज्य नई मस्जिद, इस्तांबुल तुग़रा सुन्नी इस्लाम Tughra of Osman III.png
उस्मान तृतीय (عثمان ثالث ‘ओस्मान-इ सालिस; 2/3 जनवरी 1699 – 30 अक्टूबर 1757) उस्मानी साम्राज्य के सुल्तान थे। उस्मान तृतीय ने 1754 से 1757 तक हुकूमत की।https://books.google.com/books?id=fs8DAAAAQAAJ&pg=RA1-PA260 History of the Ottoman Empire from its Establishment till the Year 1828 Upham Edward Constable and Co. 1829 Constable's Miscellany XL Original from Oxford University 260 Chapter XV: OTHMAN III Twenty Fifth Reign H 1168 A.D. 1754 Edward Upham 8 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20131031154139/http://books.google.com/books?id=fs8DAAAAQAAJ&pg=RA1-PA260 31 अक्तूबर 2013 live
शुरूआती ज़िन्दगी
उस्मान तृतीय 2 जनवरी 1699 को अदरना महल में पैदा हुए। वह महमूद प्रथम के छोटे भाई और मुस्तफ़ा द्वितीय के बेटे थे और उनकी माँ शहसवार सुल्तान थीं। उन्होंने लैला नाम की क़ादन (शाही औरत) से शादी की।
शिक्षा
सुल्तान उसमान ने मामूली दर्जे की शिक्षा पाई। इसको शतरंज खेलने का शौक़ था।
शासन
सुल्तान उस्मान तृतीय ने सबसे पहले सुल्तान अहमद तृतीय के तीनों बेटों को क़तल करवा दिया ताकि बग़ावत का अंदेशा न रहे। उसने इंतिहाई अल्पकालिक अरसे की हुकूमत की। इस अरसे में वह सुल्तान महमूद प्रथम के सियासी उसूलों का पाबंद रहा।
सुल्तान अहमद तृतीय ने अपने दौर में हर मज़हब की बिरादरी के लिए विभिन्न लिबास पहने की आज्ञा दी और औरतों के लिए परदा पहने के आदेश जारी किए।
1754 में हफ़तसाला की जंग शुरू हुई जिसने पश्चिमी हुकूमतों को दो अलग श्रेणियों में बाँटकर सात साल तक मध्य-पूर्व को जंग का मैदान बनाए रखा। लेकिन उस्मान ने इस से कोई फ़ायदा हासिल न किया और अपने उसूलों पर क़ायम रहा। इसलिए उसकी हमसाया हुकूमतों से कोई जंग नहीं हुई।
साम्राज्य के अंदरूनी प्रबंधन का सिलसिला इसी तरह चलता रहा जो उस के पूर्वाधिकारियों के दौर में था।
मौत
उस्मान तृतीय ने 58 साल की उम्र में 30 अक्तूबर 1757 को तोपकापी महल, क़ुस्तुंतुनिया में मौत पाई।
सन्दर्भ
श्रेणी:उस्मानी साम्रज्य के सुल्तान
श्रेणी:1699 में जन्मे लोग
श्रेणी:1757 में निधन