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पेंच राष्ट्रीय उद्यान
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पेंच राष्ट्रीय उद्यान Pench National Park Playing with shadows at Pench forest.jpg पेंच राष्ट्रीय उद्यान India yes पेंच राष्ट्रीय उद्यान की स्थिति मध्य प्रदेश, भारत 21 40 17.76 N 79 18 11.88 E dms inline,title 758 km2 sqmi on 1975
पेंच राष्ट्रीय उद्यान भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान हैं। यह मध्य प्रदेश के सिवनी और छिन्दवाड़ा जिलों में स्थित है।"Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh https://web.archive.org/web/20190703183559/https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ 3 जुलाई 2019," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172"Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293
पेंच राष्ट्रीय उद्यान
पेंच राष्ट्रीय उद्यान को मोगली लैण्ड कहा जाता है। रुडयार्ड किपलिंग की भारत के जंगलों पर आधारित कथाएँ यहीं से प्रेरित मानी जाती हैं और विशेषकर "द जंगल बुक" (जिसके प्रमुख पात्र का नाम मोगली है) का इस क्षेत्र से सम्बन्ध है।
विस्तार
सिवनी और छिन्दवाड़ा जिले की सीमाओं पर 292.83 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान का नामकरण इसे दो भागों में बांटने वाली पेंच नदी के नाम पर हुआ है। यह नदी उद्यान के उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर बहती है। देश का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व होने का गौरव प्रात करने वाले पेंच राष्ट्रीय उद्यान को 1993 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित इस नेशनल पार्क में हिमालयी प्रदेशों के लगभग 210 प्रजातियों के पक्षी आते हैं। अनेक दुर्लभ जीवों और सुविधाओं वाला पेंच नेशनल पार्क तेजी से पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है
विशेषता
अनेक दुर्लभ जीवों और सुविधाओं वाला पेंच नेशनल पार्क पर्यटकों को तेजी से अपनी ओर आकषिर्त कर रहा है। खूबसूरत झीलें, ऊंचे पेड़ों के सघन झुरमुट, रंगबिरंगे पक्षियों का कलरव, शीतल हवा के झोंके, सोंधी-सोंधी महकती माटी, वन्य प्राणियों का अनूठा संसार सचमुच प्रकृति के समूचे तन-बदन पर हरीतिमा का ऐसा अनंत सागर रोम-रोम में सिहरन भर देता है। पेंच नेशनल पार्क कोलाहल करते 210 से अधिक प्रजाति के पक्षियों, पलक झपकते ही दिखने और गायब हो जाने वाले चीतल, सांभर और नीलगायें, भृकुटी ताने खड़े जंगली भैंस और लगभग 65 बाघों से भरा पड़ा है।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित इस नेशनल पार्क में हिमालय क्षेत्र के लगभग 210 प्रजातियों के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। अनेक दुर्लभ जीवों और सुविधाओं वाला पेंच नेशनल पार्क पर्यटकों को तेजी से अपनी ओर आकषिर्त कर रहा है। खूबसूरत झीलें, ऊंचे पेड़ों के सघन झुरमुट, रंगबिरंगे पक्षियों का कलरव, शीतल हवा के झोंके, सोंधी-सोंधी महकती माटी, वन्य प्राणियों का अनूठा संसार सचमुच प्रकृति के समूचे तन-बदन पर हरीतिमा का ऐसा अनंत सागर रोम-रोम में सिहरन भर देता है। पेंच नेशनल पार्क कोलाहल करते 210 से अधिक प्रजाति के पक्षियों, पलक झपकते ही दिखने और गायब हो जाने वाले चीतल, सांभर और नीलगायें, भृकुटी ताने खड़े जंगली भैंस और लगभग 65 बाघों से भरा पड़ा है।
सतपुड़ा की पर्वतमाला के दक्षिणी छोर पर तलहटी में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान 23 नवम्बर, 1992 में टाइगर सं रक्षण योजना के तहत टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया। इसके बाद से ही इस क्षेत्र में वन्य प्राणियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी। क्या आपको विास है कि बर्फीले प्रदेशों या हिमालय की तराई में रहने वाले इन पक्षियों की आश्रय स्थली प्रदेश के किसी वन क्षेत्र में हो सकती है? प्रति वर्ष शीत ऋतु में बर्फीले क्षेत्रों के लगभग 210 प्रजातियों के पक्षी भोजन और प्रजनन के लिए यहां आश्रय लेते हैं।
वन्य-जीव
पेंच नेशनल पार्क में जिन पक्षी प्रजातियों का मुख्य रूप से आना-जाना है, उनमें पीफोल, रेड जंगल फोल, कोपीजेन्ट, क्रीमसन, बेस्ट डबारबेट, रेड वेन्टेड बुलबुल, रॉकेट टेल डोगों, मेंगपाई राबिन, लेसर, व्हिस्टल टील, विनेटल सोवेला, ब्राह्मनी हक प्रमुख हैं। देशभर में तेजी से विलुप्त होते जा रहे गिद्ध भी यहां बहुतायत में पाये जाते है। इनमें दो प्रकार के गिद्ध प्रमुख हैं। पहला 'किंग वल्चर' जिसके गले में लाल घेरा होता है और दूसरा है- 'व्हाइट ब्रेंद वल्चर' जिसके पीछे सफेद धारियां होती हैं। यहां राज तोता (करन मिट्ठू) और बाज सहित प्रदेश का सरकारी पक्षी 'दूधराज' भी मस्ती करते दिखाई देते हैं।
अंतरराष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना के तहत तोतलाडोह बांध बनने से मध्य प्रदेश का कुल 5,451 वर्ग किलोमीटर डूब क्षेत्र में आता है। इस बांध के बन जाने से राष्ट्रीय उद्यान के मध्य भाग में विशाल झील बन गई है, जो वन्यप्राणियों की पानी की आवश्यकता की दृष्टि से बहुत उपयुक्त है। डूब क्षेत्र में छिंदवाड़ा का 31.271 वर्ग किमी तथा सिवनी का 17.246 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आता है। कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विख्यात राष्ट्रीय उद्यान के विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से पेंच टाइगर उद्यान बेहतर स्थिति में है।
इन्हें भी देखें
पेंच नदी
सिवनी ज़िला
छिंदवाड़ा ज़िला
सन्दर्भ
३.जंगल बुक का मशहूर पात्र मोगली और पेंच नेशनल पार्क का संबंध
श्रेणी:भारत के राष्ट्रीय उद्यान
श्रेणी:सिवनी ज़िला
श्रेणी:मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यान
श्रेणी:छिंदवाड़ा जिला