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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

रुकनुद्दीन बारबक शाह

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रुक्नुद्दीन बारबक शाह अस-सुल्तान अल-आदिल रुक्नुद्दुन्या व अद-दीन अबू अल-मुजाहिद बारबक शाह बंगाल सल्तनत का 10वाँ सुल्तान 1459–1474 1459 नासिरुद्दीन महमूद शाह प्रथम शम्सुद्दीन यूसुफ़ शाह यूसुफ़ इलियास शाही वंश नासिरुद्दीन महमूद शाह बारबक बिन महमूद सातगाँव, बंगाल सल्तनत 1474 लखनौती, बंगाल सल्तनत लखनौती, बंगाल सल्तनत सुन्नी इस्लाम रुकनुद्दीन बारबक शाह (बंगाली: রোকনউদ্দীন বারবক শাহ; फ़ारसी: رکن الدین باربک شاه) 1459 से 1474 तक बंगाल सल्तनत के सुल्तान थे। वे सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह के पुत्र और उत्तराधिकारी थे। अपने पिता के शासनकाल में उन्हें सातगाँव का सूबेदार नियुक्त किया गया था। 1459 ई. में सिंहासनारूढ़ होने के बाद उन्होंने सल्तनत को प्रशासनिक, सांस्कृतिक और शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया। वे बंगाल के पहले शासक माने जाते हैं जिन्होंने हब्शी (अबीसीनियाई) समुदाय के लोगों को दरबार और सेना में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया। इतिहासकार अनिरुद्ध राय के अनुसार, बारबक शाह को बंगाल में शहरीकरण की प्रक्रिया का अग्रदूत माना जाता है।History of Bengal Ray Aniruddha Banglapedia प्रारंभिक जीवन और सत्ताारोहण रुकनुद्दीन बारबक शाह का जन्म इलियास शाही वंश के एक प्रतिष्ठित बंगाली मुस्लिम सुन्नी परिवार में हुआ था। यह वंश 1352 ई. में बंगाल सल्तनत की स्थापना के लिए जाना जाता है। यद्यपि यह वंश लंबे समय से बंगाल में स्थापित था, इसके पूर्वजों की उत्पत्ति सिस्तान क्षेत्र से मानी जाती है। अपने पिता के शासनकाल में बारबक शाह ने सातगाँव के गवर्नर के रूप में कार्य किया। 1459 ई. में पिता की मृत्यु के बाद वे बंगाल के सुल्तान बने।Riyazu-s-Salatin 1902 शासनकाल अंगूठाकार|मजिदबाड़िया शाही मस्जिद, बारबक शाह के शासनकाल की एक प्रमुख स्थापत्य कृति उनके शासनकाल में सल्तनत की सीमाओं का विस्तार चित्तगांव और बरिसाल विभाग तक हुआ। उन्होंने महिसंतोष को एक टकसाल नगर में परिवर्तित किया, जिसे बारबकाबाद कहा गया। बारबक शाह बंगाली साहित्य और फ़ारसी साहित्य के संरक्षक थे। उनके शासनकाल में ज़ैनुद्दीन, मालाधर बसु और कृतिवास ओझा जैसे विद्वान सक्रिय रहे।Banglapedia: National Encyclopedia of Bangladesh युद्ध और सैन्य अभियान मंदरन का विजय अभियानउनके शासनकाल में उड़ीसा के गजपति साम्राज्य के राजा कपिलेंद्र देव ने दक्षिणी बंगाल पर आक्रमण किया। बारबक शाह ने अपने सेनापति शाह इस्माइल ग़ाज़ी को भेजा, जिन्होंने मंदरन दुर्ग को पुनः प्राप्त किया। मृत्यु रुकनुद्दीन बारबक शाह की मृत्यु 1474 ई. में हुई। लगभग 15 वर्षों के शासन के बाद उनके पुत्र शम्सुद्दीन यूसुफ़ शाह सिंहासन पर बैठे। इलियास शाही वंश नासिरुद्दीन महमूद शाह बंगाल का सुल्तान 1459–1474 शम्सुद्दीन यूसुफ़ शाह इन्हें भी देखें बंगाल के शासकों की सूची बंगाल का इतिहास संदर्भ