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प्रैक्टिकल हाई स्कूल
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प्रैक्टिकल हाई स्कूल या व्यावहारिक उच्च विद्यालय, सिकटिया, सिवान, बिहार राज्य में स्थित एक स्कूल हैhttps://schools.org.in/siwan/10161003904/pratical-high-school.html PRATICAL HIGH SCHOOL - Siktia, District Siwan (Bihar) schools.org.in en 2020-03-28 https://web.archive.org/web/20200216234945/https://schools.org.in/siwan/10161003904/pratical-high-school.html 16 फ़रवरी 2020 live। यह 1941 भारत की आज़ादी के पाँच वर्ष पूर्व में स्व. सरयुग सरन देव द्वारा एक निजी स्कूल के रूप में स्थापित किया गया था। लेकिन कुछ कुछ वर्ष बाद उन्होंने इसे बिहार सरकार को दान दे दिया और यह बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना, बिहारhttps://smarteduguide.com/schools-in-bihar/bihar-board-school-code-list-2020/ bihar board school code list 2020 SEG en-US 2020-03-28 https://web.archive.org/web/20200217001147/https://smarteduguide.com/schools-in-bihar/bihar-board-school-code-list-2020/ 17 फ़रवरी 2020 live से संबद्ध हो गया। बिहार की शिक्षा सरकार के अनुसार स्कूल प्रमाण कोड 92096 हैhttps://smarteduguide.com/schools-in-bihar/bihar-board-school-code-list-2020/ bihar board school code list 2020 SEG en-US 2020-03-28 https://web.archive.org/web/20200217001147/https://smarteduguide.com/schools-in-bihar/bihar-board-school-code-list-2020/ 17 फ़रवरी 2020 live। इस विद्यालय के पहले प्राचार्य एवं संस्थापक सरयुग सरन देव थे, लेकिन वर्तमान समय में इस विद्यालय के प्राचार्य श्री राजेश्वर सिंह हैंhttps://www.admissioncare.co.in/list-details?listing_id=2339&title=practical-high-school-sikatiya AdmissionCare Find school online www.admissioncare.co.in 2020-03-28 https://web.archive.org/web/20200223020646/https://www.admissioncare.co.in/list-details?listing_id=2339&title=practical-high-school-sikatiya 23 फ़रवरी 2020 dead।
प्रैक्टिकल हाई स्कूल
File:Practical High school, Sikatiya, Siwan.jpg सरयुग सरन देव नवंबर,1941 बिहार विद्यालय परीक्षा समिति बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ग्रामीण क्षेत्र सिवान बिहार सरकार बिहार सरकार सिकटिया, सिवान,बिहार,भारत तपनाथराम हिंदी, इंग्लिश एवं ग्रामीण छेत्रीय भाषा सिवान सक्रिय 92069 पांचवां - बारह (V–XII) अप्रैल-जनवरी गुलाबी और हल्का नीला pinklightblue 24 12 क्रिकेट, फुटबॉल, खोखो जन गण मन सह-शिक्षा
सुविधाएं
पुस्तकालय
स्कूल भवन में पुस्तकालय की सुविधा है। यह सुविधा स्कूल के छात्रों को स्कूल समय के दौरान उपलब्ध की जाती है। इस पुस्तकालय में ऐतिहासिक और आधुनिक काल की कुल 104+ पुस्तकें उपलब्ध हैं। सभी वर्गों को प्रति सप्ताह कम से कम एक पुस्तकालय अवधि प्रदान की जाती है।
प्रयोगशालाओं
स्कूल प्रयोगशालाओं में भौतिकी प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, गणित प्रयोगशाला, ऑडियो-विजुअल हॉल शामिल हैं।
क्रीडा और खेल
परिसर में फुटबॉल के मैदान के साथ एक पूर्ण आकार का खेल का मैदान, के लिए क्रिकेट पिच, खो-खो और कबड्डी कोर्ट शामिल हैं।
ट्रांसपोर्ट
स्कूल में कोई परिवहन सेवा अभी तक उपलब्ध नहीं है।
प्रधानाध्यापको की सूची
सरयुग सरन देव (संस्थापक एवं दानदाता)
तपनाथराम
राजेश्वर प्रसाद
संबद्धता एवं पढाई
यह विद्यालय BSEB के साथ माध्यमिक स्तर तक संबद्धत है, एक विद्यालय का संबद्धन संख्या 92096 है PHS के लिए U-DISE (एकीकृत जिला सूचना प्रणाली शिक्षा के लिए) कोड 10161003904 है। स्कूल में 9 से 12 तक की पढ़ाई होती हैं इसमें प्री-प्राइमरी सेक्शन नहीं हैं।
इमारतें
स्कूल की अपनी इमारत है जिसमें तीन ब्लॉक लड़कियों, लड़कों, कार्यालय और प्रशासनिक तौर के लिए शामिल हैं। यहां कोई भी वर्ग या कमरा निर्देशात्मक उद्देश्य के लिए उपलब्ध नहीं है। स्कूल में शिक्षक और प्राचार्य के लिए अलग-अलग कमरे हैं। तथा नवी वर्ग की उन छात्राओं के लिए जो अनुसूचित जाति व जनजाति से तालुकात रखती है हाल ही में उन छात्राओ के लिए छात्रावास को दो साल बाद चालू कर दिया गया है। इस बालिका छात्रावास में पूरे 100 छात्राओं के लिए कॉपी, किताब व कलम मुफ्त देने तथा उनके रोजमर्रा और सौंदर्य सामग्री की भी निश्शुल्क उपलब्ध कराई गई है।https://www.jagran.com/bihar/siwan-girls-hostel-start-16046503.html बालिका छात्रावास की शुरुआत Dainik Jagran hi 2020-03-29 स्कूल में पढ़ने के साथ साथ उन्हें सभी स्तर के खेलो की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है,एक बाउंड्री अपने पूर्ण परिधि के साथ, खेल के मैदान सहित पूरे स्कूल को घेरती है। पीने के पानी का स्रोत हैंडपंप है और यह क्रियाशील है।
इन्हें भी देखें
File:Chhath ghat.jpg
स्कूल के पास ही एक बड़ा तालाब मौजूद है। इस तालाब के किनारे पर, सूर्य की कई प्रतिमाएँ बनाई गयी हैं (जिसे गाँव की औपचारिक भाषा में छठी माता कहा जाता है), यहाँ एक त्योहार (छठ पूजा) के लिए लोग सूर्य की प्रतिमाओं को पूजते है तथा उगते और डूबते सूरज की प्रार्थना करते हुए वे पृथ्वी पर एक अच्छा पाने तथा अपने विशेष इच्छाओं को पूरा करने के लिए सूर्य देव को शुभकामनाएँ और धन्यवाद देते हैं।
सन्दर्भ