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चंद्रिका देवी मंदिर, लखनऊ
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मां चंद्रिका देवी मंदिर भारत उत्तर प्रदेश लखनऊ कठवारा, बख्शी का तालाब 123 दुर्गा अमावस्या, नवरात्रि हिंदू वास्तुकला 9 दुर्गा प्राचीन नारद मुनि
चंद्रिका देवी मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में हिंदू माँ देवी दुर्गा के कई रूपों में से एक को समर्पित एक पवित्र मंदिर हैं। यह स्थानीय लोगों और अंतरराज्यीय लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। यह आसपास के शहरों और ग्रामीण लोगों के लिए भी एक पर्यटन स्थल हैं। लक्ष्मण के पुत्र चंद्रकेतु से जुड़ा हैं मां चंद्रिका देवी का कथानक https://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-the-story-of-maa-chandrika-devi-related-to-chandraketu-son-of-lakshman-read-the-history-of-the-temple-23116030.html 2012-10-03
मंदिर का परिचय
लखनऊ शहर के बख्शी का तालाब के पास कठवारा गाँव में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 (लखनऊ-सीतापुर रोड) के उत्तर-पश्चिम में गोमती नदी के तट पर स्थित हैं। यह मंदिर 300 साल पुराना हैं और देवी दुर्गा का एक रूप चंद्रिका देवी के नाम से प्रसिद्ध हैं। उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिशा में गोमती नदी से घिरे प्राकृतिक वातावरण में स्थित, यह लखनऊ के मुख्य शहर से लगभग 28 किलोमीटर दूर हैं और लखनऊ हवाई अड्डे से लगभग 45 किलोमीटर दूर हैं। इस स्थान और आस-पास के क्षेत्रों की रामायण काल से ही प्रासंगिकता और धार्मिक महत्व हैं। इसे माही सागर तीर्थ भी कहा जाता हैं। इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता हैं।https://inlucknow.org/post/chandrika-devi-temple-confluence-of-faith-history-5288 Chandrika Devi Temple लखनऊ के पास बसा आस्था Maurya Sanjeev inlucknow.org In Lucknow Hindi
इतिहास
ऐसा कहा जाता हैं कि लखनऊ के संस्थापक लक्ष्मण के बड़े पुत्र राजकुमार चंद्रकेतु एक बार अश्वमेघ घोड़े के साथ गोमती के किनारे से गुजर रहे थे। तब रास्ते में अंधेरा हो गया और उन्हें तत्कालीन घने जंगल में आराम करना पड़ा। उन्होंने देवी से सुरक्षा की प्रार्थना की। मां चंद्रिका देवी धाम का स्कंद पुराण में उल्लेख https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/lucknow/story-maa-chandrika-devi-dham-mentioned-in-skanda-purana-7927251.html 2013-03-21इस मदिंर के बारे में कहा जाता हैं कि उस काल में यहां स्थापित एक भव्य मंदिर को 12वीं शताब्दी में विदेशी आक्रमणकारियों ने नष्ट कर दिया था। लगभग 250 साल पहले आसपास के कुछ ग्रामीणों ने जंगलों में घूमते समय इस खूबसूरत जगह को खोजा था जो घने जंगलों से छिपा हुआ था। इस स्थान को माही सागर तीर्थ के नाम से भी जाना जाता हैं। Temples in Lucknow, Mandir in Lucknow, List of Temples in Lucknow http://www.lucknowonline.in/city-guide/temples-in-lucknow www.lucknowonline.in 2015-12-27
यह भी कहा जाता हैं कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने शक्ति प्राप्त करने के लिए घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक को इस तीर्थ के बारे में बताया था। बर्बरीक ने इस स्थान पर लगातार 3 वर्षों तक माँ चंद्रिका देवी की पूजा की थी। अमावस्या और नवरात्र की पूर्व संध्या पर मंदिर में और मंदिर परिसर के आसपास बहुत सारी धार्मिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सो से लोग यहाँ हवन (यज्ञ), मुंडन के लिए आते हैं। इसके अलावा इन दिनों कीर्तन, सत्संग (धार्मिक सभाएं) भी आयोजित की जाती हैं। लखनऊ में मौजूद हैं ढाई सौ साल पुराना चमत्कारी वट वृक्ष https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/story-two-hundred-fifty-years-old-miraculous-banyan-tree-of-baba-harivansh-present-in-lucknow-near-chandrika-devi-temple-6847368.html 2022-07-26
सन्दर्भ
श्रेणी:लखनऊ
श्रेणी:हिन्दू तीर्थ स्थल
श्रेणी:उत्तर प्रदेश में हिन्दू मंदिर