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411 समाचार
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रोहेड़ा

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रोहिड़ा Rohida1.jpg हरसवा गाँव में रोहिड़ा का पेड़ वानस्पतिकी एंजियोस्पर्म्स यूडिकॉट्स ऐस्टेराइड्स लेमिएल्स बिग्नोनिएन्सी टेकोमेला टी॰ उण्डुलता टेकोमेला उण्डुलता डेविड डॉन https://www.maruvanirajasthan.in/2024/05/RajyPhool.html?m=1 रोहिड़ा का फूल : राजस्थान का राज्य पुष्प। Rajasthan Rajya ka Pushp मई, 11,2024 https://web.archive.org/web/20240513130806/https://www.maruvanirajasthan.in/2024/05/RajyPhool.html?m=1 13 मई 2024 13 मई 2024 bot: unknownरोहिड़ा या टेकोमेला उण्डुलता (इसका वानस्पतिक नाम (Tecomella undulata) है) राजस्थान का राजकीय पुष्प (१९८३ में घोषित) है। यह मुख्यतः राजस्थान के थार मरुस्थल और पाकिस्तान मे पाया जाता है। रोहिड़ा का वृक्ष राजस्थान के शेखावटी व मारवाड़ अंचल में इमारती लकड़ी का मुख्य स्रोत है। यह मारवाड़ टीक के नाम से भी जाना जाता है। शुष्क व अर्ध शुष्क क्षेत्रों में पाया जाने वाला यह वृक्ष पतझड़ी प्रकार का है। रेत के धोरों के स्थिरीकरण के लिए यह वृक्ष बहुत उपयोगी है। रोहिङा का परिचय रोहिड़ा रोहिड़ा शुष्क जलवायु का पेड़ होने के कारण राजस्थान में बहुतायत पाया जाता है। यह एक इमारती पेड़ है। इस पेड़ की पेड़ की ऊंचाई महज 5-7 मीटर तक की होती है। शुष्क जलवायु के अनुकूल होने के कारण यह कुछ हद तक पर्णपाती (गर्मी के मौसम में पत्ते सुखकर गिर जाते हैं) पेड़ है। इस पेड़ की पत्तियाँ बड़ी और लंबी होती है, कुछ हद तक यह अशोक के पेड़ की पत्तियों से मिलती-जुलती होती है। अशोक के पेड़ की पत्तियों की भांति गहरी हरी नहीं होती हल्की हरी भूरे रंग की होती है। पत्ती की लंबाई 6 इंच और चौड़ाई 2 इंच के लगभग होती है। गर्मी की शुरुआत में पेड़ से अधिकांश पत्तियाँ झड़ जाती है, हालांकि कुछ पेड़ पर अपेक्षाकृत कम झड़ती है। रोहिङा की लकड़ी का उपयोग - रोहिड़ा एक इमारती वृक्ष है इसकी लकड़ी मजबूत होने के साथ टिकाऊ होती है। लकड़ी का घनत्व अधिक होने के साथ ही लकड़ी के भारी होने के कारण यह फर्निचर के लिए बहुत उपयुक्त होती है। इसकी लकड़ी की उपयोगिता को देखते हुए इसे 'राजस्थान का सागवान' या 'मारवाड़ का सागवान' कहा जाता है। इसकी लकड़ी से घर के उपयोग का सभी प्रकार का फर्निचर बनाया जा सकता है। इमारती पेड़ होने के साथ ही इसकी महता सागवान के बराबर मानी जाती है। इसका तना लगभग 3 मीटर का ऊंचा होता है जिसका व्यास 2-3 फीट का होता है, जिसके कारण मजबूत खिड़की और दरवाजे का निर्माण संभव है। इसकी जड़े भी मोटी होने के कारण फर्निचर के लिए उपयुक्त होती है। इसमे तैलीय रस की भी अधिकता होती है जिससे फर्निचर में चमक और साफ-सफाई भी अधिक नजर आती है, सागवान की भांति। बाहरी कड़ियाँ Rohida - State Flower राजस्थान वन विभाग के आधिकारिक जालघर पर। श्रेणी:पुष्प श्रेणी:राजस्थान के वनस्पति और प्राणी समूह