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आगा खां तृतीय
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HH_the_AGA_KHAN_1936_(cropped).jpg हिज़ हाइनेस आग़ा ख़ान तृतीय सुल्तान सर मुहम्मद शाह 48वें निज़ारी इमाम 2 नवम्बर 1877 11 जुलाई 1957 आगा खां तृतीय
सुल्तान मुहम्मद शाह (2 नवंबर 1877 – 11 जुलाई 1957), जिन्हें आग़ा ख़ान तृतीय के नाम से जाना जाता है, शिया इस्लाम की निज़ारी इस्माइली शाखा के 48वें इमाम थे। उन्हें पाकिस्तान के एक संस्थापक पिता माना जाता है, और वह अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के पहले अध्यक्ष थे।
1885 में अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में वह निजारी इस्माईली संप्रदाय के इमाम बने।भारत ज्ञान कोश, खंड : 1, प्रकाशक: पोप्युलर प्रकाशन मुंबई, पृष्ठ संख्या : 119
जीवन परिचय
इनकी माँ ईरान की शाही परिवार से थीं। उनकी देखरेख में आग़ा ख़ान को इस्माईली और पूर्वी शिक्षा के साथ-साथ पश्चिमी शिक्षा भी दी गयी। अपने समुदाय के मामलों को कर्मठता से निपटाने के अलावा उन्होने भारत के मुसलमानों में तेज़ी से अग्रणी स्थान हासिल कर लिया। 1906 में भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के हितों को प्रोत्साहित करने के लिए वाइसराय से मिलने गए मुस्लिम शिष्टमंडल का उन्होने नेतृत्व किया। 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों से अंतत: अलग मुस्लिम निर्वाचक मण्डल बन गया।
राजनीतिक गतिविधियां
आग़ा ख़ान तृतीय अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के प्रारंभिक वर्षों में अध्यक्ष रहे तथा अलीगढ़ में मुस्लिम महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए उन्होने एक कोश का गठन किया। यह दर्जा उसे 1920 में मिला। प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने पर आगा ख़ान ने मित्र राष्ट्रों के उद्देश्यों का समर्थन किया, लेकिन इसके बाद के शांति सम्मेलन में उन्होने आग्रह किया कि तुर्की के साथ उदारता से पेश आया जाय। प्रथम विश्व युद्ध में उनकी सहायता के लिए उन्हें नाइट की उपाधि दी गयी। उन्होने लंदन में भारतीय वैधानिक सुधारों पर हुए गोलमेज़ सम्मेलन (1930-32) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1932 में जीनेवा में विश्व निरस्त्रीकरण सम्मेलन तथा 1932 में और 1934 से 1937 तक लीग ऑफ नेशंस की सभा में आग़ा ख़ान तृतीय ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1937 में उन्हे लीग का अध्यक्ष बनाया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वह स्वीटजरलैंड में रहे और राजनाइटिक गतिविधियां छोड़ दी।
महात्मा गांधी को 1942 से 1945 तक पूना (वर्तमान पुणे) में आग़ा ख़ान महल में बंदी बनाकर रखा गया था। आग़ा ख़ान को घुड़दौड़ों के लिए श्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों के सफल मालिक और प्रवजनक के रूप में भी जाना जाता था।
सन्दर्भ
देखें
आगा ख़ान महल, पुणे
आगा ख़ान सांस्कृतिक ट्रस्ट
श्रेणी:आगा खां
श्रेणी:जन्म: 1885
श्रेणी:निज़ारी इमाम
श्रेणी:आध्यात्मिक नेता
श्रेणी:पुणे