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आनंदीबाई
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श्रीमंत आनंदीबाई साहेब पेशवा पेशवीन 25 फरवरी 1742 गुहागर, मराठा साम्राज्य 1794 रघुनाथराव बाजी राव द्वितीय तथा अन्य दो संतानें ओक (जन्म से)भट (विवाह से) रघु महादेव ओक
आनंदीबाई मराठा साम्राज्य के 11वें पेशवा रघुनाथराव की द्वितीय पत्नी थीं। अगस्त 1773 में उन्होंने अपने 17 वर्षीय भतीजे एवं पेशवा नारायणराव की हत्या की साजिश रची थी। उस समय उनके पति रघुनाथराव कार्यवाहक संरक्षक (रिजेंट) थे और नारायणराव की मृत्यु के बाद सिंहासन के उत्तराधिकारी बने।
प्रारम्भिक जीवन और विवाह
आनंदीबाई का जन्म वर्तमान महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के गुहागर नामक गाँव में चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वे रघु महादेव ओक की पुत्री थीं।Gune Vithal Survey and Calendar of Marathi Documents K.P. Bagchi 1996 https://books.google.com/books?id=9UNuAAAAMAAJ&q=anandibai&dq=anandibai 978-81-7074-166-4 14 January 2009 उनकी जेटानी गोपीकाबाई (रास्टे परिवार से) पेशवा बालाजी बाजीराव की पत्नी थीं। दिसंबर 1756 में, बाल्यावस्था में ही उनका विवाह बालाजी बाजीराव के छोटे भाई रघुनाथराव से हुआ।Turner O. Journal of the Bombay Branch of the Royal Asiatic Society The Society 1904 https://books.google.com/books?id=oWkoAAAAYAAJ&pg=RA3-PA323&dq=anandibai 14 January 2009 वे उनकी दूसरी पत्नी थीं; रघुनाथराव की पहली पत्नी जानकीबाई (बरवे परिवार) का अगस्त 1755 में निधन हो गया था।
बालाजी और रघुनाथराव, दोनों मराठा साम्राज्य के पेशवा बाजी राव प्रथम के पुत्र थे। पेशवा का पद छत्रपति द्वारा प्रदान किया जाता था और यह अनुवांशिक नहीं था।
नारायणराव की हत्या
thumb|शनि॑वार वाडा—जहाँ नारायणराव की हत्या की साजिश रची गई
सन् 1772 में माधवराव प्रथम की मृत्यु के बाद उनके भाई नारायणराव को पेशवा बनाया गया, किंतु वे नाबालिग थे। रघुनाथराव को संरक्षक नियुक्त किया गया। प्रारंभ में व्यवस्था सुचारू रही, परंतु बाद में नारायणराव ने अपने चाचा को पदच्युत करने की साजिश के आरोप में बंदी बना लिया।
30 अगस्त 1773 को शनि॑वार वाडा में,indianculture रघुनाथराव ने स्वयं को मुक्त कराने हेतु गर्दी सैनिकों को नियुक्त किया। वे शनि॑वार वाडा में घुसे और नारायणराव को बंदी बना लिया। लोकप्रिय कथा के अनुसार रघुनाथराव ने संदेश में "नारायणरावांना धरा" (पकड़ो) लिखा था, जिसे आनंदीबाई ने बदलकर "नारायणरावांना मारा" (मारो) कर दिया। परिणामस्वरूप गर्दी सैनिकों ने नारायणराव की हत्या कर दी।
परिणाम
नारायणराव की मृत्यु के बाद रघुनाथराव पेशवा बने, किंतु नाना फडनवीस ने जांच का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश राम शास्त्री प्रभुणे ने रघुनाथराव और आनंदीबाई को दोषी पाया।Sen Shailendra Anglo-Marath Relations during the time of Warren Hastings Popular Prakashan 1994 https://books.google.com/books?id=r4hHNz7T-AEC&pg=PA12&dq=Anandibai+narayanrao+killing 978-81-7154-578-0 14 January 2009Hasting Gabriel Strangers Within the Gates Asian Educational Services 2004 https://books.google.com/books?id=5FU4daibDnoC&pg=PA155&dq=anandibai+peshwe 978-81-206-1875-6 14 January 2009
बाराभाई षड्यंत्र में नाना फडनवीस और अन्य सरदारों ने रघुनाथराव को पदच्युत कर दिया। नारायणराव की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी गंगाबाई से जन्मे शिशु माधवराव द्वितीय को पेशवा बनाया गया।
बाद का जीवन
नाना फडनवीस की शक्तियों से बचते हुए आनंदीबाई ने 10 जनवरी 1775 को धार किले में बाजी राव द्वितीय को जन्म दिया।Vaidya S.G. Peshwa Bajirao II and the Downfall of Maratha Power Pragati Prakashan 1976 https://books.google.com/books?id=5FU4daibDnoC&pg=PA155&dq=anandibai+peshwe 978-81-206-1875-6 14 January 2009
11 दिसंबर 1783 को रघुनाथराव का निधन हो गया।
लोकप्रिय संस्कृति में
1994 की हिंदी धारावाहिक द ग्रेट मराठा में आनंदीबाई की भूमिका उत्कर्ष नायक ने निभाई।
2014 की मराठी फिल्म राम माधव में उनकी भूमिका सोनाली कुलकर्णी ने निभाई।
2019 की मराठी श्रृंखला स्वामिनी में कुंजिका कलविट ने उनका पात्र निभाया।
इन्हें भी देखें
काशीबाई
सन्दर्भ
श्रेणी:पेशवा वंश
श्रेणी:मराठा साम्राज्य से सम्बन्धित महिलाएँ