411 REFERENCE · Wikipedia
विश्वकर्मा (जाति)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
विश्वकर्मा भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक समुदाय अथवा जाति है, जिसे सामान्यतः शिल्पकला और निर्माण कार्यों से जोड़ा जाता है। इनका ये समुदाय मध्यकालीन भारत के बाद पारंपरिक रूप से शिल्पकर्म (बढ़ई, लोहार, स्वर्णकार, कसेरा और जौहरी) जैसे कार्यों में संलग्न रहे हैं। भारत के विभिन्न भागों में इन्हें अलग-अलग नामों और उपसमूहों के रूप में जाना जाता है।रामास्वामी विजय 2004 Vishwakarma Craftsmen in Early Medieval Peninsular India प्रारंभिक मध्यकालीन प्रायद्वीपीय भारत में विश्वकर्मा शिल्पकार https://www.jstor.org/stable/pdf/25165073.pdf जर्नल ऑफ द इकनॉमिक ऐंड सोशल हिस्ट्री ऑफ द ओरियेंट en 47 4 548–582 10.1163/1568520042467154 25165073 registration विश्वकर्मा ब्राह्मण अथर्ववेदीय शौनक और पिप्पलाद शाखा से संबंधित हैं।
विश्वकर्मा ब्राह्मण समुदाय भगवान विश्वकर्मा को अपना पूर्वज देव मानते हैं, जिन्हें 'देव शिल्पी' के रूप में जाना जाता है। पुराणों में विश्वकर्मा को देवताओं के वास्तुकार के रूप में वर्णित किया गया है।
इतिहास और सामाजिक स्थिति
इतिहासकार विजया रामास्वामी का मत है कि मध्यकालीन भारत में विश्वकर्मा समुदाय मुख्य रूप से मंदिर निर्माण और शिल्प कार्यों से जुड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि इस समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति उन कारीगरों से भिन्न थी जो स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था में स्थायी रूप से शामिल थे।
कुछ धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में विश्वकर्मा को ब्रह्मा के वंशज के रूप में चित्रित किया गया है, किन्तु आधुनिक जाति व्यवस्था में यह समुदाय आमतौर पर 'शिल्पकार' श्रेणी में रखा गया है।भगत राम बी॰ अप्रैल–जून 2006 Census and caste enumeration: British legacy and contemporary practice in India जनगणना और जाति गणना: ब्रिटिश विरासत और भारत में समकालीन प्रथा https://catalog.ihsn.org/citations/34097 जीनस en 62 2 119–134 29789312
सन्दर्भ
श्रेणी:भारतीय जाति