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नाभिकीय संलयन

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thumb|ड्यूटेरियम का ट्राइटियम से संलयन- जिसके परिणामस्वरूप हीलियम-४ बनता है व एक मुक्त न्यूट्रॉन निकलता है। इस अभिक्रिया में १७.५९ मेगा इलेक्ट्रॉन वोल्ट ऊर्जा निकलती है।Fundamentals of nuclear science and engineering J. Kenneth Shultis, Richard E. Faw 151 http://books.google.com/books?id=SO4Lmw8XoEMC&pg=PA151 0824708342 2002 CRC Press 5 दिसंबर 2009 https://web.archive.org/web/20130529022211/http://books.google.com/books?id=SO4Lmw8XoEMC&pg=PA151 29 मई 2013 live जब दो हल्के नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के नाभिक की रचना करते हैं तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। नाभिकीय संलयन के फलस्वरूप जिस नाभिक का निर्माण होता है उसका द्रव्यमान संलयन में भाग लेने वाले दोनों नाभिकों के सम्मिलित द्रव्यमान से कम होता है। द्रव्यमान में यह कमी ऊर्जा में रूपान्तरित हो जाती है। जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन के समीकरण E = mc2 से ज्ञात करते हैं। तारों के अन्दर यह क्रिया निरन्तर जारी है। सबसे सरल संयोजन की प्रक्रिया है चार हाइड्रोजन परमाणुओं के संयोजन द्वारा एक हिलियम परमाणु का निर्माण। 41H1 → 2He4 + 2 पोजिट्रान + ऊर्जागुप्त तारकनाथ भौतिकी एवं रसायन शास्त्र नवंबर २००४ भारती पुस्तक मन्दिर, कोलकाता २२४ ७ दिसंबर २००९ 1H2 + 1H2 → 2He4 + 23.6 MeV 1H3 + 1H2 → 2He4 + 0n1 + 17.6 MeVसिंह उमाशंकर आधुनिक भौतिकी विज्ञान नवंबर २००५ आधुनिक ग्रन्थागार, कोलकाता २३३ ७ दिसंबर २००९ 1H1 +1H1 +1H1 +1H1 = 2He4 + 21β0 + 2V + 26.7 MeVप्रसाद चन्द्रमोहन भौतिक एवं रसायन विज्ञान https://archive.org/details/dli.ministry.24851 जुलाई २००४ भारती सदन कोलकाता २०७ ७ दिसंबर २००९ इसी नाभिकीय संलयन के सिद्धान्त पर हाइड्रोजन बम का निर्माण किया जाता है। नाभिकीय संलयन उच्च ताप (१०७ से १०८० सेंटीग्रेड) एवं उच्च दाब पर सम्पन्न होता है जिसकी प्राप्ति केवल नाभिकीय विखण्डन से ही संभव है। सूर्य से निरन्तर प्राप्त होने वाली ऊर्जा का स्रोत वास्तव में सूर्य के अन्दर हो रही नाभिकीय संलयन प्रक्रिया का ही परिमाण है। सर्वप्रथम मार्क ओलिफेंट निरन्तर परिश्रम करके तारों में होने वाली इस प्रक्रिया को १९३२ में पृथ्वी पर दोहराने में सफल हुए, परन्तु आज तक कोई भी वैज्ञानिक इसको नियंत्रित नहीं कर सका है। इसको यदि नियंत्रित किया जा सके तो यह ऊर्जा प्राप्ति का एक अति महत्त्वपूर्ण तरीका होगा। पूरे विश्व में नाभिकीय संलयन की क्रिया को नियंत्रित रूप से सम्पन्न करने की दिशा में शोध कार्य हो रहा है। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ क्या है आईटीईआरजून 2020 InternetArchiveBot श्रेणी:भौतिकी श्रेणी:भौतिक शब्दावली * श्रेणी:नाभिकीय रसायनिकी श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना