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स्टॅनली का डब्बा
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स्टॅनली का डब्बा यह अमोल गुप्ते द्वारा लिखित, निर्देशित और निर्मित २०११ की हिंदी भाषा की एक प्रहसन-नाट्य फिल्म है, जिसमें दिव्या दत्ता, पार्थो गुप्ते (अमोल गुप्ते के बेटे), दिव्या जगदाले, राज जुत्शी और अमोल गुप्ते ने अभिनय किया है। यह फिल्म १३ मई २०११ को प्रदर्शित हुई थी।https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/Amole-Guptes-son-makes-debut/articleshow/8215039.cms Amole Gupte's son makes debut! Jha Subhash 10 May 2011 The Times of India 13 May 2011 https://web.archive.org/web/20120404142927/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-05-10/news-interviews/29527840_1_feature-film-short-films-workshop 4 April 2012
प्लॉट
स्टॅनली (पार्थो गुप्ते) मुंबई के होली फैमिली स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता है और अपने दोस्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। वह प्रतिभाशाली हैं और अंग्रेजी की शिक्षिका रोजी मॅडम (दिव्या दत्ता) उसकी रचनात्मकता, बुद्धि और हास्य से विशेष रूप से प्रभावित हैं।
स्टॅनली स्कूल में अपना लंच बॉक्स या डब्बा नहीं लाता है। वर्मा (अमोल गुप्ते) एक उग्र हिंदी शिक्षक है, जो अपना डब्बा भी नहीं लाता है, बल्कि दूसरोंका भोजन भी चुरा लेता है। स्कूल में बच्चों ने उन्हें 'खडूस' उपनाम दिया है।
एक दिन, वह दोपहर के भोजन के समय देर से आता है और वह खाने से चूक जाता है। यह महसूस करने पर कि भोजन स्टॅनली के साथ साझा किया गया था, खडूस उसे अपना डब्बा नहीं लाने के लिए फटकार लगाता है। स्टॅनली को खडूस की शत्रुता का एहसास होता है और उसके बाद वह अपने दोस्तों के डब्बों से खाने से दूर रहता है, उन्हें हर दिन दोपहर के भोजन के दौरान बताता है कि वह अपनी माँ द्वारा तैयार किए गए गर्म भोजन का आनंद लेने के लिए घर जा रहा है। पर दोपहर के भोजन के दौरान वो स्कूल में घूमते हुए पाते हैं। पर स्टॅनली उन्हें बताता है कि उसके माता-पिता दिल्ली गए है। अपने भूखे दोस्त की मदद करने के लिए उत्सुक, स्टॅनली के दोस्त दोपहर के भोजन के दौरान स्टॅनली के साथ अपने डब्बा साझा करते हुए खडूस से छिपने लगते हैं।
पर खडूस उन्हे पकड लेता है, स्टॅनली को धमकी देता है कि वह या तो अपना डब्बा लाए या स्कूल आना बंद कर दे। स्टॅनली बाध्य हो जाता है और स्कूल आना बंद कर देता है।
स्टॅनली की गैर-उपस्थिति के कारण परेशान और निराश, रोजी मॅडम अन्य कर्मचारियों के सामने खडूस का सामना करती है, और उससे "कुछ शर्म करो" कहती है क्योंकि स्टॅनली "सिर्फ एक बच्चा है"। खडूस को अपनी मूर्खता का एहसास होता है।
एक दिन स्टॅनली अपना डब्बा लाता है। वह इसे एक थाली में खडूस को देता है और उससे स्कूल वापस आने की अनुमति मांगता है। अपराध बोध और शर्म से घिरे खडूस अपने पद से इस्तीफा देता है। अंत में, विद्यालय के प्राचार्य को पता चलता है कि स्टॅनली अनाथ है और एक रेस्तरां में काम करता है, रात में बर्तन धोता है और स्कूल में बचा हुआ खाना अपने टिफिन में लाता है।
निर्मीती
तारे ज़मीन पर की सफलता के बाद अमोल गुप्ते एक छोटी फिल्म बनाना चाहते थे। उन्होंने दोस्तों से पैसे उधार लिए और मुंबई के एक स्कूल में पांच लोगों के दल के साथ शूटिंग शुरू की। दल ने हर शनिवार को साढ़े चार घंटे की कार्यशालाओं के दौरान उन सभी दृश्यों का शूटिंग किया जिनकी उन्हें आवश्यकता थी।http://www.hindustantimes.com/We-are-family/Article1-702598.aspx We are family Jhunjhunwala Udita 28 May 2011 Hindustan Times 18 June 2011 https://web.archive.org/web/20110703013101/http://www.hindustantimes.com/We-are-family/Article1-702598.aspx 3 July 2011 कैनन ईओएस ७डी का उपयोग करके शूट की गई, और फिल्म में कुल १७० बाल अभिनेताओं का उपयोग किया गया।http://www.outlookindia.com/article.aspx?271987 Faces You Didn't Know Joshi Namrita 6 June 2011 Outlook India 18 June 2011 17 अक्तूबर 2012 https://web.archive.org/web/20121017125505/http://www.outlookindia.com/article.aspx?271987 dead फिल्म पूरी होने के बाद, गुप्ते ने इसे करण जौहर को दिखाया और उन्होंने फॉक्स स्टार स्टूडियो के साथ एक वितरण सौदे पर हस्ताक्षर करने में उनकी मदद की।
आलोचना
दाएँ|अंगूठाकार|180x180पिक्सेल|पार्थो गुप्ते - फिल्म के बाल नायक
स्टॅनली का डब्बा ने पूरे भारत में आलोचकों से सकारात्मक समीक्षाएँ प्राप्त कीं। रीडिफ के राजा सेन ने इसे ५ में से ५ सितारों की रेटिंग देते हुए कहा कि यह "कुछ समय में हिंदी सिनेमा की आने वाली सर्वश्रेष्ठ, शुद्ध फिल्म" थी।http://www.rediff.com/movies/report/movie-review-stanley-ka-dabba/20110513.htm Stanley Ka Dabba 18 June 2011 सीएनएन आईबीएन के फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने इसे "दिल को छू लेने वाला" बताते हुए ५ में से ४ की रेटिंग दी।http://ibnlive.in.com/news/masand-stanley-ka-dabba-is-heartwarming/152264-47-84.html Masand: 'Stanley ka dabba' is heartwarming Masand Rajeev 20 May 2011 IBN Live 18 June 2011 https://web.archive.org/web/20110516153101/http://ibnlive.in.com/news/masand-stanley-ka-dabba-is-heartwarming/152264-47-84.html 16 May 2011 एनडीटीवी की अनुपमा चोपड़ा ने कहा "इसमें एक अंतर्निहित मिठास और ईमानदारी है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी आपके साथ रहेगी" और इसे ५ में से ३.५ सितारे दिए।http://movies.ndtv.com/movie_review.aspx?id=620&albumname=Review:%20Stanley%20Ka%20Dabba Review: Stanley Ka Dabba Chopra Anupama NDTV https://web.archive.org/web/20110515181136/http://movies.ndtv.com/movie_review.aspx?id=620&albumname=Review:%20Stanley%20Ka%20Dabba 15 May 2011 15 May 2011 द टेलीग्राफ के प्रतिम दासगुप्ता ने "बचपन की मासूमियत और अच्छाई की यात्रा" कहा।http://www.telegraphindia.com/1110516/jsp/entertainment/story_13987104.jsp A Dabba full of goodies Pratim D. Gupta 16 May 2011 www.telegraphindia.com The Telegraph https://archive.today/20120914110626/http://www.telegraphindia.com/1110516/jsp/entertainment/story_13987104.jsp 14 September 2012 19 May 2011
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अनुमानित ₹७ करोड़ की कमाई की, जबकि इसका बजट ₹४.५ करोड़ था।https://boxofficeindia.com/movie.php?movieid=66 Stanley Ka Dabba - Movie - Box Office India boxofficeindia.com 2022-03-05
पार्थो गुप्ता को फ़िल्मफ़ेयर विशेष पुरस्कार (प्रमाणपत्र) और सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।http://pib.nic.in/release/rel_print_page.asp?relid=80734 59th National Film Awards for the Year 2011 Announced Press Information Bureau (PIB), India 7 March 2012
संदर्भ
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श्रेणी:फॉक्स स्टार स्टूडियोज़ की फ़िल्में
श्रेणी:2011 की फ़िल्में