Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

दारा शिकोह

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

दारा शिकोह मुगल साम्राज्य का युवराज Dara Shikoh.jpg मुगल युवराज दारा शिकोह का एक मुगल कालीन लघुचित्र 1615 03 20 y अजमेर, मुगल साम्राज्य 1659 8 30 1615 3 20 y दिल्ली, मुगल साम्राज्य नादिरा बानू बेगम सुलेमान शिकोह मुमताज शिकोह सिपिर शिकोह जहांजेब बानू बेगम मुहम्मद दारा शिकोह तैमूरी शाहजहां मुमताज महल सुन्नी इस्लाम हुमायूं का मकबरा, दिल्ली दारा शिकोह (जन्म 20 मार्च 1615 - हत्या 10 सितंबर 1659) मुमताज़ महल और सम्राट शाहजहाँ का ज्येष्ठ पुत्र तथा औरंगज़ेब का बड़ा भाई।http://www.thehindu.com/books/books-columns/who-is-dara-shukoh/article5379845.ece Who is Dara Shukoh? 19 अप्रैल 2017 https://web.archive.org/web/20170927201808/http://www.thehindu.com/books/books-columns/who-is-dara-shukoh/article5379845.ece 27 सितंबर 2017 live जीवनी दारा को 1633 में युवराज बनाया गया और उसे उच्च मंसब प्रदान किया गया। 1645 में इलाहाबाद, 1647 में लाहौर और 1649 में वह गुजरात का शासक बना। 1653 में कंधार में हुई पराजय से इसकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुँचा। फिर भी शाहजहाँ इसे अपने उत्तराधिकारी के रूप में देखता था, जो दारा के अन्य भाइयों को स्वीकार नहीं था। शाहजहाँ के बीमार पड़ने पर औरंगजेब और मुराद ने दारा के काफ़ि़र (धर्मद्रोही) होने का नारा लगाया। क्योंकि उसका झुकाव कट्टरपंथ की बजाय स्वतंत्र सोच की ओर था। वह कहता कि सनातन धर्म में ईमानदारी, पवित्रता, सद्भावना, दया, धैर्य, सहनशीलता, आत्म-संयम, उदारता, और तप जैसे गुणों का महत्व है। जबकि इस्लामिक विचारधारा इन गुणों से रहित था। दारा की ऐसी सोच औरंगज़ेब को नागवार गुजरी और अंततः कलह इतना बढ़ गया कि युद्ध हुआ। दारा दो बार, पहले आगरे के निकट सामूगढ़ में (जून, 1658) फिर अजमेर के निकट देवराई में (मार्च, 1659), पराजित हुआ। अंत में 10 सितंबर 1659 को दिल्ली में औरंगजेब ने उसकी हत्या करवा दी। दारा का बड़ा पुत्र औरंगजेब की क्रूरता का भाजन बना और छोटा पुत्र ग्वालियर में कैद कर दिया गया।https://scroll.in/article/879195/aurangzeb-and-dara-shikohs-fight-for-the-throne-was-entwined-with-the-rivalry-of-their-two-sisters Aurangzeb and Dara Shikoh’s fight for the throne was entwined with the rivalry of their two sisters 9 सितंबर 2018 https://web.archive.org/web/20180713184444/https://scroll.in/article/879195/aurangzeb-and-dara-shikohs-fight-for-the-throne-was-entwined-with-the-rivalry-of-their-two-sisters 13 जुलाई 2018 dead सूफीवाद और तौहीद के जिज्ञासु दारा ने सभी सनातन और मुसलमान संतों से सदैव संपर्क रखा। ऐसे कई चित्र उपलब्ध हैं जिनमें दारा को हिंदू संन्यासियों और मुसलमान संतों के संपर्क में दिखाया गया है। दारा काफी प्रतिभाशाली लेखक भी था। सफ़ीनात अल औलिया और सकीनात अल औलिया उसकी सूफी संतों के जीवनचरित्र पर लिखी हुई पुस्तकें हैं। रिसाला ए हकनुमा (1646) और "तारीकात ए हकीकत" में सूफीवाद का दार्शनिक विवेचन है। "अक्सीर ए आज़म" नामक उसके कवितासंग्रह से उसकी सर्वेश्वरवादी प्रवृत्ति का बोध होता है। उसके अतिरिक्त हसनात अल आरिफीन और मुकालम ए बाबालाल ओ दाराशिकोह में धर्म और वैराग्य का विवेचन हुआ है। मजमा अल बहरेन में वेदान्त और सूफीवाद के शास्त्रीय शब्दों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत है। 52 उपनिषदों का फासरी भाषा मैं अनुवाद उसने '"सीर-ए-अकबर (सबसे बड़ा रहस्य) में किया है।http://www.dailyo.in/politics/mughals-contribution-indian-economy-rich-culture-tourism-british/story/1/19549.html No, Mughals didn't loot India. They made us rich 16 सितंबर 2017 https://web.archive.org/web/20170916191823/http://www.dailyo.in/politics/mughals-contribution-indian-economy-rich-culture-tourism-british/story/1/19549.html 16 सितंबर 2017 dead वेदांग दर्शन और पुराणशास्त्र से उसके सम्पर्क का परिचय उसकी अनेक कृतियों से तथा उनके द्वारा अनुवादित साहित्य से मिलता है। उसके विचार और लेखनकार्य ईश्वर का श्विक पक्ष, द्रव्य में आत्मा का अवतरण, अद्वैत और निर्माण तथा संहार का चक्र जैसे सिद्धांतों के निकट परिलक्षित होते हैं। दारा का विश्वास था कि वेदांत और इस्लाम में सत्यान्वेषण के सबंध में शाब्दिक के अतिरिक्त और कोई अंतर नहीं है। दारा कृत उपनिषदों का अनुवाद दो विश्वासपथों - इस्लाम और वेदांत - के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान है। लेकिन कुछ समय बाद राजनीतिक परिस्थितियों वश दारा में नास्तिकवाद की ओर रुचि हुई, हालांकि यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। बाल्यकाल से ही उसमें अध्यात्म के प्रति लगाव था। यद्यपि कुछ कट्टरपंथी मुसलमान उसे धर्मद्रोही मानते थे, तथापि दारा ने इस्लाम की मुख्य भूमि को नहीं छोड़ा। उसे धर्मद्रोही करार दिए जाने का मुख्य कारण उसकी सर्व-धर्म-सम्मिश्रण की प्रवृत्ति थी जिससे धर्मगुरुओं को इस्लाम की स्थिति के क्षीण होने का भय था। 2017 में दिल्ली की 'डलहौजी रोड' का नाम बदलकर दारा शिकोह मार्ग''' कर दिया गया है।https://khabar.ndtv.com/news/delhi/delhi-lord-dalhousie-road-renamed-dara-shikoh-road-1656596 दिल्ली : साम्राज्यवादी लॉर्ड डलहौजी की जगह हिन्दू विचारधारा के समर्थक दारा शिकोह के नाम पर हुई रोड 19 अप्रैल 2017 https://web.archive.org/web/20170420045516/https://khabar.ndtv.com/news/delhi/delhi-lord-dalhousie-road-renamed-dara-shikoh-road-1656596 20 अप्रैल 2017 deadhttp://hindi.firstpost.com/culture/dara-shikoh-road-aurangzeb-brother-was-the-most-misfortune-prince-pk-12862.html दाराशिकोह: इतिहास का सबसे अभागा राजकुमार 19 अप्रैल 2017 https://web.archive.org/web/20170419194623/http://hindi.firstpost.com/culture/dara-shikoh-road-aurangzeb-brother-was-the-most-misfortune-prince-pk-12862.html 19 अप्रैल 2017 dead चित्र-दीर्घा इन्हें भी देखें मज्म उल बहरैन मंसूर अल हल्लाज Sirr-I-Akbar लोकप्रिय संस्कृति में छवि फ़िल्में और टेलीविज़न 2011-2012 के भारतीय ऐतिहासिक टीवी धारावाहिक वीर शिवाजी में उनकी भूमिका आरव चौधरी ने निभाई हैhttps://nettv4u.com/about/hindi/tv-serials/veer-shivaji/all-cast-and-crew Hindi Tv Serial Veer Shivaji - Full Cast and Crew nettv4u en 2026-10-13 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ भारतवर्ष Episode 9 Who was दारा शूकोह, Why was he killed सिर्रे-अक्बर के कुछ अंश (हिन्दी अनुवाद) Sirr-i-Akbar (उपनिशिदों का अनुवाद) श्रेणी:मुग़ल शहज़ादे श्रेणी:भारतीय सूफ़ी