411 REFERENCE · Wikipedia
अनुच्छेद 2 (भारत का संविधान)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अनुच्छेद 2 भारतीय संविधान के भाग 1 (संघ और उसका राज्य क्षेत्र) का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद है। यह अनुच्छेद भारतीय संसद को यह विशेष शक्ति प्रदान करता है कि वह कानून बनाकर भारत संघ में नए राज्यों का प्रवेश कर सकती है या नए राज्यों की स्थापना कर सकती है। यह संवैधानिक प्रावधान मुख्य रूप से उन राज्य क्षेत्रों के लिए है जो वर्तमान में भारत के भौगोलिक या राजनैतिक हिस्से नहीं हैं, लेकिन भविष्य में भारत संघ में शामिल हो सकते हैं।
संवैधानिक प्रावधान
संविधान के अनुच्छेद 2 के मूल पाठ के अनुसार: "संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।"भारत का संविधान, भाग १, अनुच्छेद २ (विकिस्रोत पर उपलब्ध मूल पाठ)
इस अनुच्छेद के तहत संसद को दो प्रकार की शक्तियाँ दी गई हैं:
नए राज्यों को संघ में शामिल करने की शक्ति: यह शक्ति उन राज्यों या क्षेत्रों पर लागू होती है जो पहले से ही स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में हैं लेकिन भारत का हिस्सा नहीं हैं।
नए राज्यों को स्थापित करने की शक्ति: यह उन क्षेत्रों पर लागू होता है जो पहले से स्थापित या मान्यता प्राप्त राज्य नहीं हैं, लेकिन भारत द्वारा उन्हें अर्जित करने के बाद एक नए राज्य के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 में अंतर
राजनीति विज्ञान और संवैधानिक अध्ययन में अक्सर अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के बीच भ्रम की स्थिति देखने को मिलती है। जहाँ एक ओर अनुच्छेद 2 का संबंध उन बाहरी क्षेत्रों से है जो वर्तमान में भारतीय संघ के हिस्से नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर अनुच्छेद 3 का संबंध भारतीय संघ के मौजूदा राज्यों के आंतरिक पुनर्गठन (जैसे नाम बदलना, सीमाएँ बदलना या एक राज्य को दो हिस्सों में बाँटना) से है।भारत की राजव्यवस्था 2016 https://archive.org/details/indianpolityforc0000mlax एम. लक्ष्मीकांत मैक्ग्रॉ हिल एजुकेशन छठा संस्करण 5.1-5.2 978-9352603633
ऐतिहासिक संदर्भ और उदाहरण
स्वतंत्रता के पश्चात् भारत ने कई बाहरी क्षेत्रों को अपने अधिकार में लिया और उन्हें संघ में शामिल किया। इसका सबसे प्रमुख ऐतिहासिक उदाहरण सिक्किम का भारत में विलय है। 1947 में आज़ादी के बाद सिक्किम एक स्वतंत्र रजवाड़ा था जिसे भारत द्वारा 'संरक्षित राज्य' का दर्जा प्राप्त था। 1974 में सिक्किम की जनता की माँग पर, 35वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में एक नया 'अनुच्छेद 2क' जोड़ा गया, जिसने सिक्किम को 'सह-राज्य' का दर्जा दिया।
हालांकि, एक वर्ष बाद ही 1975 में 36वें संविधान संशोधन के ज़रिए सिक्किम को भारतीय संघ का 22वाँ पूर्ण राज्य बना लिया गया और अनुच्छेद 2क को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा, दादरा और नगर हवेली, गोवा, दमन और दीव तथा पुडुचेरी जैसे विदेशी नियंत्रण वाले क्षेत्रों को भी आज़ादी के बाद विभिन्न संवैधानिक और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से भारत में शामिल किया गया था।https://hindi.livelaw.in/know-the-law/article-2-and-3-of-indian-constitution-difference-215039 अनुच्छेद 2 और 3 में अंतर लाइव लॉ 24 नवम्बर 2022 14 अप्रैल 2026 hi
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारत का संविधान (विकिस्रोत)
श्रेणी:भारत का संविधान
श्रेणी:भारतीय राजनीति
श्रेणी:संवैधानिक कानून
श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद