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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अल-क़ियामह

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जून 2015 सूरा अल-क़ियामह (इंग्लिश: Al-Qiyama) इस्लाम के पवित्र ग्रन्थ कुरआन का 75 वां सूरा (अध्याय) है। इसमें 40 आयतें हैं। नाम इस सूरा के अरबी भाषा के नाम को क़ुरआन के प्रमुख हिंदी अनुवाद में सूरा अल-क़ियामह सूरा अल-क़ियामह,(अनुवादक: मौलाना फारूक़ खाँ) भाष्य: मौलाना मौदूदी अनुदित क़ुरआन - संक्षिप्त टीका सहित 924 से https://archive.org/details/TranslationOfTheMeaningsOfTheNobleQuranInTheHindipdfऔर प्रसिद्ध किंग फ़हद प्रेस के अनुवाद में सूरा अल्-क़ियामहसूरा अल्-क़ियामह का अनुवाद (किंग फ़हद प्रेस) https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/75 https://quranenc.com 16 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20200622083734/https://quranenc.com/en/browse/hindi_omari/75 22 जून 2020 dead नाम दिया गया है। पहली ही आयत शब्द “अल-क़ियामाह” (प्रलय, परलोक , क़ियामत) को इस सूरा का नाम दिया गया है और यह केवल नाम ही नहीं है, बल्कि विषय-वस्तु की दृष्टि से इस सूरा का शीर्षक भी है, क्योंकि इसकी वार्ता क़ियामत (क़यामत) के सम्बन्ध में है। अवतरणकाल सूरा मक्की सूरा अर्थात् पैग़म्बर मुहम्मद के मदीना के निवास के समय हिजरत से पहले अवतरित हुई। इसकी वार्ता में एक आन्तरिक साक्ष्य ऐसा माजूद है जिससे मालूम होता है कि यह बिलकुल आरम्भिक काल में अवतरित होने वाली सूरतों में से है। (देखें , आयत 16 से 19 तक) विषय और वार्ता इस्लाम के विद्वान मौलाना सैयद अबुल आला मौदूदी लिखते हैं कि यहाँ से कुरआन के अन्त तक जो सूरते पाई जाती हैं, उनमें से अधिकतर अपने विषय और अपनी वर्णन-शैली की दृष्टि से उस कालखण्ड की अवतरित मालूम होती है, जब सूरा 74 (अल-मुद्दस्सिर) की 7 आरम्भिक आयतों के पश्चात् कुरआन के अवतरण का क्रम वर्षा की तरह आरम्भ हो गया था। इस आयत में परलोक का इनकार करनेवालों को सम्बोधित करके उनके एक-एक सन्देह और एक-एक आक्षेप का उत्तर दिया गया है; बड़े सुदृढ़ प्रमाणों के साथ क़ियामत (प्रलय और परलोक) की सम्भावना और प्रकटीकरण और अवश्यम्भाविता का प्रमाण दिया गया है और यह भी साफ़ - साफ़ बता दिया गया है कि जो लोग भी आख़िरत का इनकार करते हैं उनके इनकार का वास्तविक कारण यह नहीं है कि उनकी बुद्धि इसे असम्भव समझती है, बल्कि इसका वास्तविक प्रेरक यह है उनके मन की इच्छाएँ इसे मानना नहीं चाहती। इसके साथ ही उन लोगों को सावधान किया गया है कि जिस समय के आने का तुम इनकार कर रहे हो वह आकर रहेगा, तुम्हारा सब किया-धरा तुम्हारे सामने लाकर रख दिया जाएगा , और वास्तव में तो अपना कर्मपत्र देखने से भी पहले तुममें से हर व्यक्ति को स्वयं मालूम होगा कि वह दुनिया में क्या करके आया है। सुरह "अल-क़ियामह'' का अनुवाद बिस्मिल्ला हिर्रह्मा निर्रहीम अल्लाह के नाम से जो दयालु और कृपाशील है। बिस्मिल्लाह क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद इस सूरा का प्रमुख अनुवाद: क़ुरआन की मूल भाषा अरबी से उर्दू अनुवाद "मौलाना मुहम्मद फ़ारूक़ खान", उर्दू से हिंदी Al-Qiyama सूरा का अनुवाद http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/75:1 http://tanzil.net 15 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20180425183153/http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/75:1 25 अप्रैल 2018 dead "मुहम्मद अहमद" ने किया। बाहरी कडियाँ इस सूरह का प्रसिद्ध अनुवादकों द्वारा किया अनुवाद क़ुरआन प्रोजेक्ट पर देखें Al-Qiyama 75:1 क़ुरआन के अनुवाद 92 भाषाओं में https://web.archive.org/web/20200730204334/https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html 30 जुलाई 2020 Quran Text/ Translation - (92 Languages) https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html www.australianislamiclibrary.org 15 March 2016 https://web.archive.org/web/20200730204334/https://www.australianislamiclibrary.org/quran-translations.html 30 जुलाई 2020 dead 75 - अल-क़ियामह अल-मुद्दस्सिर अल-इंसान सन्दर्भ इन्हें भी देखें क़ुरआन मुहम्मद क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद सूरा आयत (क़ुरआन) इस्लामी शब्दावली श्रेणी:सूरा