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भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम
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thumb|गगनयान अन्तरिक्ष यात्री पॅच और लोगो
भारतीय मानव अन्तरिक्ष उड़ान कार्यक्रम (Indian Human Spaceflight Programme (IHSP)) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा पृथ्वी की निचली कक्ष एक-दो व्यक्ति चालक दल को प्रक्षेपण करने का एक प्रस्ताव है।https://indianexpress.com/article/explained/simply-put-how-to-send-an-indian-into-space-isro-maned-mission-5308964/ Gaganyan: How to send an Indian into space 16 अगस्त 2018 https://web.archive.org/web/20180817033104/https://indianexpress.com/article/explained/simply-put-how-to-send-an-indian-into-space-isro-maned-mission-5308964/ 17 अगस्त 2018 live वर्तमान की रिपोर्टों से सङ्केत मिलता है कि मानव अन्तरिक्ष उड़ान 2017 के बाद भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान संस्करण 3 पर घटित होगा। क्योंकि मिशन सरकार की 12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) में अनुर्भूकत नहीं है।http://articles.economictimes.indiatimes.com/2012-09-17/news/33902713_1_cryogenic-engine-gslv-mk-iii-radhakrishnan-today भारत 2017 से पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान शुरू करने में असमर्थ दि इकॉनोमिक टाइम्स 17 September 2012 21 June 2013 https://web.archive.org/web/20131214115937/http://articles.economictimes.indiatimes.com/2012-09-17/news/33902713_1_cryogenic-engine-gslv-mk-iii-radhakrishnan-today 14 दिसंबर 2013 live पहली चालक दल की उड़ान दिसंबर 2021 के लिए एक अंतरिक्ष यान (गगनयान) के साथ योजना बनाई गई है जो एक घरेलू जीएसएलवी मार्क 3 रॉकेट पर है।
डॉ. राधाकृष्णन (अध्यक्ष, इसरो) ने दिए गये एक इण्टरव्यू में बताया: भारत की पहली मानवयुक्त अन्तरिक्ष मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा 2021 में करने की योजना बनाई जा रही है।http://www.msn.com/en-in/video/peopleandplaces/indias-first-manned-space-mission-in-2021-isro-chairman-to-ndtv/vi-AA7J8FC?refvid=BB9ALlq India's First Manned Space Mission in 2021 12 November 2014 https://web.archive.org/web/20141112152759/http://www.msn.com/en-in/video/peopleandplaces/indias-first-manned-space-mission-in-2021-isro-chairman-to-ndtv/vi-AA7J8FC?refvid=BB9ALlq 12 नवंबर 2014 live http://www.ndtv.com/article/india/india-s-first-manned-space-mission-in-2021-isro-chairman-to-ndtv-619855 India Will be Ready to Launch Manned Space Mission in a Few Years: ISRO Chairman to NDTV Vishnu Som 12 November 2014 NDTV.com 13 June 2015http://www.thehindu.com/news/national/indias-scientists-are-on-course-to-sending-the-countrys-first-manned-flight-to-space/article6301589.ece ISRO: India working on manned flight mission Rahul Devulapalli द हिन्दू 13 June 2015 https://web.archive.org/web/20141129022018/http://www.thehindu.com/news/national/indias-scientists-are-on-course-to-sending-the-countrys-first-manned-flight-to-space/article6301589.ece 29 नवंबर 2014 livehttp://indiablooms.com/ibns_new/health-details/S/532/india-s-manned-space-mission-likely-by-2021.html India's manned space mission likely by 2021 indiablooms.com 13 June 2015 https://web.archive.org/web/20150318101152/http://indiablooms.com/ibns_new/health-details/S/532/india-s-manned-space-mission-likely-by-2021.html 18 मार्च 2015 dead भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 के अपने स्वतंत्रता दिवस के पते में घोषणा की कि भारत 'गगनयान मिशन' के माध्यम से 2022 से पहले या उससे पहले अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री भेज देगा।https://indianexpress.com/article/explained/two-international-astronauts-survive-space-scare-how-well-is-india-prepared-5406677/ Two international astronauts survive space scare. How well is India prepared? 18 अक्तूबर 2018 https://web.archive.org/web/20181018201816/https://indianexpress.com/article/explained/two-international-astronauts-survive-space-scare-how-well-is-india-prepared-5406677/ 18 अक्तूबर 2018 live घोषणा के बाद, इसरो के अध्यक्ष श्री शिवान ने कहा कि इसरो ने मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम जैसी अधिकांश तकनीकों का विकास किया है और इस परियोजना को रुपये से कम खर्च होंगे। 10,000 करोड़ रुपये और जीएसएलवी-एमके III का उपयोग करते हुए कम से कम 7 दिनों के लिए स्पेसक्राफ्ट में 300-400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में कम से कम 3 भारतीयों को भेजने में शामिल होगा।
तैयारी
9 अगस्त 2007 को इसरो के अध्यक्ष जी माधवन नायर ने संकेत दिया की एजेंसी एक मानव अंतरिक्ष मिशन गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आगे संकेत दिया है कि इसरो एक साल के भीतर नए अंतरिक्ष कैप्सूल प्रौद्योगिकियों के विकास पर अपनी रिपोर्ट देगी।
पृथ्वी की निचली कक्षा में दो सदस्यीय चालक दल ले जाने के लिए एक पूर्ण स्वायत्त कक्षीय वाहन विकास शुरू हो गया है। इसरो सूत्रों ने बताया कि उड़ान 2016 में होने की संभावना है। सरकार ने 2007 के माध्यम से 2008 के लिए पूर्व परियोजना की पहल के लिए 95 करोड़ (यूएस$ 14.1 मिलियन) आवंटित की थी। अंतरिक्ष में एक मानवयुक्त मिशन में लगभग 12,400 करोड़ (यूएस$ 1.8 अरब डॉलर) और सात वर्ष की अवधि की आवश्यकता होगी। योजना आयोग का अनुमान है कि 5,000 करोड़ रुपये (यूएस$ 743.0 मिलियन) का बजट ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) के दौरान मानव मिशन पर प्रारंभिक कार्य के लिए आवश्यक है। इसरो द्वारा तैयार परियोजना रिपोर्ट को अंतरिक्ष आयोग द्वारा मंजूरी दे दी है।http://planningcommission.nic.in:80/aboutus/committee/wrkgrp11/wg11_subspace.pdf Eleventh Five year Plan (2007–12) proprosals for Indian space programme PDF 21 June 2013 https://web.archive.org/web/20130512061627/http://planningcommission.nic.in/aboutus/committee/wrkgrp11/wg11_subspace.pdf 12 मई 2013 dead http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=336718&chkFlg= ISRO plans manned mission to moon in 2014 Business Standard 4 जनवरी 2017 https://web.archive.org/web/20120218224440/http://www.business-standard.com/india/storypage.php?autono=336718&chkFlg= 18 फ़रवरी 2012 live फरवरी 2009 में भारत सरकार के मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए 2016 में लांच करने के लिए हरी बत्ती दे दी।"India announces first manned space mission" https://web.archive.org/web/20150712054410/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/8483787.stm 12 जुलाई 2015 . BBC. 27 January 2010
एम सी दातान, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक ने कहा कि इसरो व्योमनॉट के प्रशिक्षण के लिए बेंगलूर में एक पूर्ण प्रशिक्षण की सुविधा की स्थापना करेगी। इसरो चालक दल के कैप्सूल में प्रवेश और भागने ढलान की तरह के अतिरिक्त सुविधाओं के साथ मानव मिशन के लिए श्रीहरिकोटा में तृतीय लांच पैड का निर्माण करने की योजना बना रहा है।
मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए परीक्षण, 600 किलो स्पेस कैप्सूल रिकवरी एक्सपेरीमेंट (एसआरई) के लॉन्च के साथ शुरू हुआ। जब स्पेस कैप्सूल (एसआरई) को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) रॉकेट का उपयोग कर लॉन्च किया गया था और सुरक्षित रूप से 12 दिनों के बाद पृथ्वी वापिस उतरा था। यह पुन: प्रवेश प्रौद्योगिकी के लिए आवश्यक गर्मी प्रतिरोधी सामग्री को विकसित करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।
1984 में, राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक बन गए। जब वह भारत की ओर सोवियत संघ के अन्तरिक्ष यान में अन्तरिक्ष में गए थे। शर्मा उन लोग से एक हैं जो भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए 2006 में प्रस्ताव का समर्थन कर रहे थे।
विवरण और विकास
इसरो कक्षीय वाहन
thumb|माइकल क्लार्क भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और रॉकेट के बारे में बात रहे हैं
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक पूर्ण स्वायत्त तीन टन इसरो कक्षीय वाहन अंतरिक्ष यान द्वारा 2 सदस्यीय चालक दल को अंतरिक्ष में ले जाने और सुरक्षित रूप से दो दिन के बाद कुछ कक्षाओं के एक मिशन की अवधि के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने के लिए अंतरिक्ष यान विकसित करना है। अंतरिक्ष यान का उन्नत संस्करण सात दिन, मिलन स्थल और अंतरिक्ष स्टेशनों के साथ डॉकिंग क्षमता के साथ उड़ान करने में सक्षम होगा।
इसरो कक्षीय वाहन अंतरिक्ष यान के लिए जीएसएलवी मार्क 2 (स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के साथ भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान) लांचर का उपयोग करने की योजना की बना रहा है। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से लगभग 16 मिनट के उत्तोलक के बाद, रॉकेट कक्षीय वाहन को पृथ्वी से 300-400 किलोमीटर की कक्षा में इंजेक्षन करेगा। तथा वापसी में कैप्सूल बंगाल की खाड़ी में आ गिरेगा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के दोनों पहली कक्षीय उड़ानों के लिए और 2020 के बाद भविष्य मानवयुक्त मून मिशन के लिए कर्मियों को तैयार करने के लिए 2012 तक बेंगलुरू में एक व्योमनॉट (अंतरिक्ष यात्री) प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने जा रही है।
बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र पास के एक 140 एकड़ (0.57 किमी2) साइट की पहचान की गई है। 1,000 करोड़ (यूएस$ 148,6 मिलियन) व्योमनॉट को बचाव और वसूली अभियान, शून्य गुरुत्वाकर्षण के माहौल में काम और विकिरण वातावरण की निगरानी के लिए प्रशिक्षित करने के लिए केन्द्रित करेंगे।
भारत को 2008 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर हुए एक समझौते के तहत रूस से चालक दल के चयन और प्रशिक्षण में सहायता प्राप्त होगी। एक विकल्प भारतीय मिशन के लिए तैयार करने में सोयूज कैप्सूल पर एक भारतीय व्योमनॉट की उड़ान थी। हालांकि, अक्टूबर 2010 में इस विकल्प को खारिज कर दिया था।
इसरो सेंट्रीफ्यूज सुविधा का निर्माण करेगा। जो वाहन लिफ्ट ऑफ से होने वाले उच्च गुरुत्वाकर्षण त्वरण के लिए व्योमनॉट को प्रशिक्षित करने के लिए सहायक होगा। यह भी 600 करोड़ (यूएस$ 89.2 मिलियन) की लागत से एक नया लांच पैड बनाने की योजना है। यह आंध्र प्रदेश, करीब 100 किलोमीटर दूर चेन्नई के उत्तर में पूर्वी तट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरा लांच पैड होगा।
वसंत 2009 में पूर्ण पैमाने पर कक्षीय वाहन कैप्सूल की दिखावटी मॉडल बनाया गया था और व्योमनॉट के प्रशिक्षण के लिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र को दे दिया था। भारत ने इस उद्देश्य के लिए 200 भारतीय वायुसेना के पायलटों की लिस्टिंग तैयार की। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों द्वारा इसरो के एक प्रश्नावली को हल करने से होगी। जिसके बाद वे हृदय, दंत चिकित्सा, तंत्रिका विज्ञान, आंखों, मनोवैज्ञानिक, रेडियोग्राफिक, और ईएनटी की शारीरिक परीक्षा के अधीन किये जायेंगे। उन्हें बेंगलुरू में भारतीय एयरोस्पेस मेडिसिन में कई प्रयोगशाला परीक्षण से गुजरना होगा। केवल 200 आवेदकों में से 4 पहले अंतरिक्ष मिशन के प्रशिक्षण के लिए चयन किये जायेंगे। दो को उड़ान के लिए तैयार किया जायेगा, जबकि दो रिज़र्व के रूप में कार्य करेंगे। चयन प्रक्रिया का प्रारंभ सरकार की मंजूरी के बाद किया जायेगा लेकिन अभी तक इसकी घोषणा नहीं हुई है। Model of space crew module ready https://web.archive.org/web/20121104064648/http://www.hindu.com/2009/05/02/stories/2009050255231100.htm 4 नवंबर 2012 , The Hindu, 2 May 2009IAF developing parameters for India's manned space mission http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/iaf-developing-parameters-for-indias-manned-space-mission/articleshow/17798420.cms 28 December 2012 The Economic Times 28 December 2012 https://web.archive.org/web/20170205232714/http://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/iaf-developing-parameters-for-indias-manned-space-mission/articleshow/17798420.cms 5 फ़रवरी 2017 liveOctober 2016
7 अक्टूबर, 2016 में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक लालकृष्ण सिवान ने कहा कि इसरो एक महत्वपूर्ण 'चालक दल बेलआउट परीक्षण' या 'पैड निरस्त' का संचालन करने के लिए कमर कस रही है। जिसमे आपात की स्थिति में सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष यान से बाहर कितनी तेजी से और प्रभावी ढंग से निकला जा सकता है देखा जायेगा।
उम्मीदवारों की घोषणा और प्रथम दल
300px|भारतीय ऐस्ट्रॉनॉट कोर (2019 बैच)(बाएँ से दाएँ) प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और शुभांशु शुक्ला।
27 फरवरी 2024 को, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में, भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने चार नामित अंतरिक्ष यात्रियों के नामों की घोषणा की जो गगनयान कार्यक्रम की भविष्य की उड़ानों और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक भारत-अमेरिका संयुक्त मिशन के लिए के लिए पात्र होंगे।2024-02-27 Gaganyaan mission: Names of four astronauts revealed by Modi https://www.hindustantimes.com/india-news/in-kerala-pm-modi-likely-announce-names-of-these-pilots-for-gaganyaan-mission-report-101709000231718.html 2024-02-27 Hindustan Times en2024-02-27 ISRO flying high! PM Modi announces Gaganyaan astronauts, inaugurates 3 new launch pads and interacts with Vyommitra https://www.businesstoday.in/visualstories/news/isro-flying-high-pm-modi-announces-gaganyaan-astronauts-inaugurates-3-new-launch-pads-and-interacts-with-vyommitra-108497-27-02-2024 2024-02-27 www.businesstoday.in enLivemint 2024-02-27 PM Modi announces names of four astronauts for Gaganyaan mission at ISRO Watch https://www.livemint.com/news/india/pm-modi-in-kerala-pm-modi-four-pilots-astronauts-name-gaganyaan-mission-launch-date-isro-angad-pratap-space-mission-11709017709709.html 2024-02-27 https://www.livemint.com enIndia's Fantastic 4: Meet The Gaganyaan Astronauts Named By PM https://www.ndtv.com/india-news/gaganyaan-mission-astronauts-meet-the-4-astronauts-of-indias-crewed-space-mission-gaganyaan-5135754 2024-02-27 NDTV.com
चुने गए खगोलयात्रियों के नाम हैं प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन, अंगद प्रताप और शुभांशु शुक्ला।
रूस के साथ सहयोग
भारत और रूस ने दिसंबर 2008 में रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की भारत यात्रा के दौरान भारत के लिए मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियों पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के अनुसार, एक भारतीय व्योमनॉट एक बार फिर से रूसी अंतरिक्ष यान बोर्ड पर अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा होगा। यह मिशन 2016 में भारतीय मानवयुक्त अंतरिक्ष से पहले अंतरिम रूप में 2013 के लिए अनुसूचित की योजना बनाई थी। इस योजना को बाद में 2010 छोड़ दिया गया था।
शब्दावली
जिस प्रकार अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री को एस्ट्रोनॉट तथा रूस के अंतरिक्ष यात्री को कॉस्मोनॉट और चीन के अंतरिक्ष यात्री को टैक्नॉट कहा जाता है। उस प्रकार भारत के अंतरिक्ष यात्री को व्योमनॉट कहने की संभाबना है।
इन्हें भी देखें
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान एम.के. 3
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
सन्दर्भ
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बाहरी कड़ियाँ
भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम
अंतरिक्ष उड़ान
श्रेणी:भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
श्रेणी:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
श्रेणी:मानव अंतरिक्ष उड़ान