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सम्भल
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सम्भल Sambhal Shahi Jama Masjid Sambhal21.jpg सम्भल की जामा मस्जिद, सन् 2023 में चित्रण सम्भल India Uttar Pradesh 28.58 78.55 inline, title उत्तर प्रदेश में स्थिति देश राज्य उत्तर प्रदेश ज़िला सम्भल ज़िला 203 220813 2011 भाषाएँ प्रचलित हिन्दी भामस +5:30 पिनकोड 244302 दूरभाष कोड 05923 UP-38 http://sambhal.nic.in
सम्भल (Sambhal) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के सम्भल ज़िले में स्थित एक नगर है। यह संभल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है।"Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716"Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC 23 अप्रैल 2017," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
संभल उत्तर प्रदेश, भारत के संभल जिले में स्थित एक शहर है। यह शहर नई दिल्ली से लगभग 158 किलोमीटर (98 मील) पूर्व और राज्य की राजधानी लखनऊ से 355 किलोमीटर (220 मील) उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह राज्य के मुरादाबाद मंडल के रोहिलखंड क्षेत्र में आता है और मुरादाबाद शहर से लगभग 32 किलोमीटर (20 मील) की दूरी पर है। यह शहर हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसे भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का भविष्यवाणी में वर्णित जन्मस्थान बताया गया है, जैसा कि महाभारत, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण और बाद में कल्कि पुराण जैसे शास्त्रों में उल्लेख किया गया है।
धार्मिक मान्यता
सतयुग में इस स्थान का नाम सत्यव्रत था, त्रेता में महदगिरि, द्वापर में पिंगल और कलयुग में सम्भल है। इसमे ६८ तीर्थ और १९ कूप हैं यहां एक अति विशाल प्राचीन मन्दिर है, इसके अतिरिक्त तीन मुख्य शिवलिंग है, पूर्व में चन्द्रशेखर, उत्तर में भुबनेश्वर और दक्षिण में सम्भलेश्वर हैं। प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल चतुर्थी और पंचमी को यहाँ मेला लगता है और यात्री इसकी परिक्रमा करते हैं। यह कृषि उत्पादों का व्यावसायिक केंद्र भी है। टॉलमी द्वारा उल्लिखित संबकल को संभल से समीकृत किया जाता है। यहाँ ऐसी पौराणिक मान्यता है कि कलियुग में कल्कि अवतार शंबल नामक ग्राम में होगा। लोक मान्यता में सम्भल को ही शंबल माना जाता है। सम्भल में रेलवे स्टेशन पर मुग़ल सम्राट बाबर द्वारा बनवाई गई "बाबरी मस्जिद" भी है।
इतिहास
सम्भल एक पुराना उपनिवेश है जो मुस्लिम शासन के समय भी महत्वपूर्ण था व सिकंदर लोदी की १५वीं सदी के अंत व १६वीं सदी के शुरू में प्रांतीय राजधानियों में से एक था। यह प्राचीन शहर एक समय महान चौहान सम्राट पृथ्वीराज चौहान की राजधानी भी था व संभवतः यह वहीं है जहाँ वह अफगानियों द्वारा द्वितीय युद्घ में मारे गए। "मकान टूटे लोग झूठे" के लिए भी इसे जाना जाता है लेकिन इसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। कुछ निवासियों के द्वारा इसका वर्तमान में सत्य होने का दावा किया जाता है। १९९१ की जनगणना में सम्भल को पूरे देश में न्यूनतम साक्षरता वाला पाया गया था। लेकिन समय के साथ स्थितियों में सुधार आया है।
मध्यकाल में सम्भल का सामरिक महत्त्व बढ़ गया, क्योंकि यह आगरा व दिल्ली के निकट है। सम्भल की जागीर बाबर के आक्रमण के समय अफ़गान सरदारों के हाथ में थी। बाबर ने हुमायूँ को संभल की जागीर दी लेकिन वहाँ वह बीमार हो गया, अतः आगरा लाया गया। इस प्रकार बाबर के बाद हुमायूँ ने साम्राज्य को भाइयों में बाँट दिया और सम्भल अस्करी को मिला। शेरशाह सूरी ने हुमायूँ सूरी को खदेड़ दिया और अपने दामाद मुबारिज़ ख़ाँ को सम्भल की जागीर दी। अब्बास ख़ाँ शेरवानी के अनुसार बाबर के सेनापतियों ने यहाँ कई मन्दिरों को तोड़ा था और जैन मूर्तियों का खण्डन किया था। लेकिन यह बात शोध से सिद्ध नहीं हुई है।
ग्राम mokarrpor में निम्नलिखित ग्राम हैं:
अखबंदपुर अख्तयारपुर चोबे अख्तयारपुर दिलपुर
इन्हें भी देखें
सम्भल ज़िला
बहजोई
संभल लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र
सन्दर्भ
श्रेणी:सम्भल ज़िला
श्रेणी:उत्तर प्रदेश के नगर
श्रेणी:सम्भल ज़िले के नगर
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