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411 समाचार
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इब्राहीम (इस्लाम)

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इब्राहीम (इस्लाम) तीन संयुक्त धर्मों इब्राहीम Prophet इब्राहीमar إِبْرَاهِيْمُAbraham खलीलुल्लाह (خَلِيْلُ ٱللهِ, "अल्लाह का दोस्त") Ibrahim (Abraham)1.png इब्राहीम नाम इस्लामी अक्षरांकन में, उसके बाद "सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम" लिखा हुआ है। 2510 हिजरी से पहले (c. 1813 आम युग) Ur, इराक़ 2335 हिजरी से पहले (c. 1644 आम युग) (उम्र लगभग 169) हेब्रोन, मुल्क शाम Ibrahimi Mosque, Hebron Ismaʿil (इस्माईल), Isḥaq (Isaac), others through Keturah Aazar or Terah Lut (possibly) Hajar (Hagar), Sarah, Keturah Lut (nephew) इब्राहीम (इस्लाम) (अंग्रेज़ी:Abraham in Islam), उर्दू:ابراہیم (اسلام)) इबराहीम अलैहिस्सलाम: इस्लाम धर्म के भी महान पैगम्बर(नबी) थे। पवित्र ग्रन्थ क़ुरआन में जिन पैग़म्बरों (रसूलों) का वर्णन विस्तार से किया गया है, उन में इब्राहीम मुख्य हैं।"इबराहीम"- प्रो. डॉक्टर जियाउर्रहमान आज़मी, कुरआन मजीद की इन्साइक्लोपीडिया, हिंदी संस्करण(2010), पृष्ठ 127 विवरण इब्राहीम हज़रत इब्राहीम का इब्राहीमी धर्म अर्थात् यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम में विशेष स्थान है।"हज़रत इब्राहीम"-क़ससुल अंबिया-पृष्ठ 61 से 90 https://archive.org/stream/ISLAMICBOOKSINHINDI/QasasulAmbiyaVaAshabESaliheenhindi#mode/2up https://archive.org/ इस्लामी मान्यता में विशेष स्थान है कि पैगम्बर मुहम्मद को भी उन्हीं के वंश से माना जाता। क़ुरआन में 14 वां अध्याय इब्राहिम (सूरा) जिसमें 52 आयतें हैं सहित उन का ज़िक्र मक्की-मदनी दोनों किस्म की सूरा में मौजूद है, 35 सूरतों की लगभग 63 आयतों में हज़रत इब्राहीम (अलैहि सलाम) का ज़िक्र मिलता है। हज़रत इब्राहीम अलैहि सलाम https://web.archive.org/web/20200808220754/https://sites.google.com/site/islaminindian/qasasul-anbiya-hazrat-ibrahim-alaihissalam-hindi इस्लाम धर्म की महत्वपूर्ण पुस्तक क़िसासुल अंबिया और ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार हज़रत इस्माइल के पिता हज़रत इब्राहीम का मक्का (शहर) में इस्लाम के तीर्थ स्थल काबा में काबा की तामीर, ज़मज़म कुंआ (आबे ज़मज़म), मक़ामे इब्राहीम, हज्रे अस्वद حجر اسود - ویکیپیڈیا https://ur.wikipedia.org/wiki/%D8%AD%D8%AC%D8%B1_%D8%A7%D8%B3%D9%88%D8%AF , ईद अल-अज़हा का त्यौहार और इब्राहीमी धर्म में प्रचलित खतना अर्थात् सुन्नते इब्राहिम ختنہ - ویکیپیڈیا https://ur.wikipedia.org/wiki/%D8%AE%D8%AA%D9%86%DB%81 और नमरूद का उनको पालना, आग में डालनाIbrahim and Namrud https://islamicstories.com/story/93 आदि इस्लाम में प्रसिद्ध बातों का ऐतिहासिक संबंध भी हज़रत इब्राहीम से है। क़ुरआन में काबा के निर्माण में इब्राहीम का वर्णन काबा क़ुरआन के कई आयतों में काबा और उसकी व्युत्पत्ति का उल्लेख है। उल्लेखित कहानी के अनुसार, काबा अल्लाह के लिए बनाया गया पहला प्रार्थनागृह है, जिससे इब्राहिमऔर उनके पुत्र इस्माइल ने अल्लाह के कहने पे मक्का (शहर) में निर्मित किया था। इस कहानी का उल्लेख निम्न आयतों में मिलता है: यकीनन लोगों (की इबादत) के वास्ते जो घर सबसे पहले बनाया गया वह तो यक़ीनन यही (काबा) है जो बक्का (मक्का) में है बड़ी (खैर व बरकत) वाला और सारे जहाँ के लोगों का रहनुमा सुरा अल-इमरान(३); आयात ९६https://www.islamicfinder.org/quran/surah-aal-i-imraan/96/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwi सुरा अल-इमरान आयात ९६ (हिंदी अनुवाद)]Shakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D3%3Averse%3D96 10 January 2018 And another version: "[96] Most surely the first house appointed for men is the one at Bekka, blessed and a guidance for the nations." और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने इबराहीम के ज़रिये से इबरहीम के वास्ते ख़ानए काबा की जगह ज़ाहिर कर दी (और उनसे कहा कि) मेरा किसी चीज़ को शरीक न बनाना और मेरे घर को तवाफ और क़याम और रूकू सुजूद करने वालों के वास्ते साफ सुथरा रखना सुरा अल-हज(२२), आयात २६https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-hajj/26/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwiShakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D22%3Averse%3D26 10 January 2018 And another version: "[26] And when We assigned to Ibrahim the place of the House, saying: Do not associate with Me aught, and purify My House for those who make the circuit and stand to pray and bow and prostrate themselves." और (वह वक्त याद दिलाओ) जब इबराहीम व इसमाईल ख़ानाए काबा की बुनियादें बुलन्द कर रहे थे (और दुआ) माँगते जाते थे कि ऐ हमारे परवरदिगार हमारी (ये ख़िदमत) कुबूल कर बेशक तू ही (दूआ का) सुनने वाला (और उसका) जानने वाला है सुरा अल-बक़रा(२), आयात १२७https://www.islamicfinder.org/quran/surah-al-baqara/127/?translation=hindi-suhel-farooq-khan-and-saifur-rahman-nadwiShakir, Ed. M. H. The Quran http://www.perseus.tufts.edu/hopper/text?doc=Perseus%3Atext%3A2002.02.0003%3Asura%3D2%3Averse%3D127 10 January 2018 And another version: "[127] And when Ibrahim and Ismail raised the foundations of the House: Our Lord! accept from us; surely Thou art the Hearing, the Knowing:" thumb|center|800px|मस्जिद अल-हराम के बीच स्थित काबा ज़मज़म कुंआ (आबे ज़मज़म) और हज़रत इब्राहीम ज़मज़म कुंआ मक़ामे इब्राहीम मक़ामे इब्राहीम मुसलमानों के तीर्थ स्थल काबा में एक विशेष स्थल और पवित्र पत्थर है, जिस पर हज़रत इब्राहीम के पदचिह्न थे। हज्रे अस्वद और इब्राहीम thumb|upright|thumb|right|1850 में हज्रे अस्वद हज्रे अस्वद मुसलमानों के तीर्थ स्थल काबा में वो पत्थर है जो काबा की दीवार पर लगा है। कई घटनाओं के बाद इस समय ये तीन बड़े और विभिन्न रूपों के कई छोटे टुकड़ों में है। इस्लामी मान्यता के अनुसार जब हज़रत इब्राहीम और उनके बेटे हज़रत इस्माईल ख़ाना काबा की तामीर कर रहे थे। तो हज़रत जिब्राईल ने ये पत्थर जन्नत से ला कर दिया जिसे हज़रत इबराहीम ने अपने हाथों से दीवार काबा में नसब किया। खतना अर्थात् सुन्नते इब्राहिम खतना नमरूद और इब्राहिम इन्हें भी देखें इब्राहीमी धर्म काबा क़िबलाह नबी ईद अल-अज़हा मक्का (शहर) हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के साथ हैरतांगेज़ वक़िया हुआ जब नमरूद ने उन्हें आग में फेनकने के लिए बहुत बड़ी आग लगाई तो उस समय फरिश्तों में अफरा तफ़री का माहोल था वो आग को इतना ज़्यादा फेला चूके थे कि कोई भी आदमी उस आग के पास जा भी नहीं सकता था तो उन में से किसी ने माशवरा दिया की गुलेल से इब्राहिम अलैसलाम को फेनका जाए। फिर क्या हुआ नमरूद ने गुलेल मंगवाया और इब्राहिम अलैहिस्सलाम को जब गुलेल के साथ बांध दिया गया, फंकने के लिए तो फरिश्तों ने गुलेल को पकड़ लिया इससे वो गुलेल को हिलाने कि भी ताकत नहीं रखते थे, फिर उन्हीं में से एक उमर दराज आदमी ने ये वकिया देखा, तो वो समझ गया और सारा माजरा उसने नमरूद को बताया । की 6 नंगी औरतो को इब्राहिम अलैहिस्सलाम के सामने लाया जाए फिर ऐसा ही हुआ जब वो औरते आई तो सारे रहमत के फरिश्ते उस समय गुलेल से दूर हो गए और इब्राहिम अलैहिस्सलाम को आग में फेनका गया । उस समय भी फरिश्तों ने इब्राहिम अलैहिस्सलाम से कहा कि "आप हुकुम दे मैं ऐसी हवा चलाऊंगा की आग बंद हो जाएगी" लेकिन हमारे नबी ने एक बात कहीं अल्लाह ही काफी है मेरे लिए और ऐसा ही हुआ अल्लाह के हुक्म से वो आग इतनी ठंडी हो गई है कि इब्राहिम अलैहिस्सलाम उसमे सुकून के साथ थे।। अल्हम्दुलिल्लाह सन्दर्भ श्रेणी:इस्लाम श्रेणी:इस्लाम के पैग़म्बर बाहरी कड़ियाँ हज़रत इब्राहीम अलैहि सलाम