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411 समाचार
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नक़्श लायलपुरी

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नक़्श लायलपुरी Naqsh Lyallpuri.jpg 1953–2007 जसवंत राय शर्मा yes 1928 2 24 लायलपुर (वर्तमान में फैसलाबाद), ब्रिटिश भारत yes 2017 1 22 1928 2 24 मुंबई, महाराष्ट्र, भारत मुंबई गीतकार जसवंत राय शर्मा (24 फरवरी 1928 - 22 जनवरी 2017), जिन्हें फिल्म और संगीत जगत में उनके उपनाम नक़्श लायलपुरी (نقش لایل پوری) के नाम से जाना जाता है, भारत के प्रख्यात उर्दू शायर और हिन्दी गीतकार और ग़ज़लकार थे।http://www.hindustantimes.com/music/naqsh-lyallpuri-a-playlist-of-his-top-songs/story-CQfJ9WiMTE2HIAJcmovp0I.html Naqsh Lyallpuri: A playlist of his top songs नक्श लायलपुरी: अपने शीर्ष गीतों का एक गीतकार हिंदुस्तान टाइम्स 22 जनवरी 2017 28 जनवरी 2017 en https://web.archive.org/web/20170127202837/http://www.hindustantimes.com/music/naqsh-lyallpuri-a-playlist-of-his-top-songs/story-CQfJ9WiMTE2HIAJcmovp0I.html 27 जनवरी 2017 live उनके कुछ श्रेष्ठतम फिल्मी नगमें रस्म-ए-उल्फत को निभाएं (दिल की राहें, 1973), उल्फत में जमाने की (कॉल गर्ल, 1974), तुम्हें हो ना हो (घरौंदा, 1977), पिया तुम हो सागर (तुम्हारे लिए 1978), ये मुलाकात एक बहाना है (खानदान, 1979), प्यार का दर्द है (दर्द, 1981), और चिट्ठिये नी दर्द फिराक वालिए (हिना, 1991) हैं। प्रारंभिक जीवन जसवंत राय शर्मा (नक्श लायलपुरी) का जन्म 24 फरवरी 1928 को लायलपुर (जो अब फैसलाबाद के नाम से जाना जाता है और वर्तमान में पाकिस्तान में है) में एक पंजाबी बढ़ई परिवार में हुआ था। उनके पिता एक मैकेनिकल इंजीनियर थे और चाहते थे कि जसवंत भी इंजीनियर बनें। उन्हें जसवंत का साहित्य के प्रति लगाव पसंद नहीं था; उनका कहना था कि वह कभी भी कहानियाँ और गीत लिखकर अपनी आजीविका नहीं चला पायेंगे। जसवंत राय शर्मा की आठ वर्ष आयु में ही उनकी माता जी को देहांत चेचक बीमारी के कारण हो गयी थी। उनकी माँ के असामयिक निधन के कुछ वर्ष पश्चात उनके पिता ने दूसरा विवाह कर लिया, जो जवान होते जसवंत राय शर्मा को पसंद नहीं आई। 1946 में, 18 साल की आयु जसवंत राय शर्मा काम की तलाश में लाहौर चले गये और हीरो पब्लिकेशन्स नाम की प्रकाशन संस्था में नौकरी करने लगे। 1947 में देश के विभाजन के पश्चात, उनका पूरा परिवार तब के संयुक्त प्रदेश और आज के उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में आकर बस गया। 1951 में, शर्मा बम्बई (मुम्बई) चले गए और अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार दि टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रूफरीडर के रुप में नौकरी करने लगे। दि टाइम्स ऑफ इंडिया में नौकरी के दौरान ही, उन्होंने पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार परिवारजनों द्वारा तय किए रिश्ते के अनुसार विवाह कर लिया। उनकी पत्नी का नाम कमलेश था, जो जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं और उन्हीं के जाति और पारिवारिक पृष्ठभूमि से थीं। यह शादी पूर्ण रुप से सफल और सुखद रही। लायलपुरी हमेशा कहते थे कि उनकी पत्नी ही उनकी ताकत का आधार हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हमेशा ही उनका पूरा साथ दिया। जसवंत राय शर्मा और कमलेश जी के घर तीन पुत्रों बप्पन, राजेंद्र और सुनीत का जन्म हुआ, जिन्होने अपने पिता के उपनाम लायलपुरी को अपने नाम में जोड़ा। नक्श लायलपुरी के दूसरे बेटे, राजेंद्र राजन लायलपुरी, एक नामचीन सिनेमेटोग्राफर हैं। करियर उनकी बतौर गीतकार पहली फिल्म ‘जुग्गू’ (वर्ष 1952) थी जिसमें उन्होंने ‘अगर तेरी आंखों से आंखें मिला दूं’ गीत लिखा था। उनकी अन्य प्रसिद्ध फिल्मों में ‘चेतना’, ‘आहिस्ता आहिस्ता’ ‘तुम्हारे लिए’ एवं ‘घरौंदा’ भी शामिल हैं।http://fwa.co.in/ogtemplate.php?get=FWAoig5 Old is Gold: Naqsh Lyallpuri (Feb 24,1928 – Jan 22 2017) ओल्ड इज गोल्ड:नक्श लायलपुरी (फ़रवरी 24,1928 - 22 जनवरी 2017) फिल्म राइटर्स एसोसिएशन 28 जनवरी 2017 en https://web.archive.org/web/20170202032136/http://fwa.co.in/ogtemplate.php?get=FWAoig5 2 फ़रवरी 2017 live फिल्मोग्राफी कुछ प्रसिद्ध गीत धानी चुनर मोरी हाए रे मैं तो हर मोड़ पर तुझको दूंगा सदा कई सदियों से कई जन्मों से उल्फ़त में ज़माने की हर रस्म को ठुकराओ तुम्हें देखती हूं तो लगता है ऐसे ये मुलाक़ात इक बहाना है क़दर तूने ना जानी चांदनी रात में एक बार तुझे देखा है चिट्ठिए तुम्हें हो न हो मुझको तो प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा सीने में भी तूफ़ां है न जाने क्या हुआ,जो तूने छू दिया तुझ संग प्रीत लगाई सजना नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं जिंदगी की न टूटे लड़ी,प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोती सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 1055782 नक़्श लायलपुरी फिल्म लेखक संघ के वेबसाइट पर। no00059889 रोमांस को हर मोड़ पर आवाज़ दी नक्श लायलपुरी के गीतों ने https://web.archive.org/web/20230303040124/https://www.hastakshep.com/old/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BC/ 3 मार्च 2023 श्रेणी:1928 में जन्मे लोग श्रेणी:२०१७ में निधन श्रेणी:पंजाब के लोग श्रेणी:गीतकार श्रेणी:उर्दू शायर श्रेणी:पंजाबी कवि