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गंगई
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गंगा मैना LC IUCN3.1 22710929 Acridotheres ginginianus BirdLife International 2013.2 2012 26 November 2013 3485c_myna%2Cbank_bithur_2007may05_09.46.54.jpg Near the Ganges at Bithur Animalia Chordata Aves Passeriformes Sturnidae Acridotheres A. ginginianus Acridotheres ginginianus (Latham, 1790)
गंगई मैना दक्षिण एशिया के उत्तरी भागों में पाई जाने वाली एक मैना है। यह अधिक्तर एशिया महाद्विप के उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यान्मार देशों में पाया जाता है।
परिचय
गंगई, मैना जाति का एक भारतीय पक्षी जिसे गलगलिया भी कहते हैं। यह ग्यारह इंच लंबा या 20 से 25 से.मी. भूरे रंग का पक्षी है। इसके सिर का मुकुट रंग काला और ऊपरी पाखों के तलछटि सिलेटी भुरे रंग की होती है। इसके आलावा पूंछ का रंग गुलाबी,आँखों के नीचे नर्म त्वाचा ईट लाल, पैर रंग पिला और ऑईरिस गहरा लाल रंग का होता है। पुरूष और महिला एक समान होता है लेकिन युवा पक्षियों के सिर और गर्दन भूरे रंग का होता है।https://hi.wikipedia.org/w/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%88&action=edit§ion=1# https://archive.org/stream/BakerFbiBirds3/BakerFBI3#page/n76/mode/1up 29 मई 2020 en संग्रहीत प्रति https://web.archive.org/web/20160818175425/http://www.archive.org/stream/BakerFbiBirds3/BakerFBI3#page/n76/mode/1up 18 अगस्त 2016 live Oates Eugene William Blanford William Thomas Birds NaN London : Taylor and Francis; [etc., etc.] https://archive.org/stream/birdsindia01oaterich#page/538/mode/1up 29 मई 2020 en https://web.archive.org/web/20161008035511/http://archive.org/stream/birdsindia01oaterich#page/538/mode/1up 8 अक्तूबर 2016 live
पर्यावास और वितरण
यह देश भर में सर्वत्र पाया जाता है। इसका मूल निवास भारत के पश्चिम में सिंधुघाटी से हिमालय के निचली तलहटी के पूर्व और दक्षिण गंगा के डेल्टा तक वर्ष भर देखा जा सकता है। इसका सम्भावता निवास जंगलों की अपेक्षा बस्ती बागों, खेतों-खलियानों, जलाशायों के किनारे और खुले मैदानों में घूमता हुआ आसानी से देखा जा सकता है। कुछ मैना पक्षी अपनी मीठी बोली के लिय प्रसिद्ध हैं। निम्नलिखित पाँच मैना बहुत प्रसिद्ध हैं:-
तैलियर, या स्टालिंग:- इसे अपनी मीठी बोली के कारण अंग्रेज़ी साहित्य में वही स्थान प्राप्त है, जो हमारे यहाँ पहाड़ी मैना को है।
किलहँटा, या देशी मैना:- बस्ती बाग़ में रहनेवाला यह बहुत प्रसिद्ध पक्षी है।
चुहों, या हरिया मैना:- यह जलाशयों और गाय बैलों के आस-पास रहने वाली पक्षी है।
अबलखा मैना:- काली और सफ़ेद पोशाक वाली पक्षी है।
पवई:- यह बहुत मीठी बोली बोलने वाली पक्षी है।https://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE 29 मई 2020 en संग्रहीत प्रति https://web.archive.org/web/20190625122704/http://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%AE%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE 25 जून 2019 dead
व्यवहार और परिस्थिति
यह अक्सर झुण्डों में देखा जा सकता है। इसकी आवाज बहुत ही तेज होती है। गंगई मैना अक्सर झुड़ों में विशाल चारागाह और प्रजनन करती है। यह अपना घोसला अधिक्तर ईट की दिवारों, पेड़ों, झाड़ियों, पशुधन, भीड़-भाड़ वाले शहरों, नदियों की तलवटी या खुले कुओं के किनारे बसेरा होता है। वे जानवरों को परेशान करने के लिए उनपर कभी-कभी चढ़ाई भी करती है। यह पक्षियाँ ज्यादातर मई और जून में प्रजनन करती है।Hume Allan Octavian Oates Eugene William The nests and eggs of Indian birds 1889 London : R. H. Porter https://archive.org/stream/nestseggsofindia01hume#page/380/mode/1up 29 मई 2020 en https://web.archive.org/web/20160807125627/http://www.archive.org/stream/nestseggsofindia01hume#page/380/mode/1up 7 अगस्त 2016 live इसके अंडा देने का समय निश्चित नहीं है; किंतु जब देती है तो चार से पाँच अंडे देती और उसको अंडे सेने में लगभग 13 से 15 दिन लगते है।Society Bombay Natural History The journal of the Bombay Natural History Society. https://www.biodiversitylibrary.org/page/48286504#page/338/mode/1up Bombay Natural History Society, 29 मई 2020 en 1974
भोजन
यह पक्षियाँ मुख्यत सर्वभक्षी होती है। इनका मुख्य भोजन फल-फूल, कीड़े-मकोड़े, फूलों का रस, मोटे आनाज के दाने, चारा, अंगूर, बाजरा आदि है।Bhargava, RN 1981 The Bank Myna Acridotheres ginginianus and King Crow Dicrurus adsimilis preying upon the Cricket Acheta (Orthopters: Gryllidae) Newsletter for Birdwatchers 21 12 18–19
चित्र दिर्घा
सन्दर्भ
श्रेणी:भारत के पक्षी