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बोगटी
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बोगटी नाम के पीछे लिखने वाला उपनाम (पद) है। नेपाल में ७ प्रकार के लोग बोगटी उपनाम लगते हैं। थर .थर भित्र बिबिधता थर ले मात्र सम्पूर्ण परिचय खुल्दैन ,नेपाली समाजको सुक्ष्म विश्लेषण भारत में भी इन लोगों के होने का जिक्र मिलता है। ब्राहमण, राजपूत, ठकुरी, क्षेत्रिय, वैश्य व शूद्र लोग भी ये उपनाम लिखते हैं। डोटी जिले के बोगटान राज्य में कत्यूरी राजवंश के वंशज राजपूत बोगटी राज परिवार रहते हैं। राजपूत (ठकुरी) बोगटी राजपरिवार डोटी बोगटान से बाहर नही है। राजपूत बोगटी राजपरिवार का वंश सूर्यवंशी और गोत्र शौनक है। ब्रहमवकोटि/ वकोटिका अपभ्रंश रुप बोगटी है। रैका राजवंश से डोटी में कत्युरी राजा का बडा युद्द हुआ था। इस युद्द में कत्युरी राजा, डोटी जिले के बोगटान में बडा युद्दमोर्चा खडा करके युद्द में शामिल थे। इस युद्द में कर्तिकेय पुरी राज्य से डोटी गए द्वारहाट, पाली पछाऊ, बरामंडल बैजनाथ कत्युर, सोर सबि जग्गा से डोटी गए कत्युरी राजा के भाई बान्धव शामिल थे। १४वीं शताब्दी के इस युद्द के बाद रैका राजा व कत्युरी राजा के बीच समझौता हुआ था। इसी समझौते के अनुसार तत्कालिन राज्य के प्रधानमन्त्री (ब्रह्म) और न्यायाधीश (वकोटि) पद मे रैका राजा का राज्य में कत्युरी वंशज के पाल राजा रहने का मन्जूर हुआ था और बोगटान राज्य का रैका अधिनस्थ राजा हुए थे। इसका बाद पाल से ब्रह्मवकोती होती बम वकोती से बोगटी हुआ था। इसका बाद बोगटी रजवार लिखने लगे। दूसरी मान्यता के अनुसार मध्य प्रदेश के प्राचीन वाकाटक राज्य के सेन राजा ६ठी शताब्दी मे पहाड़ आए थे। इनको वकाटक के वकोटि कहते थे। इनका रहेहुवा जग्गा वकाटकी का वाकटान हुआ। कालान्तर में वकटान का अपभ्रंश हो कर वोगटान हुआ। बोगटान मे रहने पर शासक को बोगटान के वकोटी/ बोगटी कहने लगे। बाद में वकोटी/ बोगटी यहाँ के शासक का उपनाम हो गया। इन शासकों के साथ कत्युरी वंशज का विरूद्ध युद्द करने के लिए दोस्ती की युद्द मोर्चा बनाई तो कत्युरी शासक भी वकोटी/ बोगटी लिखने लगे। इतिहास व्याख्याता दूसरी मान्यता के बजे पहली मान्यता के वास्तविक होने का दावा करते हैं। नेपाल में बोगटी का गोत्र व जिल्ला गाउँ
जिल्लाको नामठेगानागोत्रलेख्नेगरेको थर डोटी बोगटान शौनकबोगटी रजवार ,, खातीवडा ६, खुलेक शौनकबोगटी,, भल्मा सुनाबोगटी,, अतुराली कश्यपबोगटीबैतडी -- भारद्वाजबोकटी अछाममार्कु,मिस्तुर सौनमबोगटी,, मंगलशेन, मार्कु कश्यपबोगटीदैलेख भवानी ५ कश्यपबोगटी,, -- कौशिल्यबोगटीभोजपुरसडानन्द नगरपालीका ४ कश्यपबोगटीम्याग्दी वेनीनगरपालीका १, रत्नेचौर कौशिल्यबोगटीगोर्खा पालुङ्गघाट २ र व्यापानी कश्यपबोगटीनुवाकोट विदुरनगरपालीका ९ कश्यपबोगटीओखलढुङ्गा -- कश्यपबोगटीओखलढूङ्गाबाट काठामाण्डौ आएका --शिवनामबोगटीलम्जुङसुन्दरबजार नगरपालीका ६ कश्यपबोगटीलमजुङ भालय खर्क कश्यपबोगटीमकवानपुरहेटौडा कश्यपबोगटीझापा --काँसीगोत्र,कौशिका शाखाबोगटीकाठमाण्डौकोटेश्वर,काठमाण्डौ, सितापाईला कश्यपबोगटी,,किर्तीपुर र चोभारक्षेत्र कौशिकबोगटीललितपुरभैसेपाटी ७शिवनामबोगटी
राजपूत (ठाकुर) क्षेत्री ,वैश्य और शुद्र बोगटी का शादी/ ब्याह
राजपूत बोगटी रजवार का शादी-ब्याह उनकी जाति में अन्य राजपूत चन्द, देउवा, मल्ल, शाही, सिंह, राणा, राठौर से होती है।
राजपूत से छोटा क्षेत्री बोगटी लोगों का शादी-ब्याह बिष्ट, कुँवर, खड्का से होती है।
वैश्य बोगटी का शादी-ब्याह उनके स्तर के बोहरा, धामी, महता, भण्डारी से होती है।
शुद्र बोगटी का शादी-ब्याह उनकी जाति में और शुद्रों से होती है।
सन्दर्भ