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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जेम्स टोबिन

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जेम्स टोबिन James Tobin.png 5 मार्च 1918 शैम्पेन, संयुक्त राज्य अमेरिका 11 मार्च 2002 न्यू हेवन, संयुक्त राज्य अमेरिका अमेरिकी अर्थशास्त्र येल विश्वविद्यालय हार्वर्ड विश्वविद्यालय टोबिन कर, संविभाग चयन सिद्धांत अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार (1981) जेम्स टोबिन (5 मार्च 1918 – 11 मार्च 2002) एक अत्यंत प्रख्यात और विश्वविख्यात अमेरिकी अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और नीति निर्माता थे, जिन्हें वित्तीय बाजारों और समष्टि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक अनुसंधानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/1981/tobin/biographical/ जेम्स टोबिन की जीवनी नोबेल पुरस्कार समिति 3 जून 2026 वर्ष 1981 में उन्हें अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व और अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए अकेले ही अर्थशास्त्र के सर्वोच्च सम्मान, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।https://www.nytimes.com/1981/10/14/world/american-wins-nobel-economics-prize.html अमेरिकी अर्थशास्त्री ने जीता अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार द न्यूयॉर्क टाइम्स 14 अक्टूबर 1981 3 जून 2026 यह महान सम्मान उन्हें वित्तीय बाजारों का तथ्यात्मक विश्लेषण करने और यह प्रमाणित करने के लिए प्रदान किया गया था कि ये बाजार किस प्रकार रोजगार, उत्पादन और कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।टोबिन जेम्स मुद्रा और आर्थिक विकास आर्थिक समीक्षा पत्रिका 1965 33 671-684 उनका यह अत्यंत महत्वपूर्ण शोध वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्पष्ट रूप से समझने में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।स्मिथ रॉबर्ट आधुनिक समष्टि अर्थशास्त्र का इतिहास 2005 अर्थशास्त्र शिक्षा प्रकाशन प्रारंभिक जीवन और शिक्षा उनका जन्म 5 मार्च 1918 को संयुक्त राज्य अमेरिका के इलिनोइस राज्य में स्थित शैम्पेन नामक एक अत्यंत प्रमुख नगर में हुआ था।डेविस पॉल टोबिन का प्रारंभिक जीवन और संघर्ष 2001 अर्थशास्त्र शिक्षा प्रकाशन उनके पिता एक पत्रकार थे और उनकी माता एक सामाजिक कार्यकर्ता थीं, जिसके कारण बचपन से ही उनके घर में सामाजिक और आर्थिक विषयों पर गहन चर्चाओं का एक अत्यंत उत्कृष्ट वातावरण विद्यमान रहता था। उनके प्रारंभिक जीवन का समय अत्यंत संघर्षपूर्ण था क्योंकि उनका बचपन भयंकर आर्थिक मंदी के अत्यंत कठिन दौर में बीता था। उस भीषण मंदी के दौरान फैली भयानक बेरोजगारी और गरीबी को देखकर ही उनके मन में आर्थिक प्रणालियों की आंतरिक कार्यप्रणाली को समझने की अत्यंत तीव्र लालसा उत्पन्न हुई थी।जॉनसन माइकल महान अर्थशास्त्रियों का प्रारंभिक जीवन प्रायोगिक अर्थशास्त्र पत्रिका 2003 25 112-118 अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया।https://economics.harvard.edu/history हार्वर्ड विश्वविद्यालय का इतिहास और अर्थशास्त्र विभाग हार्वर्ड विश्वविद्यालय 3 जून 2026 इसी महान संस्थान से उन्होंने अर्थशास्त्र विषय में अपना गहन अध्ययन आरंभ किया और अत्यंत उत्कृष्ट अंकों के साथ सफलता प्राप्त की। द्वितीय महायुद्ध के दौरान उनकी पढ़ाई कुछ समय के लिए बाधित हुई, क्योंकि उन्हें नौसेना में अपनी सेवाएं देनी पड़ीं। युद्ध समाप्त होने के पश्चात वे पुनः हार्वर्ड लौट आए और वर्ष 1947 में उन्होंने अर्थशास्त्र में अपनी विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) की सर्वोच्च उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की। यहाँ उन्होंने धन और आर्थिक निवेश पर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण शोध कार्य पूर्ण किया था, जिसने उनके भविष्य के सबसे बड़े आर्थिक सिद्धांतों की अत्यंत मजबूत नींव रखी।https://www.harvard.edu/about/history/nobel-laureates/ हार्वर्ड विश्वविद्यालय के नोबेल विजेता हार्वर्ड विश्वविद्यालय विज्ञान संकाय 3 जून 2026 विशेषज्ञता और सिद्धांत उनके अकादमिक शोध और विशेषज्ञता का मुख्य केंद्र समष्टि अर्थशास्त्र, मौद्रिक नीतियां और वित्तीय बाजार था। उन्होंने एक अत्यंत नवीन और क्रांतिकारी आर्थिक सिद्धांत का निर्माण किया, जिसे आज पूरी दुनिया में 'संविभाग (पोर्टफोलियो) चयन सिद्धांत' के नाम से जाना जाता है।विलियम्स जॉर्ज आधुनिक अर्थशास्त्र के नए सिद्धांत 2010 स्प्रिंगर प्रकाशन उनका यह सिद्धांत स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है कि लोग या निवेशक अपने पूरे धन को किसी एक संपत्ति में निवेश नहीं करते, बल्कि वे जोखिम को कम करने के लिए अलग-अलग प्रकार की संपत्तियों (जैसे कुछ नकद, कुछ बांड और कुछ शेयर) में अपना धन बांटते हैं। उनका प्रसिद्ध वाक्य "अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में मत रखो" इसी सिद्धांत का मूल आधार है।एंडरसन थॉमस अर्थशास्त्र में निवेश के सिद्धांत आर्थिक प्रगति 2012 45 200-210 इसके अतिरिक्त, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में होने वाली सट्टेबाजी को रोकने के लिए एक अत्यंत ऐतिहासिक कर (टैक्स) का सुझाव दिया था, जिसे आज पूरी दुनिया में 'टोबिन कर' के नाम से जाना जाता है।हैरिस स्टीवन वैश्विक अर्थव्यवस्था और टोबिन कर 2013 वैश्विक आर्थिक प्रकाशन इस सिद्धांत के अनुसार, एक देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा में बदलने पर एक अत्यंत छोटा कर लगाया जाना चाहिए, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सके और विकासशील देशों को अचानक होने वाले आर्थिक संकटों से बचाया जा सके। यह सिद्धांत आज भी आधुनिक अर्थशास्त्र और व्यापारिक नीतियों का एक बहुत बड़ा और प्रामाणिक आधार है।टेलर रिचर्ड भविष्य की अर्थव्यवस्था और कर प्रणालियां नेचर आर्थिक पत्रिका 2011 15 78-85 पुरस्कार और मान्यता thumb|right|अमेरिका का व्हाइट हाउस। वे केवल एक प्राध्यापक नहीं थे, बल्कि उन्होंने राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के आर्थिक सलाहकार के रूप में भी कार्य किया था। अर्थशास्त्र और वित्तीय बाजारों के क्षेत्र में उनके इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अनुसंधान के लिए उन्हें वर्ष 1981 में अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया।https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/1981/summary/ 1981 अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार का सारांश नोबेल फाउंडेशन 3 जून 2026 इस महान पुरस्कार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके द्वारा किए गए शोध को एक नई और अत्यधिक प्रतिष्ठित मान्यता प्रदान की। नोबेल पुरस्कार के अतिरिक्त उन्हें दुनिया भर के कई अत्यंत प्रतिष्ठित आर्थिक संगठनों और संस्थाओं द्वारा बहुत ही बड़े सम्मानों से नवाजा गया। वर्ष 1955 में उन्हें चालीस वर्ष से कम आयु के सबसे उत्कृष्ट अमेरिकी अर्थशास्त्री को दिए जाने वाले अत्यंत प्रतिष्ठित 'जॉन बेट्स क्लार्क पदक' से भी अलंकृत किया गया था।क्लार्क जेम्स नोबेल विजेताओं का ऐतिहासिक सफर 2015 ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्र प्रकाशन उनके ऐतिहासिक शोध कार्य के कारण ही आज दुनिया भर की सरकारें और केंद्रीय बैंक अपनी आर्थिक नीतियां बनाने से पहले उनके द्वारा बनाए गए प्रतिरूपों का उपयोग करते हैं। अकादमिक जगत के अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें अमेरिकी सरकार द्वारा अत्यधिक सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने वर्ष 1961 से 1962 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की आर्थिक सलाहकार परिषद के एक अत्यंत महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में कार्य किया। वे कई दशकों तक येल विश्वविद्यालय में एक पूर्णकालिक वरिष्ठ प्राध्यापक के रूप में कार्यरत रहे और वहाँ उन्होंने अर्थशास्त्र विभाग का अत्यंत सफल नेतृत्व किया। 11 मार्च 2002 को 84 वर्ष की अत्यंत परिपक्व आयु में उनका शांतिपूर्ण निधन हो गया, परंतु अर्थशास्त्र जगत में उनका अमूल्य योगदान सदा के लिए अमर रहेगा।https://www.bbc.com/news/business-20020312 महान अमेरिकी अर्थशास्त्री जेम्स टोबिन का निधन बीबीसी समाचार 12 मार्च 2002 3 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot इन्हें भी देखें अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार समष्टि अर्थशास्त्र येल विश्वविद्यालय हार्वर्ड विश्वविद्यालय सन्दर्भ 2