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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जलाल अल-दीन अल-सुयुति

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अस- सुयुति का जन्म 3 अक्टूबर 1445 ईस्वी (1 रजब 849 हिजरी) को काहिरा (मिस्र) में ममलूक सल्तनत के समय एक फ़ारसी मूल के परिवार में हुआ था। अस- सुयुति के अनुसार, उनके पूर्वज बगदाद के अल-ख़ुदैरिय्या नामक स्थान से आए थे। बाद में उनका परिवार असयूत (मिस्र का एक शहर) चला गया, और इसी वजह से उन्हें “ “अल- सुयुति ” कहा जाने लगा। उनके पिता काहिरा में शैख़ू की मस्जिद और ख़ानकाह में शाफ़िई फ़िक़्ह (कानून) पढ़ाया करते थे, लेकिन जब अस- सुयुति की उम्र लगभग 5 या 6 वर्ष थी, तब उनके पिता का निधन हो गया।   अस- सुयुति का पालन-पोषण काहिरा (मिस्र) के एक अनाथालय में हुआ। उन्होंने आठ वर्ष की आयु में क़ुरआन को पूरा याद (हाफ़िज़) कर लिया था। इसके बाद उन्होंने शाफ़िई और हनफ़ी फ़िक़्ह (इस्लामी न्यायशास्त्र), हदीस (पैग़ंबर की परंपराएँ), तफ़्सीर (क़ुरआन की व्याख्या), अक़ीदह (इस्लामी धर्मशास्त्र), इतिहास, बलाग़त (अलंकार व भाषा कौशल), फ़लसफ़ा (दर्शनशास्त्र), लुग़त (भाषा और व्याकरण), हिसाब (गणित), मौक़ीत (समय-निर्धारण) और तिब्ब (चिकित्सा) जैसे कई विषयों का अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन धार्मिक (इस्लामी) ज्ञान प्राप्त करने और उसमें निपुणता हासिल करने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने लगभग 150 शैख़ों से शिक्षा प्राप्त की। उनमें से कई प्रसिद्ध विद्वान थे, जो अपने समय में हर एक इस्लामी विद्या (जैसे फ़िक़्ह, हदीस, तफ़्सीर, अरबी भाषा आदि) के प्रमुख विशेषज्ञ माने जाते थे। श्रेणी:क़ुरआन की व्याख्या के विद्वान श्रेणी:सीएस1 अरबी-भाषा स्रोत (ar) श्रेणी:अरबी भाषा पाठ वाले लेख