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411 समाचार
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मंदाकिनी समूह

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अंगूठाकार|325x325पिक्सेल|मंदाकिनी समूह एचसीजी 16 के चार सदस्य मंदाकिनी समूह http://www.atnf.csiro.au/people/bkoribal/ngc6221/ The NGC 6221/15 Galaxy Group Bärbel Koribalski 2004 या मंदाकिनियों का समूह http://messier.seds.org/g-group.html Groups and Clusters of Galaxies with Messier objects Hartmut Frommert Christine Kronberg SEDS लगभग ५० या उससे कम गुरुत्वाकर्षण से बंधे सदस्यों से युक्त मंदाकिनियों का एक समूह है, जिनमें से प्रत्येक मंदाकिनी कम से कम आकाशगंगा जितनी चमकदार होती है ( सूर्य की चमक से लगभग 10 गुना अधिक चमक); प्रथम-क्रम गुच्छन (क्लस्टरिंग) वाले समूहों से बड़े मंदाकिनी संग्रह को मंदाकिनी गुच्छ कहा जाता है। Galaxies in the Universe: an Introduction Sparke L. S. Gallagher J. S. 2007 कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस 9780521671866 2nd 278 Linda Sparke मंदाकिनियों के समूह और गुच्छ स्वयं भी एकत्रित होकर मंदाकिनियों के महागुच्छ बना सकते हैं। हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी, ऐसे ही एक समूह का भाग है जिसे स्थानीय समूह कहा जाता है। http://www.ast.cam.ac.uk/~mike/local_more.html The Local Group Mike Irwin 2009-11-07 विशेषताएँ NB thumb|left|NGC 4274 मंदाकिनी समूह। मंदाकिनी समूह, मंदाकिनियों के सबसे छोटे समुच्चय होते हैं। इनमें सामान्यतः १ से २ मेगापारसेक (एमपीसी) के व्यास के भीतर ५० से अधिक मंदाकिनियाँ नहीं होतीं।see 1022 m for distance comparisons इनका द्रव्यमान लगभग १०¹³ सौर द्रव्यमान के तुल्य होता है। पृथक् मंदाकिनियों के वेगों का प्रसार लगभग १५० किमी/सेकंड होता है। तथापि, इस परिभाषा का उपयोग केवल मार्गदर्शक रूप में ही किया जाना चाहिए, क्योंकि आकार में बड़े तथा अधिक द्रव्यमान वाले मंदाकिनी तंत्रों को भी कभी-कभी मंदाकिनी समूह के रूप में वर्गीकृत कर दिया जाता है। http://csep10.phys.utk.edu/astr162/lect/gclusters/groups.html Groups of Galaxies University of Tennessee, Knoxville UTK Physics Dept September 27, 2012 मंदाकिनी समूह, ब्रह्मांड में मंदाकिनियों की सर्वाधिक पायी जाने वाली संरचनाएँ हैं और प्रेक्षणीय ब्रह्माण्ड (जिसे स्थानीय ब्रह्मांड भी कहते हैं) की कम-से-कम ५०% मंदाकिनियाँ इनमें सम्मिलित हैं। इनका द्रव्यमान अत्यंत विशाल दीर्घवृत्ताकार मंदाकिनियों तथा मंदाकिनी गुच्छ के द्रव्यमानों के मध्य में होता है। Dynamical analysis of strong-lensing galaxy groups at intermediate redshift Muñoz, R. P. 4 Motta, V. Verdugo, T. Garrido, F. Limousin, M. Padilla, N. Foëx, G. Cabanac, R. Gavazzi, R. Barrientos, L. F. Richard, J. 11 December 2012 April 2013 Astronomy & Astrophysics 552 A80 18 1212.2624 10.1051/0004-6361/201118513 2013A&A...552A..80M 17865754 स्थानीय ब्रह्मांड में लगभग आधे समूह अपने अंतर्गुच्छ माध्यम से प्रसारित विसरित ऍक्स किरण उत्सर्जन प्रदर्शित करते हैं। जो समूह ऍक्स-किरणें उत्सर्जित करते हैं, उनमें प्रायः आरंभिक-प्रकार की मंदाकिनियाँ सदस्य के रूप में पाई जाती हैं। यह विसरित ऍक्स-किरण उत्सर्जन समूहों की विरियल त्रिज्या के आंतरिक १०–५०% क्षेत्र से उत्पन्न होता है, जो सामान्यतः ५० से ५०० किलोपारसेक के बीच होता है। X-ray Properties of Groups of Galaxies Mulchaey, John S. Annual Review of Astronomy and Astrophysics 38 289–335 2000 22 September 2000 http://ned.ipac.caltech.edu/level5/Sept03/Mulchaey/frames.html astro-ph/0009379 10.1146/annurev.astro.38.1.289 2000ARA&A..38..289M 1427929 प्रकार इनके कई उपप्रकार होते हैं। सघन समूह सघन समूह वह समूह होता है जिसमें मंदाकिनियों की संख्या कम होती है—सामान्यतः लगभग पाँच, और वे एक-दूसरे के अत्यंत निकट स्थित होती हैं तथा अन्य मंदाकिनियों और संरचनाओं से तुलनात्मक रूप से पृथक् रहती हैं। सबसे पहला खोजा गया सघन समूह स्टीफ़न के पंचक (पाँच का समूह) था, जिसकी खोज १८७७ में की गई थी। M. Stephan April 1877 Nebulæ (new) discovered and observed at the observatory of Marseilles, 1876 and 1877, M. Stephan https://archive.org/details/monthly-notices-of-the-royal-astronomical-society_1877-04-13_37_6/page/334 1877MNRAS..37..334S Monthly Notices of the Royal Astronomical Society 37 6 334 10.1093/mnras/37.6.334 free यह नाम उस सघन समूह के लिए प्रयुक्त होता है जिसमें चार परस्पर संबद्ध मंदाकिनियाँ तथा एक असंबद्ध अग्रभूमि मंदाकिनी सम्मिलित है। Compact Groups of Galaxies Paul Hickson http://ned.ipac.caltech.edu/level5/Sept01/Hickson/Hickson_contents.html Annual Review of Astronomy and Astrophysics 35 1997 357–388 1997ARA&A..35..357H 10.1146/annurev.astro.35.1.357 astro-ph/9710289 18870169 खगोलशास्त्री पॉल हिक्सन ने वर्ष १९८२ में ऐसे समूहों का एक सूचीपत्र तैयार किया था, जिसे आज हिक्सन सघन समूह कहा जाता है। Hickson, Paul Systematic properties of compact groups of galaxies Astrophysical Journal, Part 1 April 1982 255 382–391 1982ApJ...255..382H 10.1086/159838 सघन समूह, आन्ध्र पदार्थ के प्रभाव को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इन समूहों का द्रव्यमान उस मात्रा से अत्यंत कम होता है जो मंदाकिनियों को गुरुत्वीय रूप से एक आबद्ध समूह के रूप में संयुक्त रखने के लिए आवश्यक है। सघन समूह हबल-लेमैत्रे नियम की अवधि में गतिशील रूप से स्थिर नहीं रहते; अतः यह स्पष्ट होता है कि ब्रह्मांड की आयु के तुल्य कालमान पर मंदाकिनियाँ विलयन (संलयन) की प्रक्रिया द्वारा क्रमशः विकसित होती हैं। जीवाश्म समूह जीवाश्म मंदाकिनी समूह, जीवाश्म समूह या जीवाश्म गुच्छ ऐसे तंत्र माने जाते हैं जो एक सामान्य मंदाकिनी समूह के भीतर मंदाकिनियों के विलयन (संलयन) की प्रक्रिया का अंतिम परिणाम होते हैं, और जिनमें मूल (प्रोजेनिटर) समूह का ऐक्स-किरण प्रभामंडल शेष रह जाता है। किसी समूह के भीतर मंदाकिनियाँ परस्पर अंतःक्रिया करती हैं और अंततः विलयित हो जाती हैं। इस मंदाकिनियों के विलयन के पीछे की भौतिक प्रक्रिया को गतिक घर्षण कहते हैं। दीप्तिमान (अथवा L*) मंदाकिनियों पर गतिक घर्षण के कालमान से यह संकेत मिलता है कि जीवाश्म समूह प्राचीन, अविक्षुब्ध तंत्र हैं, जिनमें उनके प्रारम्भिक संकुचन के पश्चात् L* मंदाकिनियों का आगमन अत्यल्प रहा है। अतः जीवाश्म समूह एक पृथक् तंत्र में मंदाकिनियों तथा अंतःगुच्छ माध्यम के निर्माण और विकास के अध्ययन के लिए एक महत्त्वपूर्ण प्रयोगशाला सिद्ध होते हैं। जीवाश्म समूहों में अब भी अविलयित बौनी मंदाकिनियाँ विद्यमान हो सकती हैं, परंतु समूह के अधिक द्रव्यमान वाले सदस्य संघनित होकर केंद्रीय मंदाकिनी में समाहित हो चुके होते हैं। इस परिकल्पना का समर्थन ब्रह्मांडीय आयतन के संगणकीय अनुकरणों के अध्ययनों द्वारा किया जाता है।Dependency of halo concentration on mass, redshift and fossilness in Magneticum hydrodynamic simulations आकाशगंगा के सबसे निकट स्थित जीवाश्म समूह NGC 6482 है, जो लगभग १८ करोड़ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित एक दीर्घवृत्ताकार मंदाकिनी है और पहलवान तारामंडल में अवस्थित है। आदिम समूह आदिम समूह वे समूह हैं जो निर्माण की प्रक्रिया में होते हैं। ये आदिम गुच्छों का लघुतर रूप होते हैं। Testing Both Modes of Galaxy Formation: A Closer Look at Galaxy Mergers and Gas Accretion Yujin Yang 2008 205 University of Arizona 9780549692300 इनमें मंदाकिनियाँ तथा आदिम मंदाकिनियाँ (प्रोटोमंदाकिनियाँ) सम्मिलित होती हैं, जो आन्ध्र पदार्थ के प्रभामंडलों में अवस्थित होती हैं और एकल आन्ध्र पदार्थ प्रभामंडलों के समूह-निर्माण में परस्पर संलयन की प्रक्रिया में रहती हैं। Proto-groups at 1.8<z<3 in the zCOSMOS-deep sample C. Diener 4 S. J. Lilly C. Knobel G. Zamorani G. Lemson P. Kampczyk N. Scoville C. M. Carollo T. Contini J.-P. Kneib O. Le Fevre V. Mainieri A. Renzini M. Scodeggio S. Bardelli M. Bolzonella A. Bongiorno K. Caputi O. Cucciati S. de la Torre L. de Ravel P. Franzetti B. Garilli A. Iovino K. Kovač F. Lamareille J.-F. Le Borgne V. Le Brun C. Maier M. Mignoli R. Pello, Y. Peng, E. Perez Montero, V. Presotto, J. Silverman, M. Tanaka, L. Tasca, L. Tresse, D. Vergani, E. Zucca, R. Bordoloi, A. Cappi, A. Cimatti, G. Coppa, A. M. Koekemoer, C. López-Sanjuan, H. J. McCracken, M. Moresco, P. Nair, L. Pozzetti, N. Welikala 9 October 2012 March 2013 The Astrophysical Journal 765 2 109 11 10.1088/0004-637X/765/2/109 2013ApJ...765..109D 1210.2723 17700696 सूची मंदाकिनी समूहों और गुच्छों की सूची + उल्लेखनीय समूह समूह टिप्पणियाँ स्थानीय समूह वह समूह जिसमें आकाशगंगा तथा उसके अंतर्गत पृथ्वी स्थित हैं स्टेफ़न पंचक (Stephan's Quintet) सबसे प्रसिद्ध समूहों में से एक रॉबर्ट चतुष्क (Robert's Quartet) एक अन्य अत्यंत उल्लेखनीय समूह बुलेट समूह (Bullet Group) यह विलयमान समूह सामान्य पदार्थ से आन्ध्र पदार्थ के पृथक्करण (अलग होना) को प्रदर्शित करता है यहाँ कुछ अत्यंत उल्लेखनीय समूहों का उल्लेख किया गया है; अधिक समूहों के लिए सूची लेख देखें। टिप्पणियाँ NB सन्दर्भ