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411 समाचार
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वास्तविक अध्यापन विधा

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व्याकरण सितंबर 2015 सितंबर 2015 वास्तविक अध्यापन विधा वास्तविक अध्यापन विधा एक शिक्षक द्वारा शुरू किया गया है, जो सीखने के दृष्टिकोण क्रिस्टोफर Emdin, शिक्षक कॉलेज में गणित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। यह दृष्टिकोण शिक्षक द्वारा छात्रों की समझ पर केंद्रित है। यहां शिक्षण और सीखने के छात्र के अनुभव की वास्तविकता पर आधारित है। शिक्षक प्रत्येक छात्र को पहचानता है और वह कहाँ से आए है, जहां से उनकी संस्कृति से संबंधित समुदाय हो सकता है। छात्र से शिक्षक को मिली जानकारी के आधार पर,उपयोग करता है शिक्षा के लिए एक बिंदु के रूप में कक्षा में है। यह दृष्टिकोण भी वास्तविकता कक्षा में लाया जाता है, जहां एक अंतरिक्ष या माहौल बनाने की जरूरत बताते हैं। छात्रों को शिक्षक कक्षा में क्या सिखाता से संबंधित करने में सक्षम होना चाहिए। छात्र की वास्तविकता कक्षा में उसकी / उसके व्यवहार का निर्धारक है। इसलिए, शिक्षक प्रभावी शिक्षण और सीखने के अनुभव के क्रम में, छात्रों को पता करने की जरूरत है। हकीकत शिक्षाशास्त्र भी शिक्षक की भूमिका स्थितियों बनाने के लिए और महत्वपूर्ण सोच में छात्रों को शामिल करने के लिए है, जहां प्रकाश महत्वपूर्ण सोच, के लिए लाता है। यह भी उन्हें अपने विचार व्यक्त करने और अपनी राय या विचारों को बाहर आवाज करने की अनुमति देता है। 5 'C' प्रभावी शिक्षण और सीखने के लिए, शिक्षक और छात्रों के बीच ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान करने की आवश्यकता है। इस विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की अनुमति देता है जो "5 सी" नामक उपकरण, के द्वारा किया जाता है। को-जेनरेटिव डाइलॉग- यहाँ पर शिक्षक और छात्र के वातावरण के उपर तर्क करते है कि यह कक्षाए उपयोगी है की नही। अगर नही तो उसमे सुधार कैसे लाया जाए। को-टीचिंग- सीखना ज़्यादा साधक होता है, जब वे खुद शिखते है। यहा शिक्षक छात्रो को पाठ का उपाय रचना बनाने का और उसे सीकने का अवसर देते है। शिक्षक छात्र की जगह, और छात्र शिक्षक की जगह लेते है क्योकि छात्र को मालूम होता है की वे किस प्रकार से अच्छी तरह से सीखते है और उन्हे जानकारी को कैसे प्रतिपादन किया जाता है। कॉसमपॉलिटनिज़म- यहाँ कक्षा के उत्तरदायित्त्व को सब छात्रो मे बराबर से बाँटा जाता है ताकि कक्षा का लाभ और उन्नति हो। कॉंटेक्स्ट- कुछ बाहरी व्यवहार का कक्षा में उपयोग करना ताकि शात्रो को सीखने में आसानी हो जैसे वे कक्षा के बाहर करते है। कॉंटेंट- यहाँ शिक्षक को जानकारी जो छात्रों से और उनके वास्तविक अनुभव से मेल ख़ाता हो। शिक्षक को छात्रों कि क्षमता को ध्यान में रखते हुए जानकारी प्रस्तूत करना चाहिए। सन्दर्भ emdin christopher 5 new approaches to teaching and learning http://www.huffingtonpost.com/christopher-emdin/5-new-approaches-to-teaching-strategies_b_4697731.html?ir=India&adsSiteOverride=in huffingtonpost September 9, 2015 https://web.archive.org/web/20160309220906/http://www.huffingtonpost.com/christopher-emdin/5-new-approaches-to-teaching-strategies_b_4697731.html?ir=India&adsSiteOverride=in 9 मार्च 2016 live emdin christopher reality pedagogy: christopher emdin at TEDx teachers college http://chrisemdin.com/portfolio/reality-pedagogy-christopher-emdin-at-tedxteacherscollege/ chrisemdin.com September 9, 2015 https://web.archive.org/web/20151014020027/http://chrisemdin.com/portfolio/reality-pedagogy-christopher-emdin-at-tedxteacherscollege/ 14 अक्तूबर 2015 dead सितंबर 2015