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क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल

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क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल File:NMNH logo.png संग्रहालय का लोगो Regional Museum Of Natural History ,Bhopal front view-1.jpg RMNH Bhopal 23.213743 77.426155 29 सितंबर 1997 भोपाल , भारत संग्रहालय लगभग 7000 श्रीमती नाज़ रिजवी - राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, नई दिल्ली डॉ॰ मनोज कुमार शर्मा, प्रभारी वैज्ञानिक, भोपालसेन्ट्रल क्रॉनिकल भोपाल http://centralchronicle.com/epaper/index.php?pgno=2&date1=2017-04-19 26 जून 2017 https://web.archive.org/web/20170912191404/http://centralchronicle.com/epaper/index.php?pgno=2&date1=2017-04-19 12 सितंबर 2017 dead http://nmnh.nic.in/bhopal.htm क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल (Regional Museum of Natural History, Bhopal) राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय की एक शाखा है। यह पर्यावरण शिक्षा का एक अनौपचारिक केंद्र है, जिसका मुख्य उद्देश्य दीर्घाओं, विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यह भोपाल में पर्यावरण परिसर में स्थित है। इस संग्रहालय का उद्घाटन वर्ष 29 सितंबर सन 1997 में हुआ था, जिसे भारत सरकार के तत्कालीन पर्यावरण एवं वन मंत्री सैफुद्दीन सोज द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने की थी। यह संग्रहालय मध्य प्रदेश की ही नहीं वरन मध्य भारत की जैव विविधता एवं आसपास उपस्थित जटिल प्राकृतिक ताने-बाने को समझने का अवसर प्रदान करता है। यहां स्थित दीर्घाओं में प्रदर्शो को -प्रतिरूपों, ट्रांसलेट एवं दृश्य श्राव्य माध्यमों के सहयोग से प्रदर्शित किया गया हैं। डायरोमां एवं प्रादर्श, चयनित विषय वस्तुओं के क्रम में प्रस्तुत किए गए हैं। संग्रहालय में जीव विज्ञान संगणक (Computer) कक्ष एवं एक खोज कक्ष भी है जहां बच्चे मनोरंजक तरीके से ज्ञान प्राप्त कर सकते हैंhttp://timesofindia.indiatimes.com/home/Regional-Museum-of-Natural-History-RMNH-Bhopal-organised-a-poster-making-competition-on-Monday-on-the-occasion-of-Earth-Day-The-theme-of-the-competition-was-the-face-of-climate-change-/articleshow/19681313.cms http://timesofindia.indiatimes.com/home/Regional-Museum-of-Natural-History-RMNH-Bhopal-organised-a-poster-making-competition-on-Monday-on-the-occasion-of-Earth-Day-The-theme-of-the-competition-was-the-face-of-climate-change-/articleshow/19681313.cms Regional Museum of Natural History (RMNH) Bhopal organised a poster making competition on Monday on the occasion of Earth Day. en 18 मई 2017 https://web.archive.org/web/20170713191832/http://timesofindia.indiatimes.com/home/Regional-Museum-of-Natural-History-RMNH-Bhopal-organised-a-poster-making-competition-on-Monday-on-the-occasion-of-Earth-Day-The-theme-of-the-competition-was-the-face-of-climate-change-/articleshow/19681313.cms 13 जुलाई 2017 live। इसके अतिरिक्त यहां एक अस्थाई प्रदर्शनी स्थल भी है जिसमें समय-समय पर विभिन्न विषयों पर आधारित प्रदर्शनी या आयोजित होती रहती हैं। संग्रहालय प्रतिदिन प्रातः 10.00 से अपराह्न 6.00 तक खुला रहता है (सोमवार तथा राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर)। संग्रहालय में प्रवेश करते ही ट्राइसेराटोप्स (Triceratops) नामक डायनासोर के परिवार का प्रदर्श दृष्टिगोचर होता है। thumb|300px|उदघाटन पट्टिका। thumb|300px|संग्रहालय का सड़क किनारे लगा साइन बोर्ड। उद्देश्य मध्य भारत की वनस्पतियों, प्राणियों तथा भूगर्भीय जानकारियों से युक्त प्रादर्शो को विकसित करना।The RMNH at Bhopal would fulfill the following objects RMNH भोपाल के उद्देश्य http://nmnh.nic.in/bhopal.htm RMNH Bhopal का जालस्थल RMNH Bhopal 26 जून 2017 en https://web.archive.org/web/20170707163625/http://nmnh.nic.in/bhopal.htm 7 जुलाई 2017 live प्रदर्शन तथा शैक्षणिक कार्यकलापों के माध्यम से वनस्पतियों, प्राणियों एवं मानव के पारस्परिक संबंध एवं उनके संरक्षण के महत्व को समझाना। जनमानस को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने हेतु भू विज्ञान एवं जीव विज्ञान के स्कूली पाठ्यक्रम को समृद्ध करने वाले प्रदर्शन एवं क्रियाकलापों का आयोजन करना। बच्चों युवाओं तथा पारिवारिक समूहों में पर्यावरण के प्रति चेतना विकसित करने के लिए उचित शिक्षण क्रियाकलापों का आयोजन करना। विकलांगों के लिए विशिष्ट शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन करना। पर्यावरण शिक्षा के लिए उपयोगी लोकप्रिय शिक्षा सामग्री का प्रकाशन करना। पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मध्य भारत में कार्यरत विभिन्न संस्थानों के सहयोग से शिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना। पर्यावरण शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए राज्यव्यापी शैक्षिक क्रियाकलाप आयोजित करना। प्रदर्शित दीर्घाएं वर्तमान दीर्घा का विषय जैवविविधता है, जिसमें मध्यप्रदेश की वनस्पतियों, प्राणियों, भूगर्भ एवं नदियों की जानकारी के अतिरिक्त प्रकृति के विभिन्न घटकों का आपसी संबंध विकास के लिए संरक्षण तथा मानव एवं पर्यावरण के संबंध को प्रदर्शित किया गया है। जैव विविधता संग्रहालय में प्रदर्शित यह दीर्घा पौधों एवं जीव जंतुओं की विविधता वनों के प्रकार एवं जैविक क्षेत्रों की मूल अवधारणाओं को समझने का अवसर प्रदान करती है। इस दीर्घा में प्राकृतिक संरक्षण के महत्व को समझने तथा प्राकृतिक संसाधनों के बुद्धिमान पूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रादर्श रखे गए हैं। बायोम्स विभिन्न प्राकृतिक आवासों की जैव विविधता को प्रदर्शित करने वाले सात प्राकृतिक आवासों के प्रादर्श यहां पर रखे गए हैं जिन्हें बायोम्स भी कहते है। हिन्दी प्रदेशों में विभिन्न प्राकृतिक आवासों में आने वाली जैव विविधता को प्रदर्शित किया गया है। यहां विश्व के प्रमुख पारिस्थितिक क्षेत्र जैसे महासागर, घास के मैदान,पर्णपाती वन, रेगिस्तान, उष्णकटिबंधीय वर्षा वन, शंकुधारी वन, एवं ध्रुवीय प्रदेशों को दर्शाया गया हैं। यहां मध्य भारत आदि में पाई जाने वाली वनस्पतियों एवं प्राणियों का विशिष्ट आवास के प्रति अनुकूलन समझाया गया है। मध्य भारत की भूगर्भीय जानकारी प्राणी एवं वनस्पतियां इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के वनों के प्रकार, भूगर्भीय जानकारी, वनस्पतियों एवं प्राणियों की विविधता तथा वनस्पतियों के आर्थिक महत्व को प्रदर्शित किया गया है। इस क्षेत्र में मध्य प्रदेश से निकलने वाली तीन प्रमुख नदियां एवं जिलों से युक्त मध्यप्रदेश की नम भूमि के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। साथ ही मध्य भारत में पाए जाने वाले जीवाश्म चट्टानों एवं खनिजों को भी प्रदर्शित किया गया है। मानव एवं प्रकृति मानव अपनी सभी आवश्यक्ताओं भोजन, वस्त्र, मकान एवं ईंधन की पूर्ति के लिए प्रकृति पर निर्भर है, इसी तथ्य को समझाने हेतु मध्यप्रदेश की बैगा जनजाति का प्रकृति के साथ सामंजस्य एक डायरोमां के रूप में संग्रहालय के इस दृश्य में प्रस्तुत किया गया है। खाद्य श्रंखला आहार जाल और खाद्य पिरामिड प्रकृति में खाद्य निर्भरता हेतु जीव परस्पर आश्रित रहते हैं। वनस्पति द्वारा संचलित इस सूर्य की उर्जा न केवल पौधों और वृक्षों के विकास में उपयोगी होता है, अपितु सहारा जीव जगत इनसे अपनी उर्जा की आवश्यकता पूरी करता है। आवश्यकताओं के लिए पेड़ पौधों पर निर्भर रहते हैं, तथा मांसाहारी जीव शाकाहारी जीवन पर इस प्रकार एक श्रृंखला का निर्माण होता है, जिसे हम खाद्य शृंखला कहते हैं। एक पारिस्थितिकी में अनेकों खाद्य शृंखलाएँ मिल कर एक जटिल आहार जाल का निर्माण करती हैं। ऊर्जा स्थानांतरण के विभिन्न स्तरों को ऊर्जा या खाद्य पिरामिड के द्वारा भी समझा जा सकता है, यही एक प्रादर्श में दर्शाया गया है। मृत भक्षी एवं अपघटक बाज, गिद्ध एवं लकड़बग्घा जैसे प्राणी जो वृत्तसेवा पराश्रित रहते हैं, उन्हें मृत भक्षी कहते हैं। किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा के प्रवाह का अंतिम चरण वनस्पतियों एवं प्राणी के शरीर का अपघटन होता है। जीवाणु और कवक वृत्त कार्बनिक पदार्थों को उनके मूल तत्व में विभाजित कर प्रकृति को वापस कर देते हैं। इस प्रदर्शन में इसी सिद्धांत को दर्शाया गया है। जैव भू-रासायनिक चक्र इस प्रदर्शनी जीवन की गतिविधियां किस प्रकार जल, कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन एवं खनिज लवणों के चक्रण से निरंतर चलती रहती है, जैविक एवं अजैविक पर्यावरण के आपसी संबंध को कई भू रासायनिक चक्र के माध्यम से यहां प्रदर्शित किया गया है। जीवों का उद्विकास लाखों वर्ष पूर्व धरती पर हुए जीवन के विकास के परिणाम स्वरुप कि आज विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां और प्राणी पाए जाते हैं, इस विकास को एक विशाल भक्ति चित्र के माध्यम से संग्रहालय पर चित्रित किया गया है जहां दर्शक जीवन के रहस्यों को आसानी से समझ सकते हैं, इस भित्ति चित्र में से लेकर आधुनिक मानव के उद्भव तक का चित्रण किया गया है। खोज केंद्र इस केंद्र में बच्चे विभिन्न फोटो बदल कर स्वयं करके देखें, एक माध्यम से नई चीजों को सीखते हैं यहां पर कई प्रकार की सुविधाएं जैसे चित्रकारी, मॉडल बनाना, जानवरों के मुखौटे एवं पदचिन्ह बनाने जैसे सृजनात्मक कियाकलाप करवाए जाते हैं। जीव विज्ञान हेतु कंप्यूटर कक्ष हाई स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों हेतु यहां एक जीव विज्ञान कंप्यूटर कक्ष बनाया गया है जहां मल्टीमीडिया तकनीकी उपयोग से अंतः क्रियात्मक विधाओं का प्रयोग करते हुए प्रकृति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। दृष्टि बाधित दर्शकों के लिए बोलने वाले कंप्यूटर की भी सुविधा उपलब्ध है। अस्थाई प्रदर्शनी संग्रहालय के मध्य क्षेत्र में ही एक अस्थाई प्रदर्शनी कक्ष भी है जहां समय-समय पर विभिन्न प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष अस्थाई प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है। मध्य प्रदेश की नदियों के प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहलुओं पर आधारित अस्थाई प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्व धरोहर दिवस (१८ अप्रैल,२०१७) के अवसर पर उद्घाटन किया गया। वर्तमान में (१७ जून २०१७) से 'मध्यप्रदेश की जनजातियाँ' विषय पर अस्थाई प्रदर्शनी लगी है।Exhibition on ‘Tribes of MP’ held at Regional Museum द पायोनियर 17 June 2017 en http://www.dailypioneer.com/state-editions/exhibition-on-tribes-of-mp-held-at-regional-museum.html 26 June 2017 https://web.archive.org/web/20171204064248/http://www.dailypioneer.com/state-editions/exhibition-on-tribes-of-mp-held-at-regional-museum.html 4 दिसंबर 2017 dead पुस्तकालय संग्रहालय में संदर्भ के हेतु एक पुस्तकालय भी है जिसमें विभिन्न विषयों जैसे वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भू-विज्ञान, संग्रहालय विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, वानिकी वन प्रबंधन, सूक्ष्म जीव विज्ञान, आदि संबंधित 5000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध है। इको थिएटर इको थिएटर में आगंतुकों के हेतु यहां प्रतिदिन संध्या 3:00 से 4:00 बजे तक वन्यजीवों से संबंधित चलचित्र प्रदर्शित किए जाते हैं। लॉयन के बारे में आम राय लेगा क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय http://mnaidunia.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-pendora-box-in-regional-science-center-157978 नई दुनिया नई दुनिया 26 जून 2017 शैक्षणिक कार्यकलाप संग्रहालय में अपने प्रदर्शन एवं शैक्षणिक कार्य कलापों के माध्यम से नवागंतुकों के संपर्क में रहने प्राकृतिक विज्ञान में रुचि पैदा करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक कार्यकलाप की विकसित किए जाते हैं। रागेश्री गांगुली Regional Museum of Natural History (RMNH) Bhopal organised a poster making competition on Monday on the occasion of Earth Day. The theme of the competition was 'the face of climate change. भोपाल में पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम http://timesofindia.indiatimes.com/home/Regional-Museum-of-Natural-History-RMNH-Bhopal-organised-a-poster-making-competition-on-Monday-on-the-occasion-of-Earth-Day-The-theme-of-the-competition-was-the-face-of-climate-change-/articleshow/19681313.cms 26 जून 2017 टाइम्स ऑफ इण्डिया २०१३ टाइम्स ऑफ इण्डिया en https://web.archive.org/web/20170713191832/http://timesofindia.indiatimes.com/home/Regional-Museum-of-Natural-History-RMNH-Bhopal-organised-a-poster-making-competition-on-Monday-on-the-occasion-of-Earth-Day-The-theme-of-the-competition-was-the-face-of-climate-change-/articleshow/19681313.cms 13 जुलाई 2017 live सन्दर्भ इन्हें भी देखें राज्य संग्रहालय, भोपाल मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय बाहरी कड़ियाँ आधिकारीक जालस्थल श्रेणी:भोपाल के संग्रहालय श्रेणी:भोपाल के पर्यटन स्थल