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सिस्टसरकोसिस
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Cysticercosis
Neurocysticercosis.gif
एक व्यक्ति में चुंबकीय अनुनाद छवि, जिसमें मस्तिष्क के भीतर कई अल्सर दिखाई दे रहे हैं।.
B 69 b 65
123.1
3341
000627
emerg
119
med 494 ped 537
D003551
सिस्टसरकोसिस एक ऊतकीय संक्रमण है जो फीताकृमि (टीनियासोलियम)के लार्वा (सिस्टसिरेकस) द्वारा होता है।Roberts Larry S. Janovy, Jr. John Gerald D. Schmidt & Larry S. Roberts' Foundations of Parasitology https://archive.org/details/foundationsparas00robe 2009 McGraw-Hill Higher Education Boston 978-0-07-302827-9 348-351 8Taeniasis/Cysticercosis Fact sheet N°376 http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs376/en/ World Health Organization 18 March 2014 February 2013 https://web.archive.org/web/20170314063337/http://www.who.int/mediacentre/factsheets/fs376/en/ 14 मार्च 2017 live लोगों को बरसों तक इसके कोई भी लक्षण नहीं हो सकते हैं या बेहद कम लक्षण प्रकट हो सकते हैं, इसके चलते त्वचा या मांसपेशियों में लगभग एक या दो सेंटीमीटर के दर्दरहित ठोस उभार उत्पन्न हो सकते हैं, या मस्तिष्क के प्रभावित होने की स्थिति में उनमें स्नायविक लक्षण दिख सकते हैं।García HH, Evans CA, Nash TE, et al. Current consensus guidelines for treatment of neurocysticercosis Clin. Microbiol. Rev. 15 4 747–56 अक्टूबर 2002 12364377 126865 10.1128/CMR.15.4.747-756.2002 http://cmr.asm.org/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=12364377 महिनों या वर्षों के बाद इन उभारों में दर्द हो सकता है और सूजन पैदा हो सकती है। विकासशील देशों में दौरों का यह सबसे आम कारण है।
कारण व निदान
यह आम तौर पर फीताकृमि के अंडों से संक्रमित खाद्य या पानी को ग्रहण करने से होता है। बिना पकाई गयी सब्जियां इसका प्रमुख कारण हैं। फीताकृमि के ये अंडे, वयस्क कृमियों से संक्रमित व्यक्ति के मल से आते हैं, एक स्थिति जिसे टनायसिस कहते हैं।http://www.cdc.gov/parasites/cysticercosis/ CDC - Cysticercosis टनायसिस एक भिन्न रोग है तथा कम या गलत तरीके से पकाए गए शूकर के मीट को खाने से होता है। वे लोग जो फीताकृमि से पीड़ित किसी व्यक्ति के सथ रहते हैं उनमें सिस्टसरकोसिस के होने का जोखिम अधिक होता है। पुटिका (सिस्ट) के निष्कर्षण से निदान किया जा सकता है। मस्तिष्क में रोग होने की स्थिति में [[कम्प्यूटर टोमोग्राफी (सीटी) या मैग्नेटिक रेसोनेनेस इमेजिंग (एमआरई) द्वारा मस्तिष्क की तस्वीर निदान के लिए सबसे उपयोगी होती है। प्रमस्तिष्कीय मेरुरज्जु द्रव और रक्त में स्नोफिल्स कही जाने वाली श्वेत रक्त कणिकाओं की बढ़ी हुई संख्या को भी संकेतक के रूप में उपयोग किया जाता है।
रोकथाम व उपचार
निजी स्वच्छता तथा साफ-सफाई द्वारा संक्रमण की प्रभावी रूप से रोकथाम की जा सकती है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: शूकर को पूरा पकाना, उपयुक्त शौचालय और साफ पानी तक पर्याप्त पहुंच। विस्तार से बचाव के लिए टनायसिस से पीड़ित का उपचार भी महत्वपूर्ण है। रोग के उपचार में तंत्रिका तंत्र को शामिल करने की जरूरत नहीं हो सकती है। न्यूरोसिस्टोसरकोसिस से पीड़ित लोगों के उपचार में प्राज़ीक्वाटेल या अल्बेंडाज़ोल दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। इसकी जरूरत लंबी अवधि तक पड़ सकती है। उपचार के दौरान सूजन-रोधी के रूप में स्टेरॉएड तथा दौरा-रोधी दवाओं की भी जरूरत पड़ सकती है। सिस्ट (पुटिका) को हटाने के लिए शल्यक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
महामारी विज्ञान
पोर्क फीताकृमि एशिया, उप-सहारा अफ्रीका तथा लातिन अमरीका में विशेष रूप से आम है।García HH, Gonzalez AE, Evans CA, Gilman RH Taenia solium cysticercosis Lancet 362 9383 547–56 अगस्त 2003 12932389 3103219 10.1016/S0140-6736(03)14117-7 http://linkinghub.elsevier.com/retrieve/pii/S0140-6736(03)14117-7 कुछ क्षेत्रों में यह माना जाता है कि 25% लोग प्रभावित होते हैं। विकसित देशों में यह बहुत मामूली होती है।विश्वव्यापी रूप से 2010 में इससे लगभग 1,200 मौतें हुई थीं, जबकि 1990 तक इनकी संख्या लगभग 700 तक थी।Lozano R, Naghavi M, Foreman K, et al. Global and regional mortality from 235 causes of death for 20 age groups in 1990 and 2010: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2010 Lancet 380 9859 2095–128 दिसम्बर 2012 23245604 10.1016/S0140-6736(12)61728-0 http://linkinghub.elsevier.com/retrieve/pii/S0140-6736(12)61728-0 सिस्टोसरकोसिस शूकरों व गायों को भी होती है, लेकिन इनमें लक्षण बेहद कम दिखते हैं क्योंकि दोनो का ही जीवन काल छोटा होता है। पूरे मानव इतिहास में यह रोग होता रहा है।Bobes RJ, Fragoso G, Fleury A, et al. Evolution, molecular epidemiology and perspectives on the research of taeniid parasites with special emphasis on Taeniasolium Infect. Genet.Evol. 23 150–60 अप्रैल 2014 24560729 10.1016/j.meegid.2014.02.005 http://linkinghub.elsevier.com/retrieve/pii/S1567-1348(14)00053-7 यह उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों में से एक है।Neglected Tropical Diseases http://www.cdc.gov/globalhealth/ntd/diseases/index.html cdc.gov 28 November 2014 जून 6, 2011 https://web.archive.org/web/20150527084645/http://www.cdc.gov/globalhealth/ntd/diseases/index.html 27 मई 2015 live
सन्दर्भ
श्रेणी:संक्रामक रोग