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बराबर गुफाएँ
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बराबर गुफाएँ बराबर, सतघरवा बराबर गुफाओं का एक दृष्य protected resources WikiprojectIndiacities_LocationGaya.png 25.005 85.063 बिहार जहानाबाद जिला
बराबर गुफाएं भारत के बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में गया से 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुफाएँ हैं। ये चट्टानों को काटकर बनायी गयी सबसे पुरानी गुफाएं हैं। इनमें से अधिकांश गुफाओं का संबंध मौर्य काल (322-185 ईसा पूर्व) से है और कुछ में अशोक के शिलालेखों को देखा जा सकता है।
left|450px|thumb|बराबर पहाड़ी, (बिहार) में गुफा मंदिरों का सामान्य दृश्य
thumb|left|300px|मौर्य शासकों द्वारा आजीविकों को समर्पित बराबर और नागार्जुनी की पहाड़ियाँ
right|thumb|बराबर और नागार्जुनी की पहाड़ियाँ के मौर्य गुहालेख
ये गुफाएं बराबर (चार गुफाएं) और नागार्जुनी (तीन गुफाएं) की जुड़वाँ पहाड़ियों में स्थित हैं। बराबर में ज्यादातर गुफाएं दो कक्षों की बनी हैं जिन्हें पूरी तरह से ग्रेनाईट को तराशकर बनाया गया है जिनमें एक उच्च-स्तरीय पॉलिश युक्त आतंरिक सतह और गूंज का रोमांचक प्रभाव मौजूद है। पहला कक्ष उपासकों के लिए एक बड़े आयताकार हॉल में एकत्र होने के इरादे से बनाया गया था और दूसरा एक छोटा, गोलाकार, गुम्बदयुक्त कक्ष पूजा के लिए था, इस अंदरूनी कक्ष की संरचना कुछ स्थानों पर संभवतः एक छोटे स्तूप की तरह थी, हालाँकि ये अब खाली हैं। चट्टानों को काटकर बनाए गए ये कक्ष अशोक (आर. 273 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व) और उनके पौत्र दशरथ के मौर्य कालस्कल्पचर्ड डोरवे, लोमस ऋषि केव, बराबर, गया https://web.archive.org/web/20090408210434/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO0000125S1U00056000 8 अप्रैल 2009 ब्रिटिश लाइब्रेरी ., तीसरी सदी ईसा पूर्व से संबंधित हैं। यद्यपि अशोक स्वयं बौद्ध थे लेकिन एक धार्मिक सहिष्णुता की नीति के तहत उन्होंनेकल्चर ऑफ पीसजून 2020 InternetArchiveBot फ्रंटलाइन, वॉल्यूम 25 - अंक 18 :: 30 अगस्त - 12 सितम्बर 2008. विभिन्न जैन संप्रदायों की पनपने का अवसर दिया| इन गुफाओं का उपयोग आजीविका संप्रदायएंट्रेंस टू वन ऑफ दी बराबर हिल केव्स https://web.archive.org/web/20120214225416/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO000001003U0045A000 14 फ़रवरी 2012 ब्रिटिश लाइब्रेरी . के संन्यासियों द्वारा किया गया था जिनकी स्थापना मक्खलि गोसाल द्वारा की गयी थी, वे बौद्ध धर्म के संस्थापक सिद्धार्थ गौतम और जैन धर्म के अंतिम एवं 24वें तीर्थंकर महावीर के समकालीन थे।बराबर हिल्स: व्हेयर दी बुद्धिस्ट एम्पेरियर अशोक बिल्ट केव्स फॉर दी अजिवाक्स https://web.archive.org/web/20020602190011/http://www.buddhanet.net/e-learning/pilgrim/pg_01.htm 2 जून 2002 www.buddhanet.net. इसके अलावा इस स्थान पर चट्टानों से निर्मित कई बौद्ध और हिंदू मूर्तियाँ भी पायी गयी हैं।रॉक स्कल्प्चर्स एट बराबर https://web.archive.org/web/20120214225522/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO000001003U00046000 14 फ़रवरी 2012 ब्रिटिश लाइब्रेरी .
बराबर पहाड़ी की गुफाएं
thumb|300px|बराबर पहाड़ों में मौर्य वास्तुकला. लोमस ऋषि की कुटी. तीसरी शताब्दी ईसापूर्व.
left|220px|thumb|बराबर, बिहार में सुदामा और लोमस ऋषि की गुफाएं, 1870 की तस्वीर
बराबर पहाड़ी में चार गुफाएं शामिल हैं - कर्ण चौपङ, लोमस ऋषि, सुदामा गुफा और विश्व झोपड़ी . सुदामा और लोमस ऋषि गुफाएं भारत में चट्टानों को काटकर बनायी जाने वाली गुफाओं की वास्तुकला के सबसे आरंभिक उदाहरण हैंआर्किटेक्च्रल हिस्ट्री https://web.archive.org/web/20080914144426/http://www.indian-architecture.info/ 14 सितंबर 2008 www.indian-architecture.info. जिनमें मौर्य काल में निर्मित वास्तुकला संबंधी विवरण मौजूद हैं और बाद की सदियों मेंएन ऑवरव्यू ऑफ आर्कियोलॉजीक्ल इम्पोर्टेंस ऑफ बिहार https://web.archive.org/web/20160303181914/http://yac.bih.nic.in/Da-01.htm 3 मार्च 2016 पुरातत्व निदेशालय बिहार सरकार. यह महाराष्ट्र में पाए जाने वाले विशाल बौद्ध चैत्य की तरह एक चलन बन गया है, जैसा कि अजंता और कार्ला गुफाओं में है और इसने चट्टानों को काटकर बनायी गयी दक्षिण एशियाई वास्तुकला की परंपराओं को काफी हद तक प्रभावित किया है।
thumb|left|सम्राट अशोक का बराबर गुहालेख। गुफा अभिलेख के अनुसार सम्राट अशोक द्वारा आजीविकों के लिए निर्मित बराबर पहाड़ी की गुफाएँ — सुदामा गुफा, कर्ण-चौपड़ गुफा, विश्व-झोपड़ी गुफा और लोमश ऋषि की गुफा।
लोमस ऋषि गुफा : मेहराब की तरह के आकार वाली ऋषि गुफाएं लकड़ी की समकालीन वास्तुकला की नक़ल के रूप में हैं। द्वार के मार्ग पर हाथियों की एक पंक्ति स्तूप के स्वरूपों की ओर घुमावदार दरवाजे के ढाँचों के साथ आगे बढ़ती है।पार्ट्स ऑफ दी एलिफेंट फ्रीज़ ऑवर दी डूर्वे एट दी बराबर केव्स. https://web.archive.org/web/20120214225709/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019WDZ000001767U00000000 14 फ़रवरी 2012 1790 https://web.archive.org/web/20120214225709/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019WDZ000001767U00000000 14 फ़रवरी 2012 ब्रिटिश लाइब्रेरी .
सुदामा गुफा : यह गुफा 261 ईसा पूर्व में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा समर्पित की गयी थी और इसमें एक आयताकार मण्डप के साथ वृत्तीय मेहराबदार कक्ष बना हुआ है।सुदामा एंड लोमस ऋषि केव्स एट बराबर हिल्स, गया https://web.archive.org/web/20090408210429/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO0000125S1U00055000 8 अप्रैल 2009 ब्रिटिश लाइब्रेरी .
करण चौपर (कर्ण चौपङ)कर्ण कॉपर केव, बराबर हिल्स. https://web.archive.org/web/20090408210444/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO0000125S1U00099000 8 अप्रैल 2009 ब्रिटिश लाइब्रेरी .: यह पॉलिश युक्त सतहों के साथ एक एकल आयताकार कमरे के रूप में बना हुआ है जिसमें ऐसे शिलालेख मौजूद हैं जो 245 ई.पू. के हो सकते हैं।
विश्व झोपड़ी : इसमें दो आयताकार कमरे मौजूद हैं जहाँ चट्टानों में काटकर बनाई गई अशोका सीढियों द्वारा पहुंचा जा सकता है।
ई.एम. फोर्स्टर की पुस्तक, ए पैसेज ऑफ इंडिया भी इसी क्षेत्र को आधारित कर लिखी गयी है, जबकि गुफाएं स्वयं पुस्तक के सांकेतिक मूल में एक महत्वपूर्ण, यद्यपि अस्पष्ट दृश्य के घटनास्थल के रूप में हैं। लेखक ने इस स्थल का दौरा किया था और बाद में अपनी पुस्तक बराबर केव्स टाइम्स ऑफ इंडिया, 16 जून 2007.दी स्ट्रक्चर ऑफ ई.एम.फोर्स्टर्स "ए पासेज़ टू इंडिया" https://web.archive.org/web/20110614071950/http://www.hausarbeiten.de/faecher/vorschau/45050.html 14 जून 2011 "ही विजिटेड इंडिया बिफोरहैंड इन 1912 एंड 1921" में मारबार गुफाओं के रूप में इनका इस्तेमाल किया था।
नागार्जुनी गुफाएं
नागार्जुन के आसपास की गुफाएं बराबर गुफाओं से छोटी एवं नयी हैं। यह गुफाएं बराबर की गुफाओं से 1.6 किमी दूर स्थित नागार्जुनी पहाड़ी पर स्थित हैं। इनमें तीन गुफाएं शामिल हैं। बराबर एंड नागार्जुन केव्स https://web.archive.org/web/20090717093945/http://www.culturopedia.com/Places/places.html 17 जुलाई 2009 . ये तीन गुफाएं इस प्रकार हैं:
thumb|right|दशरथ मौर्य के नागार्जुनी गुहालेख। गुफा अभिलेख के अनुसार दशरथ मौर्य द्वारा आजीविकों के लिए निर्मित नागार्जुनी पहाड़ी की गुफाएँ — गोपिका गुफा, वहियक गुफा और वडथिका गुफा।
गोपी (गोपी-का-कुभा): शिलालेख के अनुसार इन्हें लगभग 232 ईसा पूर्व में राजा दशरथ द्वारा आजीविका संप्रदाय के अनुयायियों को समर्पित किया गया था।
वदिथी-का-कुभा गुफा (वेदाथिका कुभा): यह दरार में स्थित है।
वापिया-का-कुभा गुफागोपी एंड कल्पी केव्स, बराबर, गया https://web.archive.org/web/20090408210439/http://www.collectbritain.co.uk/personalisation/object.cfm?uid=019PHO0000125S1U00058000 8 अप्रैल 2009 . ब्रिटिश लाइब्रेरी . (मिर्जा मंडी): इन्हें भी दशरथ द्वारा आजीविका के अनुयायियों को समर्पित किया गया था।
चित्रशाला
इन्हें भी देखें
कुम्हरार
अग्रिम पठन
मौर्य आर्किटेक्चर एंड आर्ट - रॉक कट आर्किटेक्चर आर्कियोलॉजी ऑफ अर्ली हिस्टोरिक साउथ एशिया: दी एमरजेंस ऑफ सिटिज़, फ्रैंक रेमंड ओल्चिन द्वारा. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 1995, आईएसबीएन 0521376955. पृष्ठ - 247
हिस्ट्री ऑफ रॉक कट केव्स इन इंडिया
इंट्रोडक्शन कैम्ब्रिज़ कम्पेनियन टू ई.एम. फोर्स्टर, डेविड ब्रैडशॉ द्वारा, योगदानकर्ता डेविड ब्रैडशॉ, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय प्रेस, 2007, आईएसबीएन 0521834759. पृष्ठ 188.
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
सीरीज ऑफ इमेजेज ऑफ बराबर केव्स
डिटेल्ड नोट्स ऑन दी बराबर केव्स एंड इट्स यूज़ एज़ मारबार केव्स इन ई.एम. फोस्टर्स पासेज़ टू इंडिया
बराबर केव्स एंड नागर्जुनी केव्स, वोंडरमोंडो द्वारा विवरण
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