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अपमान की सदी
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thumb|upright| महारानी विक्टोरिया (ब्रिटेन), कैसर विल्हेम द्वितीय (जर्मनी), ज़ार निकोलस द्वितीय (रूसी साम्राज्य), मेरिएन (फ़्रान्स का चित्रीकरण) और एक सामुराई (जापानी साम्राज्य का चित्रीकरण) को चीन को आपस में बाँटताते हुए दिखाता एक राजनीतिक कार्टून।
अपमान की सदी (चीनी: 百年国耻 (सरलीकृत), 百年國恥 (पारम्परिक), अंग्रेज़ी: Century of humiliation), को राष्ट्रीय अपमान की सदी, अपमान के सौ वर्ष और अन्य समान नामों से भी जाना जाता है। १९२० के दशक से चीन में राष्ट्रवाद के उदय के साथ ही गुओमिन्दांग और साम्यवादी दुष्प्रचारकों और इतिहासकारों द्वारा इन अवधारणाओं का उपयोग किया गया जिसमें पश्चिमी औपनिवेशिक शक्तियों और जापानी उपनिवेशवाद के अधीन रहकर चीन के दमन को चित्रित किया गया।Alison Adcock Kaufman, "The “Century of Humiliation,” Then and Now: Chinese Perceptions of the International Order," https://web.archive.org/web/20121103040419/http://onlinelibrary.wiley.com/doi/10.1111/j.1976-5118.2010.01039.x/abstract 3 नवंबर 2012 Pacific Focus 25.1 (2010): 1-33.
इतिहास
इस सदी का आरम्भ आमतौर पर उन्नीसवी सदी के मध्य से, प्रथम अफ़ीम युद्ध Paul A Cohen China Unbound https://archive.org/details/chinaunboundevol00cohe Routledge London 2003 148 के ठीक-पूर्वकाल और अफ़ीम की व्यापक लत और चीन की राजनीतिक विवृत्ति से माना जाता है जो इसके बाद आरम्भ हुई। Chang Maria Hsia Return of the dragon: China's wounded nationalism Westview Press 2001 69–70 http://books.google.com/books?id=KYmiafRQP10C&pg=PA69 9780813338569 19 फ़रवरी 2012 https://web.archive.org/web/20130607010831/http://books.google.com/books?id=KYmiafRQP10C&pg=PA69 7 जून 2013 live
अन्य प्रमुख घटनाएँ जिन्हें अपमान की सदी का भाग समझा जाता है वे हैं, व्हाम्पोआ और एइगुन की असमान सन्धियाँ, ताइपिंग विद्रोह, द्वितीय अफ़ीम युद्ध और पुराने ग्रीष्मकालीन महल की पदच्युति, चीनी-फ़्रान्सीसी युद्ध और प्रथम चीन-जापान युद्ध और तिब्बत पर ब्रिटेन का आक्रमण"China Seizes on a Dark Chapter for Tibet" https://web.archive.org/web/20170218083453/http://www.nytimes.com/2010/08/10/world/asia/10gyantse.html 18 फ़रवरी 2017 , by Edward Wong, दि न्यू यॉर्क टाइम्स, 9 अगस्त 2010 (10 अगस्त 2010 p. A6 of NY ed.). Retrieved 10-08-2010.। इस काल के दौरान, चीन ने वह सभी युद्ध हारे जिसमें उसने भाग लिया और इन युद्धों के पश्चात हुई सन्धियों में उसे औपनिवेशिक शक्तियों को बहुत अधिक रियायतें देनी पड़ी।http://app1.chinadaily.com.cn/star/2003/1120/cu18-1.html Poisoned path to openness Lan Nike Shanghai Star 20-11-2003 14-08-2010 https://web.archive.org/web/20100323033925/http://app1.chinadaily.com.cn/star/2003/1120/cu18-1.html 23 मार्च 2010 dead
और यह सदी प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात जापान की इक्कीस माँगों और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान द्वितीय चीन-जापान युद्ध के साथ बीसवीं सदी में भी जारी रही।
इसका अन्त माना जाता है जब द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात मुख्यभूमि चीन से विदेशी शक्तियों का निष्कासन किया गया A L Friedberg The Future of U.S.-China Relations: Is Conflict Inevitable? International Security 2 Fall 2005 pp 7–45, p 20 और १९४९ में आधुनिक चीन की स्थापना हुई। कुछ टिप्पणीकारों का मानना है कि इस सदी का समापन हाँगकाँग और मकाउ के चीन में विलय के साथ हुआ, जब चीनी भूमि से सभी विदेशी शक्तियों का निष्कासन पूर्ण हुआ Dong Wang China's unequal treaties: narrating national history https://archive.org/details/chinasunequaltre0000wang Lexington Books Lanham, MD 2005 78। वहीं कुछ अन्य का मानना है कि अपमान की सदी का समापन ताइवान के चीन में विलय होने तक अधूरा है Muthiah Alagappa Taiwan's Presidential Politics M. E. Sharpe New York City 2001 33। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कुछ विदेशी "अपमान" जैसे अमुर समामेलन, अभी तक अकृत है, पर इन्हें चीनी लोगों द्वारा आमतौर पर स्वीकृत किया जाता है।
विवक्षा
अपमान की सदी और चीनी साम्यवादी दल के इतिहासचित्रण W A Callahan National Insecurities: Humiliation, Salvation and Chinese Nationalism Alternatives 20 2004 pp 199–218, p 199 http://www.humiliationstudies.org/documents/CallahanChina.pdf 19 फ़रवरी 2012 https://web.archive.org/web/20110929182843/http://www.humiliationstudies.org/documents/CallahanChina.pdf 29 सितंबर 2011 dead "चीनी राज्यक्षेत्र की सम्प्रभुता और समग्रता" के परिणामस्वरूप ये चीनी राष्ट्रवाद की प्रमुख शक्तियाँ रहे हैं। इसने चीनी लोगों के बेल्ग्रेड में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा चीनी दूतावास की बमबारी, हैनान द्वीप की घटना और २००८ बीजिंग ओलम्पिक के मशाल रिले के दौरान तिब्बत की स्वतन्त्रता के लिए यूरोपीय और अमेरिकी विरोध-प्रदर्शनों की धारणाओं को रंगने में प्रमुखता निभाई है। Jayshree Bajoria Nationalism in China http://www.cfr.org/publication/16079/nationalism_in_china.html Council on Foreign Relations 23 अप्रैल 2008 19 फ़रवरी 2012 https://web.archive.org/web/20091014110116/http://www.cfr.org/publication/16079/nationalism_in_china.html 14 अक्तूबर 2009 dead
आलोचना
जेन ई॰ इलियट कहती हैं कि न तो चीन ने आधुनिकीकरण का विरोध किया और न ही वह पश्चिमी सेनाओं को पराजित करने में असमर्थ था। यह इस बात से साबित होता है कि चीन ने 1800 के दशक के उत्तरार्ध में कई बार हारने के बाद, पश्चिमी देशों से हथियार खरीदे और बड़े पैमाने पर सैन्य आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया (उदाहरण- बॉक्सर विद्रोह के दौरान हानयांग शस्त्रागार। इसके अलावा, इलियट ने इस दावे पर सवाल उठाया कि पश्चिमी देशों के जीतने से चीनी समाज पर कोई आघात किया गया था, क्योंकि कई चीनी किसान (जो उस समय की आबादी का 90% थे) रियायतों के बाहर रह रहे थे। उन्होंने अपना दैनिक जीवन के निरंतर और बिना किसी "अपमान की भावना" के साथ गुज़ारा।https://books.google.com/books?id=wWvl9O4Gn1UC&q=chinese+fire+power+pinned+down+enemy#v=snippet Some did it for civilisation, some did it for their country: a revised view of the boxer war Jane E. Elliott 2002 Chinese University Press 143 962-996-066-4 2010-06-28
इतिहासकारों ने 19 वीं शताब्दी में किंग राजवंश की भेद्यता और विदेशी साम्राज्यवाद समक्ष उसकी कमजोरी का आंकलन किया है। वे इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि उसकी कमज़ोरी मुख्य तौर पर उसकी समुद्री नौसेना थी। जहाँ चीन को ज़मीनी लड़ाई पर पश्चिमी लोगों के खिलाफ सैन्य सफलता हासिल हुई, इतिहासकार एडवर्ड एल॰ ड्रेयर ने कहा कि "चीन का उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ अपमान समुद्र पर उसकी कमज़ोरी और विफलताओं से सम्बंधित था। प्रथम अफीम युद्ध की शुरुआत में, चीन के पास कोई एकीकृत नौसेना नहीं थी और न ही उसे इस बात की कोई समझ थी कि वह समुद्र से होने वाला हमला झेल पाने में वह कितना असमर्थ था। ब्रिटिश नौसेना की सेनाएं जहां भी जाना चाहतीं, वहां पहुंच जातीं। ऐरो वॉर (1856–60) में, चीनी के पास 1860 के एंग्लो-फ्रेंच नौसेना अभियान को रोकने के लिए कोई रास्ता नहीं था, जो कि झीली की खाड़ी में नौकायन करके बीजिंग के निकटतम स्थान पर पहुँचा। इसी बीच, चीनी सेना तुलनात्मक तौर पर नवीनीकृत थी, किंतु उसे आधुनिक क़रार नहीं दिया जा सकता। इस सेना ने सदी के मध्य में विद्रोहियों का दमन किया, धोखेबाज़ी करके रूस से मध्य एशिया में विवादित मोर्चे के शांतिपूर्ण समाधान के संधि करने के लिए मजबूर किया, और बांग बो की लड़ाई (1884-84 का चीन-फ़्रान्स युद्ध) में फ़्रांसीसी फ़ौज को ज़मीन पर हराया। लेकिन समुद्र में मिली पराजय, और इसके परिणामस्वरूप ताइवान जाने वाले स्टीमर नौकायन को होने वाले खतरे के कारण चीन को प्रतिकूल शर्तों पर शांति के लिए मजबूर होना पड़ा।"PO Chung-yam 28 June 2013 Ruprecht-Karls-Universität Heidelberg Conceptualizing the Blue Frontier: The Great Qing and the Maritime World in the Long Eighteenth Century 11 http://archiv.ub.uni-heidelberg.de/volltextserver/18877/1/PhD_Dissertation_CyPO.pdf Edward L. Dreyer, Zheng He: China and the Ocean in the Early Ming Dynasty, 1405–1433 (New York:
Pearson Education Inc., 2007), p. 180
इन्हें भी देखें
चीन में पश्चिम-विरोधी भावना
चीनी राष्ट्रवाद
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
Poisoned path to openness लैन नाइक द्वारा
श्रेणी:चीन का इतिहास
श्रेणी:चीनी जनवादी गणराज्य का इतिहास
श्रेणी:उन्नीसवी सदी में चीन
श्रेणी:बीसवी सदी में चीन