411 REFERENCE · Wikipedia
त्रिशूल
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
thumb|200px|त्रिशूल
त्रिशूल (IAST: Triśūla, Trishool ) एक परम्परागत भारतीय हथियार है। यह एक हिन्दू चिन्ह की तरह भी प्रयुक्त होता है। यह एक तीन चोंच वाला धात्विक सिर का भाला या हथियार होता है, जो कि लकड़ी या बाँस के डण्डे पर भी लगा हो सकता है। यह हिन्दु भगवान शिव के हाथ में शोभा पाता है। यह शिव का सबसे प्रिय अस्त्र हैं शिव का त्रिशूल पवित्रता एवम् शुभकर्म का प्रतीक है । प्रायः सभी शिवालय (शिव का मन्दिर) में त्रिशूल अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाता है जिसमें सोने चाँदी ओर लोहे की धातु से बने त्रिशूल ज्यादातर शिवालय में दिखाई देते हैं । बिना त्रिशूल के शिवालय अधूरा है। शिवरात्रि मे मन्नत पूरी होने पर भगवान शिव को त्रिशूल अर्पित किया जाता है। शारदीय नवरात्रि के समय घरों में भी घट स्थापना और जबारे लगाई जाती है जिसमे त्रिशूल के बाने (देवी दुर्गा का प्रतीक) से पूजा सम्पन्न होती हैं। शारदीय नवरात्रि के समय देवी दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करते समय इस अस्त्र की विशेष पूजा की जाती है। [[चैत्र]॰ और शारदीय नवरात्रि के समय नौ दिनों तक इसकी आराधना कर नवरात्रि की पूजा सम्पन्न की जाती है। माँ दुर्गा, माँ काली और भगवान शिव के अवतार भैरवनाथ का अस्त्र भी त्रिशूल को बताया गया है। इसी त्रिशूल से भगवान शिव ने उनके पुत्र गणेश का सिर अलग किया था।
त्रिशूल किसको दर्शाता है ?
भगवान शिव का त्रिशूल तीनो कालो को दर्शाता है . यह भूत , वर्तमान और भविष्य का सांकेतिक भाव है . शिव जी के हाथ में त्रिशूल यह सन्देश देता है कि भगवान शिव के अधीन ही तीनो समय के काल है . इसके अलावा त्रिशूल तीनो तत्वों को भी दर्शाता है जो सत तम और रज गुण है . इन तीनो गुणों पर विजय शिव जी ने प्राप्त कर रखी है .
left|thumb|200px|भगवान शिव के हाथ में त्रिशूल
तीन शुलो का है ये सम्बन्ध
त्रिशूल – त्रिशक्ति – अर्थात ब्रह्मा , विष्णु और महेश , जो जन्म , पालन और मृत्यु के चक्र से समस्त संसार को चलाते है | इसी तरह यह तीनो काल भूत , वर्तमान और भविष्य को भी दर्शाता है | इन तीनो शक्तियों के सामंजस्य से ही समस्त ब्रहमांड की गतिविधियाँ संचालित होती है | यह त्रिशूल यह भी संकेत करता है कि महादेव त्रिकालदर्शी है जो समस्त ज्ञान को अपने अन्दर समेटे हुए है |
भगवान शिव त्रिशूल क्यों धारण करते हैं
शास्त्रों और पुराणों में सबसे सरल महादेव को बताया गया है और इनसे जुड़े कई ऐसे राज है जिनका ज्ञान किसी को भी सही सही नही है | भगवान शिव से जुड़ी कई रोचक बाते ,इन्हे सभी से अलग दिखाती है | इनसे जुड़ी हर वस्तु का बहुत बड़ा महत्व और सार है | इसी क्रम में आज हम इनके हाथ में धारित त्रिशूल के बारे में जानेंगे | क्यों महादेव ने त्रिशूल धारण किया है और यह हमें किस बात की शिक्षा देता है |
बाहरी कड़ियाँ
शिवजी के त्रिशूल का महत्व https://web.archive.org/web/20230206053347/https://www.saibhakti.in/2023/02/shivji-trishul-raj.html 6 फ़रवरी 2023
श्रेणी:हिन्दू प्रतीक