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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अनर्जक आस्ति

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अनर्जक आस्ति (अथवा अनर्जक संपत्ति या परिसंपत्ति) से तात्पर्य बैंकिंग व वित्त उद्योग में ऐसे ऋण (लोन) से है, जिसका लौटना संदिग्ध हो। अंग्रेजी में इसे एन पी ए अथवा नॉन परफार्मिंग एसेट कहा जाता है।http://chennairbi.rbi.org.in/BankingShabdavali/search.aspx?eng=NPA%20Non%20Performing%20Asset संग्रहीत प्रति 3 मई 2014 https://web.archive.org/web/20140503154059/http://chennairbi.rbi.org.in/BankingShabdavali/search.aspx?eng=NPA%20Non%20Performing%20Asset 3 मई 2014 dead अंग्रेजी संस्करण से अनुवादस्वरूप और भी कई नाम मीडिया में दिए जाते हैं - यथा गैर-निष्पादनकारी संपत्ति आदि। बैंक अपने ग्राहकों को जो ऋण प्रदान करता है, उसे अपने खाते में आस्ति (संपत्ति) के रूप में दर्शाता है। यदि किसी कारणवश यह आशंका हो कि ग्राहक यह ऋण लौटा नहीं पाएगा तो एसे ऋणों को अनर्जक आस्ति कहा जाता है। किसी भी बैंक की आर्थिक सेहत को मापने के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण पैमाना है तथा इसमें वृद्धि होना किसी बैंक की सेहत के लिए चिंता का विषय ही होता है।http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=82192 https://web.archive.org/web/20140503184504/http://hindi.business-standard.com/storypage.php?autono=82192 3 मई 2014 निजी बैंकों का बढ़ रहा एनपीए हाल ही में (फरवरी 2014) भारत के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की प्रमुख को अपना पद बेकाबू हो चुके फंसे कर्जे [एनपीए] एनपीए पर लगाम लगाने में नाकाम रहने की वजह से खोना पड़ा।https://hindi.yahoo.com/ubi-chairperson-bhargava-quits-ministry-accepts-vrs-request-151426102.htmlबेकाबूजून 2020 InternetArchiveBot एनपीए की वजह से यूबीआइ प्रमुख की विदाई एनपीए को नियंत्रण में रखने के लिए हर देश के नियामक मापदंड निर्धारित करते हैं जिनका अनुपालन वित्तीय संस्थाओं के लिए आवश्यक होता है। २००८ के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद अनर्जक आस्तियों को शीघ्र चिन्हित करने व खातों में सही तरीके व इमानदारी से दर्शाने पर ज़ोर दिया गया है। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एन पी ए 2013-14 के आर्थिक सर्वेक्षण में भारतीय बैंकिंग सैक्टर में एनपीए में बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की गई तथा इन्हैं कम करने के लिए निम्नलिखित प्रयासों पर जोर दिया गया।http://pib.nic.in/newsite/PrintHindiRelease.aspx?relid=28761 संग्रहीत प्रति 9 जुलाई 2014 https://web.archive.org/web/20140714230404/http://pib.nic.in/newsite/PrintHindiRelease.aspx?relid=28761 14 जुलाई 2014 live • बैंकों में वसूली के लिए उनके मुख्‍यालय/क्षेत्रीय कार्यालय/प्रत्‍येक ऋण वसूली ट्रिब्‍यूनल (डीआरटी) में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति। • बैंकों द्वारा घाटे की परि‍सम्‍पत्तियों की वसूली पर जोर और परि‍सम्‍पत्ति पुनर्गठन कंपनियां संकल्‍प एजेंटों की नियुक्ति। • राज्य स्तर के बैंकरों की समितियों को राज्य सरकारों के साथ होने वाले मामले सुलझाने के लिए सक्रिय होने के निर्देश देना। • बैंकों में जानकारी साझा करने के आधार पर नये ऋण स्वीकृत करना। • एनपीए का क्षेत्र/गतिविधि के आधार पर विश्लेषण करना आदि। वर्तमान में यह 6.5 % है। इन्हें भी देखें अनर्जक ऋण सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ भारतीय रिज़र्व बैंक की साईट पर मानक ऑनलाईन हिन्दी शब्दावली बैंकों ने जितना डुबाया उतने में देश उबर जाता (बीबीसी हिन्दी) अनर्जक परिसंपत्तियाँ श्रेणी:वित्त श्रेणी:बैंकिंग शब्दावली