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अरुणा सीतेश
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thumb|right|अरुणा सीतेश डॉ॰ अरुणा सीतेश (३१ अक्टूबर १९४५-१९ नवंबर २००७) हिंदी की प्रसिद्ध कथाकार थीं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से १९६५ में अंग्रेज़ी साहित्य में एम. ए. किया और स्वर्ण पदक भी प्राप्त किया। १९७० में उन्होंने यहीं से डी. फ़िल की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध इंद्रप्रस्थ कॉलेज में प्राध्यापिका के पद से उन्होंने अपने कार्य-जीवन का प्रारंभ किया। बाद में वे क्रमशः रीडर तथा प्रधानाचार्या के पद पर आसीन हुईं। अंग्रेज़ी की प्राध्यापिका और प्रख्यात शिक्षाविद डॉ॰ अरुणा सीतेश १० वर्षों तक दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इन्द्रप्रस्थ महिला काॅलेज में प्रधानाचार्या के पद पर कार्यरत रहीं।http://www.du.ac.in/hindi/college_teacher_details.html?id=66 दिल्ली विश्वविद्यालय 3 दिसम्बर 2009 दिल्ली विश्वविद्यालयजून 2020 InternetArchiveBot चाँद भी अकेला है, वही सपने, कोई एक अधूरापन, लक्ष्मण रेखा और छलांग उनकी कुछ प्रसिद्ध कृतियाँ हैं। इनमें से ‘छलांग’ कहानी-संग्रह अपने समय में काफी चर्चित रहा। उन्होंने विष्णु प्रभाकर तथा मोहन राकेश के नाटकों का अंग्रेज़ी अनुवाद भी किया। वे ‘प्रतिभा इंडिया’ पत्रिका की संपादिका रहीं, देश-विदेश में उन्हें अनेक पुरस्कार, सम्मान तथा फैलोशिप प्राप्त हुए, जिसमें उत्तर-प्रदेश हिंदी संस्थान का महादेवी पुरस्कार तथा दिल्ली सरकार का अखिल भारतीय साहित्य परिषद् सम्मान प्रमुख हैं।http://www.abhivyakti-hindi.org/samachar/2007/samachar28.htm डॉ॰ अरुणा सीतेश को श्रद्धांजलि 3 दिसम्बर 2009 अभिव्यक्ति https://web.archive.org/web/20100613044905/http://abhivyakti-hindi.org/samachar/2007/samachar28.htm 13 जून 2010 dead वे सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार सीतेश आलोक की पत्नी थीं। अपने जीवन के उत्तरार्द्ध में सर्जनात्मक लेखन से जुडने वाली रचनाकार डॉ॰ अरुणा सीतेश ने बहुत कम समय में ही तत्कालीन कथा-लेखिकाओं के बीच अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर ली थी। उनके कथा- साहित्य के केंद्र में प्रायः स्त्री जीवन की गहन भावनाओं का मार्मिक चित्रण उपस्थित रहता है। उनके द्वारा लिखी गई कहानियाँ जहाँ एक ओर नारी मन के अंतर्द्वंद्व को उजागर करती हैं तो साथ ही मानवीय मनोविज्ञान का विश्लेषण भी करती हैं। उनकी कहानियाँ हमारे आस-पास के जीवन से जुड़ी तो हैं ही साथ ही इनके माध्यम से बनते- बिगड़ते पारिवारिक और सामाजिक संदर्भों का भी प्रभावी चित्रण करती हैं।
सन्दर्भ
श्रेणी:हिन्दी कथाकार
श्रेणी:प्रयागराज के लोग
श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना
श्रेणी:1945 में जन्मे लोग
श्रेणी:२००७ में निधन