Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

अनुच्छेद 90 (भारत का संविधान)

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

भारत का संविधान भाग 3 अनुच्छेद 91 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 89 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित भारतीय संविधान का अनुच्छेद 90 मुख्य रूप से राज्यसभा के उपसभापति के पद की रिक्ति, त्यागपत्र और पद से हटाए जाने की प्रक्रिया से संबंधित है। यह अनुच्छेद बताता है कि उपसभापति का पद कब खाली हो सकता है, वे अपना इस्तीफा किसे देते हैं और उन्हें उनके पद से कैसे हटाया जा सकता है। मूल पाठ राज्य सभा के उपसभापति के रूप में पद धारण करने वाला सदस्य— (क) यदि सभा का सदस्य नहीं रहता तो अपना पद रिक्त कर देगा; (ख) किसी समय भी अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा, जो सभापति को सम्बोधित होगा, अपना पद त्याग सकेगा; तथा (ग) सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित, सभा के संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा : परन्तु खंड (ग) के प्रयोजन के लिये कोई संकल्प तब तक प्रस्तावित न किया जायेगा जब तक कि उस संकल्प के प्रस्तावित करने के भिप्राय की कम से कम चौदह दिन की सूचना न दे दी गई हो।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 ३४ पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१११ मुख्य प्रावधान 1. पद की रिक्ति यदि उपसभापति राज्यसभा का सदस्य नहीं रहता है, तो उसे अपना पद छोड़ना होगा। 2. त्यागपत्र उपसभापति किसी भी समय सभापति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित पत्र द्वारा अपना इस्तीफा दे सकता है। 3. पद से हटाया जाना उपसभापति को राज्यसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित संकल्प (Resolution) के जरिए पद से हटाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें हैं: ऐसा कोई भी संकल्प तब तक पेश नहीं किया जा सकता जब तक कि उसे प्रस्तावित करने के इरादे की कम से कम 14 दिन की पूर्व सूचना न दी गई हो। संदर्भ श्रेणी:संविधान श्रेणी:भारत का संविधान श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद