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411 समाचार
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हिन्दी नृत्य संगीत

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हिन्दी नृत्य संगीत में उन गीतों का विस्तृत समुच्चय सम्मिलित है जो मुख्यतः हिन्दी चलचित्रों में प्रस्तुत होते हैं तथा जिनके प्रति सम्पूर्ण विश्व में निरन्तर बढ़ता हुआ आकर्षण विद्यमान है। यह संगीत दक्षिण अफ़्रीका, मॉरीशस, फ़िजी, कैरेबीय क्षेत्र, कनाडा, संयुक्त राजशाही, नीदरलैण्ड तथा संयुक्त राज्य अमरीका जैसे स्थलों में प्रवासी भारतीयों के मध्य लोकप्रिय हुआ और अन्ततः इसका वैश्विक रसिक वर्ग विकसित हुआ।http://www.thestar.com/article/550760 Planet Bollywood 14 October 2012 Toronto Star https://web.archive.org/web/20121014230251/http://www.thestar.com/article/550760 14 October 2012 dead मान्यता यद्यपि हिन्दी नृत्य संगीत हिन्दी चलचित्र संगीत का एक अंग है, तथापि इस व्यापक विधा के गीत इक्कीसवाँ शताब्दी के प्रथम दशक के पूर्वार्द्ध एवं मध्यार्द्ध तक अत्यन्त लोकप्रिय हो गए। इसका एक कारण विभिन्न अन्तरराष्ट्रीय संगीत-सूचियों में स्थान प्राप्त करने वाले पञ्जाबी गीत "मुण्डियाँ तो बच के" की वैश्विक सफलता तथा "कजरा रे" जैसे अन्य विख्यात नृत्यगीतों की लोकप्रियता थी।artist p559304 Panjabi MC प्रथम दशक के उत्तरार्द्ध तक, अकादमी पुरस्कार विजेता गीत "जय हो" की सफलता के पश्चात् हिन्दी नृत्य संगीत को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई। द्वितीय दशक में, विद्युत् नृत्य संगीत के बढ़ते हुए रसिक वर्ग के कारण हिन्दी नृत्य संगीत में भी विद्युत् नृत्य संगीत के तत्त्वों का समावेश होने लगा, जिसके फलस्वरूप "बेबी डॉल" जैसे गीतों को विशेष पहचान मिली। यह संगीत-शैली ब्रिटिश गायिका एम.आई.ए. तथा उनके "मातङ्गी" नामक संगीत-संग्रह के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी। उल्लेखनीय है कि हिन्दी गीतों के अंश अनेक समकालीन लोकप्रिय गीतों तथा पूर्ववर्ती रचनाओं में भी प्रयुक्त हुए हैं; उदाहरणार्थ, सी.जे. का "हूप्टी" गीत चलचित्र "सनम रे" के शीर्षक-गीत से प्रेरित था, और ब्रिट्नी स्पीयर्स का "टॉक्सिक" गीत भी एक प्राचीन हिन्दी चलचित्र-गीत से प्रेरणा ग्रहण करता है। हिन्दी चलचित्र नृत्य दाएँ|अंगूठाकार|बॉलिवुड नृत्य प्रायः फ़िल्मी गीतों के अनुरूप सम्पादित किए जाते हैं। अंगूठाकार|महाविद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत बॉलिवुड नृत्य प्रदर्शन। हिन्दी चलचित्रों का चलचित्र संगीत तथा नृत्य भारतीय परम्परागत शास्त्रीय एवं लोक संगीत नृत्य परम्पराओं का समन्वित रूप है, जिसमें पश्चिमी एशियाई नृत्य प्रविधियों का भी सम्मिश्रण हुआ है। प्राचीन हिन्दी चलचित्रों में प्रदर्शित नृत्य सामान्य जनों के कल्पित नृत्यरूपों का प्रतिनिधित्व करते थे, यद्यपि उनमें मौलिक नृत्यरचना का समावेश होता था। कालान्तर में बॉलिवुड नृत्य एक विशिष्ट तथा ऊर्जस्वित शैली के रूप में विकसित हुआ। क्योंकि ये प्रायः समूह नृत्य होते हैं, अतः इनका उपयोग आनन्ददायक व्यायाम संगीत के रूप में भी किया जाता है।Bollywood dance craze hits YorkshireAugust 2024 InternetArchiveBot yes इस नृत्य शैली ने अनेक अन्तरराष्ट्रीय कलाकारों को भी गहन रूप से प्रभावित किया है और इसका प्रभाव "डोन्ट फ़ङ्क विद माई हार्ट", "कम एण्ड गेट इट", "लेजेण्डरी लवर्स", "बाउन्स", "नेवर गिव अप", तथा विद्युत् नृत्य संगीत की लोकप्रिय रचनाओं "लीन ऑन", "बिबा", "गूसबम्प" (जो "कुङ्ग फ़ू योग" का पार्श्वसंगीत है), "शो" और यूरोविजन-विजेता गीत "टॉय" में भी दृष्टिगोचर होता है। हिन्दी चलचित्र नृत्यों की नृत्य रचना भारतीय लोकनृत्यों, शास्त्रीय नृत्यों (जैसे कथक), तथा डिस्को और पूर्ववर्ती हिन्दी चलचित्र नृत्यों से प्रेरणा ग्रहण करती है। बी. सोहनलाल (साहिब बीबी और गुलाम, ज्वेल थीफ, चौधरी का चाँद) लच्छू महाराज (महल, पाकीज़ा, मुग़ल-ए-आज़म) चिमन सेठ (मदर इण्डिया) कृष्ण कुमार (आवारा, माधोष, अन्दाज़) श्यामक डावर (ताल, बण्टी और बबली, दिल तो पागल है) सरोज ख़ान (बाज़ीगर, सैनिक, वीर-ज़ारा) अहमद ख़ान (रंगीला, परदेस, मेरे यार की शादी है) राजू ख़ान (लगान, कृष) वैभवी मर्चेंट (धूम, स्वदेस, रंग दे बसन्ती) रेमो (जो बोले सो निहाल, प्यार के साइड इफ़ेक्ट्स, वक़्त) फ़राह ख़ान (कभी ख़ुशी कभी ग़म, मानसून वेडिंग, दिल चाहता है) यह भी देखें बाबुल (हिन्दी शब्द) वस्तु संख्या हिन्दी विवाह गीत सन्दर्भ श्रेणी:बॉलीवुड