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पुराने चर्च स्लावोनिक
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पुराने चर्च स्लावोनिक (Old Church Slavonic या OCS), जिसे पुराना स्लावोनिक भी कहा जाता है, प्रथम स्लाव साहित्यिक भाषा थी और यह अब तक प्रमाणित सबसे प्राचीन लिखित स्लाविक भाषा है। यह हिन्द-यूरोपीय परिवार भाषा की बाल्टो–स्लाविक शाखा के दक्षिणी स्लाविक उपसमूह से संबंधित थी। आज भी यह भाषा अनेक पूर्वी ऑर्थोडॉक्स एवं कुछ पूर्वी कैथोलिक चर्चों की धार्मिक भाषा के रूप में प्रयुक्त होती है।https://books.google.co.in/books?id=Cy7mAAAAMAAJ&redir_esc=y The Universal Cyclopaedia 1900 D. Appleton en
इतिहास
9वीं शताब्दी में बीजान्टिन मिशनरी संत सिरिल और संत मेथोडियस ने इस भाषा को मानकीकृत किया और बाइबिल तथा अन्य धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद किया। यह प्रक्रिया स्लाव लोगों के ईसाईकरण का हिस्सा थी। माना जाता है कि इसका आधार थेस्सालोनिकी (वर्तमान ग्रीस) के आसपास बोली जाने वाली स्थानीय स्लाविक बोलियाँ थीं।
पुराने चर्च स्लावोनिक ने बाद में विकसित होने वाले चर्च स्लावोनिक परंपराओं की नींव रखी। इसके माध्यम से प्रोटो-स्लाविक (सभी स्लाव भाषाओं का काल्पनिक पूर्वज) की अनेक विशेषताओं का पता चलता है।https://books.google.co.in/books?id=7BXJgfIo_fYC&pg=PA4&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false Old Church Slavonic Grammar Lunt Horace Gray 2001 Walter de Gruyter 978-3-11-016284-4 en
नामकरण
इस भाषा को समकालीन ग्रंथों में केवल स्लाविक भाषा (словѣ́ньскъ ѩꙁꙑ́къ) कहा गया। बाद में इसे विभिन्न विद्वानों ने अलग–अलग नामों से पुकारा – जैसे पुरानी बुल्गारियाई, पुरानी मैसेडोनियाई, पुरानी स्लोवेनियाई, पुरानी क्रोएशियाई अथवा पुरानी सर्बियाई। किंतु आधुनिक विद्वानों द्वारा सर्वाधिक स्वीकार्य नाम पुराना चर्च स्लावोनिक है।https://books.google.co.in/books?id=D-FRM9isW8AC&pg=PA185&redir_esc=y Speech, Memory, and Meaning: Intertextuality in Everyday Language Gasparov B. 2010 Walter de Gruyter 978-3-11-021910-4 en
वर्णमाला
इस भाषा के लिए सबसे पहले ग्लैगोलिटिक लिपि विकसित की गई, जिसे बाद में सिरिलिक लिपि ने प्रतिस्थापित कर दिया। सिरिलिक लिपि 10वीं शताब्दी के आसपास बुल्गारिया के प्रेस्लाव साहित्यिक विद्यालय में विकसित हुई।
प्रसार
प्रारम्भ में यह भाषा ग्रेट मोरेविया (वर्तमान चेक गणराज्य और स्लोवाकिया का क्षेत्र) में उपयोग हुई। बाद में यह बुल्गारिया साम्राज्य, सर्बिया, क्रोएशिया, बोहेमिया, पोलैंड तथा कीवन रस तक फैल गई। 11वीं शताब्दी तक इसमें क्षेत्रीय भिन्नताएँ उभर आईं, जिन्हें पाठ–परंपराएँ कहा जाता है।
धार्मिक उपयोग
पुराना चर्च स्लावोनिक लंबे समय तक पूर्वी यूरोप की धार्मिक और साहित्यिक भाषा बनी रही। रोमानिया, बुल्गारिया, रूस, यूक्रेन और अन्य स्लाव देशों के चर्चों में यह लिटर्जिकल भाषा''' के रूप में प्रयुक्त होती रही। आज भी रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च, सर्बियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च, बुल्गारियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च, यूक्रेनी ऑर्थोडॉक्स चर्च तथा मैसेडोनियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च में इसे धार्मिक अनुष्ठानों और भजनों में प्रयोग किया जाता है।
सन्दर्भ
श्रेणी:भाषा