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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

स्नेल का नियम

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right|300px|बॉर्डर|फ़्रेमहीन स्नेल का नियम तरंगों के अपवर्तन से सम्बन्धित एक सूत्र (फॉर्मूला) है जो आपतन कोण तथा अपवर्तन कोण के बीच सम्बन्ध स्थापित करता है।David Michael Harland (2007). "Cassini at Saturn: Huygens results https://web.archive.org/web/20141001140911/http://books.google.com/books?id=ScORNbV0E8wC&pg=PA1&dq&hl=en#v=onepage&q=&f=false 1 अक्तूबर 2014 ". p.1. 0-387-26129-X यह नियम निम्नलिखित है- आपतन कोण तथा अपवर्तन कोण के ज्याओं का अनुपात दोनों माध्यमों में तरंग के फेज वेगों (phase velocities) के अनुपात के बराबर या दोनों माध्यमों के अपवर्तनांकों के अनुपात के व्युत्क्रम के बराबर होता है।Ptolemy (ca. 100-ca. 170) Eric Weinstein's World of Scientific Biography http://scienceworld.wolfram.com/biography/Ptolemy.html 18 नवंबर 2018 https://web.archive.org/web/20060427010746/http://scienceworld.wolfram.com/biography/Ptolemy.html 27 अप्रैल 2006 live दूसरे शब्दों में, यहाँ प्रत्येक कोण दोनों माध्यमों की सीमारेखा के अभिलम्ब के सापेक्ष मापा जाता है। दोनों माध्यमों में प्रकाश का वेग है, दोनों माध्यमों के अपवर्तनांक को अभिव्यक्त करता है। स्पष्टीकरण स्नेल के नियम का उपयोग विभिन्न अपवर्तनांकों के साथ अपवर्तक माध्यम के माध्यम से प्रकाश किरणों की दिशा निर्धारित करने के लिए किया जाता है।Optics Hecht Eugene Addison-Wesley 2002 0-8053-8566-5 101 माध्यम के अपवर्तन के सूचकांक जिसको अंकित किए गए https://wikimedia.org/api/rest_v1/media/math/render/svg/ee784b70e772f55ede5e6e0bdc929994bff63413, https://wikimedia.org/api/rest_v1/media/math/render/svg/840e456e3058bc0be28e5cf653b170cdbfcc3be4 तथा इसी प्रकार, का उपयोग उस कारक का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है जिसके द्वारा एक प्रकाश किरण की गति एक अपवर्तक माध्यम, जैसे कि कांच अथवा पानी के माध्यम से यात्रा करते समय कम हो जाती है, जो कि निर्वात में इसके वेग के विपरीत होती है। जैसे-जैसे प्रकाश माध्यमों के मध्य की सीमा से गुजरता है, दोनों माध्यमों के सापेक्ष अपवर्तनांकों के आधार पर, प्रकाश अथवा तो कम कोण अथवा अधिक कोण पर अपवर्तित होगा। इन कोणों को सामान्य रेखा के सम्बन्ध में मापा जाता है, जो सीमा के लम्बवत होते हैं। वायु से पानी में जाने वाले प्रकाश के विषय में, प्रकाश को सामान्य रेखा की ओर अपवर्तित किया जाएगा, क्योंकि पानी में प्रकाश धीमा हो जाता है-पानी से वायु में जाने वाली प्रकाश सामान्य रेखा से दूर अपवर्तित हो जाएगा। सन्दर्भ इन्हें भी देखें अपवर्तन पूर्ण आन्तरिक परावर्तन श्रेणी:प्रकाशिकी श्रेणी:भौतिकी