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411 समाचार
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स्वतंत्र देव सिंह

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स्वतंत्र देव सिंह जलशक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार 22 मार्च 2017 21 अगस्त 2019 मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय 22 मार्च 2017 21 अगस्त 2019 सदस्य, उत्तर प्रदेश विधान परिषद 8 सितंबर 2017 अध्यक्ष, भाजपा उत्तर प्रदेश 16 जुलाई 2019 महेन्द्र नाथ पाण्डेय 1964 02 13 मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश, भारत स्वतन्त्र देव सिंह भारत के एक राजनेता हैं। वे भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष हैं। Swatantra Dev Singh BJP UP Chief Times Now Hindi 2019-07-16 https://hindi.timesnownews.com/india/article/swatantra-dev-singh-appointed-bjp-uttar-pradesh-president/454668 https://web.archive.org/web/20191210055510/https://hindi.timesnownews.com/india/article/swatantra-dev-singh-appointed-bjp-uttar-pradesh-president/454668 10 दिसंबर 2019 dead वर्तमान में ये उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं इसके अलावा वे उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन, प्रोटोकॉल एवं ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रह चुके हैं। १६ जुलाई २०१९ से वे भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। स्वतंत्र देव सिंह जिनका नाम उत्तर प्रदेश के मुख्य्मंत्री बनने को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बना रहा। यह नाम प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिये चल रहा था स्वतंत देव सिंह यूपी भाजपा का अध्यक्ष रहते हुए अपने नेत्रत्व मे भाजपा की यूपी की सत्ता मे पुनः वापसी कराकर एक इतिहास रच दिया , स्वतंत्र देव सिंह ने अपनी कुशल संगठन क्षमता और पूरे प्रदेश में अपनी जबरजस्त लोकप्रियता और संगठन पर अपनी मजबूत पकड़ कार्यकर्ताओं से मृदुभाषा के दम पर भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी कर दी तब से ये नाम भारत की राजनीति में एक उभरता हुआ सितारा है स्वतंत्र देव सिंह का जन्म मिर्जापुर जनपद के एक ग्राम में 13 फरवरी 1964 में हुआ था। इनकी मां का नाम रामा देवी और पिता का नाम अल्लर सिंह था। इनकी शादी झांसी जनपद के सिगार ग्राम में हुई थी। मिर्जापुर जनपद में जन्मे स्वतंत्र देव सिंह ने बुन्देलखंड के जालौन को कर्मभूमि बनाया। यहीं से राजनीति की शुरुआत करते हुए आज पूरे प्रदेश और देश में उनका डंका बज रहा है। स्वतंत्र देव सिंह कुर्मी समाज से आते हैं लेकिन जातीय राजनीत से ये कोसों दूर है बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्मे स्वतंत्रदेव अपने कुशल संगठन कर्ता और लोकप्रियता और अपनी नेतृत्व क्षमता के दम पर देश की राजनीति में अपना लोहा मनवा रहे हैं। स्वतंत्र देव सिंह के बड़े भाई पुलिस विभाग मे कार्यरत थे जिनकी नियुक्ति जालौन में थी इसी कारण स्वतंत्र देव सिंह को उनके बडे भाई श्रीपत जालौन ले आये और यही से उन्होंने इनकी पढ़ाई हुई । यही से स्वतंत्र देव ने राजनीति में कदम रखा। स्वतंत्र देव सिंह ने अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र संघ चुनाव से की थी। उन्होने जालौन के उरई मुख्यालय स्थित डीवीसी कालेज से छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लडा लेकिन वह हार गये। उसके बाद 1986 में आरएसएस से जुड़कर स्वयंसेवक के रूप में संघ का प्रचारक का कार्य करना प्रारम्भ कर दिया। 1988-89 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ए.बी.वी.पी.) में संगठन मन्त्री के रूप में कार्य भार ग्रहण किया। 1991 में भाजपा कानपुर के युवा शाखा के मोर्चा प्रभारी बने। बाद में उन्हे 1994 में बुन्देलखण्ड के युवा मोर्चा के प्रभारी के रूप में विशुद्ध राजनीतिज्ञ के रूप में राजनीति में पदापर्ण किया। 1996 में युवा मोर्चा का महामन्त्री नियुक्त किया। 1998 में दोबारा भाजपा प्रदेश युवा मोर्चा का महामन्त्री बनाया गया। 2001 में भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बने। 2004 में स्वतंत्र देव सिंह बुन्देलखंड से झांसी-जालौन-ललितपुर विधान परिषद के सदस्य चुने गये व प्रदेश महामन्त्री भी बनाये गये। वह 2004 से 2014 तक दो बार प्रदेश महामन्त्री बनाये गये। इससे पहले 2010 में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गए बाद में 2012 में फिर महामंत्री बने और इसी पद पर रहकर 2017 में भाजपा को बुन्देलखंड क्षेत्र में भारी जीत दिलाई। 2013 में इनको पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। स्वतंत्रदेव सिंह 2014 में प्रदेश में भाजपा सदस्यता अभियान के प्रभारी बनाए गए थे। जिसमें  प्रदेश भर से एक करोड़ से ज्यादा नये सदस्य बनाकर स्वतंत्रदेव सिंह ने अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया था। स्वतंत्र देव सिंह ने 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय में भाजपा युवा मोर्चा अधिवेशन आयोजित कराया था।अपने नेतृत्व में उन्होने भाजपा की सीमा जागरण यात्रा (सहारनपुर से पीलीभीत बॉर्डर, गोरखपुर से बिहार तक) कराई थी। वही केन्द्रीय जलसंसाधन विकास मंत्री उमा भारती की गंगा यात्रा में गढ़मुक्तेश्वर (मुरादाबाद) से बलिया तक प्रमुख इंचार्ज रहे। वही 2009 में वह भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार लाल कृष्ण आडवाणी की रैली के प्रमुख कर्ता-धर्ता रहे थे। यूपी में लोकसभा चुनाव से लेकर विधान सभा चुनाव में पीएम मोदी की जितनी भी रैली हुयी है उसे सफल बनाने में स्वतंत्रदेव का बहुत बडा हाथ माना जाता है। स्वतंत्र देव सिंह पीएम मोदी की रैली होने के एक सप्ताह पहले की उस स्थान पर डेरा डाल देते है जिससे वह छोटे कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार करते हुए रैली को किसी भी तरह सफल करा सके। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में 11 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होना था। सपा पार्टी सत्ता में थी और उससे जीतना एक बडी चुनौती थी। भाजपा भले ही 11 सीट न जीत पाई हो लेकिन सहारनपुर सदर सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजीव गुंबर को मिली अप्रत्याशित जीत से साबित हो गया है कि स्वतंत्रदेव सिंह किसी भी सीट पर कमल खिला सकते हैं। दरअसल टिकट के चयन को लेकर नेताओं में आपसी फूट, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का सहारनपुर में विरोध व इस मामले का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार में पहुंचने के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि भाजपा को सहारनपुर में नुकसान होगा। लेकिन पार्टी नेतृत्व की सांसे तब फूली जब राजीव गुंबर के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष का जमकर विरोध हुआ। बाद में अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने वहा डेरा डाल दिया। असर हुआ कि भाजपा नेता एकजुट नजर आने लगे और इस मुश्किल सीट पर विजय मिल गई। गौर करने की बात ये है कि इस सीट पर कुर्मी समाज नाम मात्र का भी नहीं था लेकिन संगठन क्षमता जाति की दीवारों से बहुत आगे की बात है। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ स्वतंत्र देव सिंह कौन हैं जिन्हें भाजपा ने उत्तर प्रदेश में अपना अध्यक्ष बनाया है योगी सरकार में इन्हें बनाया गया मंत्री, मुख्यमंत्री के लिये भी चल रहा था नाम! श्रेणी:उत्तर प्रदेश के राजनेता