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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अर्णोराज चौहान

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शाकंभरी के चाहमान राजा 1135-1150 चौहान वंश अजयराज द्वितीय जगददेव चौहान अर्णोराज चौहान (अर्णोराज चौहान.wav ˈ ə r n oː r aː j ə _ x ɔː h aː n ə) (अर्णोराज चौहान, Arnoraj Chauhan) शैवमतानुयायी थे। येे शाकम्बरी के चौहान राजवंश के राजा थे। नल, आवेल्लदेव, आनाक इत्यादि नामान्तरणो से भी प्रसिद्धि थी। अर्णोराज द्वारा पुष्कर का सुप्रसिद्ध वराहमन्दिर निर्मित किया गया इसलिए इतिहासकारों ने इनको जयवराह की उपाधि दी। 1137 ई में तुर्कों की सेना का संहार किया और खून से रंगी धरती को साफ करने के लिए चंद्रा नदी के जल को रोककर आनासागर झील का निर्माण करवाया। इन्होंने मालवा के परमार वंश शासक नरवर्मन को हराया। अर्णोराज ने गुजरात के चालुक्य राजवंश के शासक जयसिंह सिद्धराज को दो बार बुरी तरह हराया। प्रथम बार हारने पर जयसिंह सिद्धराज ने अपनी बहन कांचनदेवी और दूसरी बार हारने पर अपनी पुत्री देवल देवी का विवाह अर्णोराज से किया। इनकी एक अन्य पत्नी योद्धेय क्षेत्र की राजकुमारी सुधवा देवी थी जिससे इनको तीन पुत्र जगदेव, विग्रहराज चतुर्थ और देवदत्त प्राप्त हुए। हेमचंद्र सूरि की पराशक्ति से वशीभूत होकर अर्णोराज का ज्येष्ठपुत्र जगद्देव ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। उसने स्वयं राजरूप में सिंहासन पर आधिपत्य किया। परन्तु अर्णोराज का द्वितीय पुत्र ने विग्रहराज ने जगद्देव को पराजित किया। एवं विग्रहराज का आधिपत्य में समादलक्ष-प्रदेश का सम्पूर्ण राज्य अन्तर्निहित हुआ। विग्रहराज ने अपने पिता के अपमान का वैरोद्धार भी किया था।अर्णोराज के दरवार में प्रसिद्ध विद्वान देबबोध व धर्मघोष थे। हेमचन्द्राचार्य के द्वयाश्रय महाकाव्य के अनुसार अर्णोराज की उपाधि उदिच्य राट(उत्तर का स्वामी) थी।http://archive.org/details/early-chauhan-dynasties-dashrath-sharma Early Chauhan Dynasties (Dashrath Sharma) Dashrath Sharma 1975 सन्दर्भ श्रेणी:चौहान वंश श्रेणी:शाकंभरी के चाहमान श्रेणी:१२वीं शताब्दी के भारतीय शासक